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25 अगस्त 2026

हम ऑक्सीजन की कमी के कारण लोगों को मरते हुए नहीं देख सकते': ऑक्सीजन की भारी किल्लत पर दिल्ली HC ने केंद्र को लगाई कड़ी फटकार

नई दिल्‍ली. देश में कोरोना वायरस संक्रमण के कारण अस्‍पतालों में हो रही ऑक्‍सीजन की कमी को लेकर संकट की स्थिति बनी हुई है| बुधवार को कोरोना महामारी के बीच ऑक्‍सीजन संकट को लेकर दिल्‍ली हाईकोर्ट ने कें…

हम ऑक्सीजन की कमी के कारण लोगों को मरते हुए नहीं देख सकते': ऑक्सीजन की भारी किल्लत पर दिल्ली HC ने केंद्र को लगाई कड़ी फटकार
हम ऑक्सीजन की कमी के कारण लोगों को मरते हुए नहीं देख सकते': ऑक्सीजन की भारी किल्लत पर दिल्ली HC ने केंद्र को लगाई कड़ी फटकार | फ़ोटो: TVL News

नई दिल्‍ली. देश में कोरोना वायरस संक्रमण के कारण अस्‍पतालों में हो रही ऑक्‍सीजन की कमी को लेकर संकट की स्थिति बनी हुई है| बुधवार को कोरोना महामारी के बीच ऑक्‍सीजन संकट को लेकर दिल्‍ली हाईकोर्ट ने केंद्र सरकार को फटकार लगाई है|  दिल्ली उच्च न्यायालय ने केंद्र सरकार से औद्योगिक उपयोग के लिए ऑक्सीजन सप्लाई को तुरंत रोकने को कहा है।  कोर्ट ने कहा कि आखिर केंद्र सरकार सच्चाई को स्वीकार क्यों नहीं कर रही है। हाईकोर्ट ने मैक्स अस्पताल प्रबंधन की ओर से दाखिल एक अर्जेंट याचिका पर सुनवाई के दौरान यह टिप्पणी की है।




दिल्‍ली के मैक्‍स अस्‍पताल में ऑक्‍सीजन की कमी को लेकर दिल्‍ली हाईकोर्ट में लगाई गई याचिका पर सुनवाई हुई| इस दौरान अस्पतालों में ऑक्सीजन की किल्लत पर हाईकोर्ट ने केंद्र से पूछा कि क्या सरकार के लिए इंसानी जीवन का कोई महत्व नहीं है? कोर्ट ने केंद्र सरकार से औद्योगिक इस्‍तेमाल के लिए दी जा रही ऑक्‍सीजन की सप्‍लाई को तुरंत रोकने को कहा है| हाईकोर्ट ने कहा है कि हम लोगों को ऑक्‍सीजन की कमी के कारण मरता हुआ नहीं देख सकते| दिल्ली को आवंटित ऑक्सीजन कोटा राष्ट्रीय राजधानी तक पहुंच जाएगा| केंद्र ने एचसी को आश्वासन दिया हैं|




दिल्ली हाईकोर्ट ने केंद्र सरकार से कहा,'' सरकार की नीति से खुश नहीं हैं कि वे स्टील प्लांट के संचालन की अनुमति दें, ताकि वे खुद ऑक्सीजन पैदा कर सकें| केंद्र सरकार ने दिल्‍ली हाईकोर्ट से कहा कि,''पिछले कुछ दिनों में 1000 मीट्रिक टन तक ऑक्सीजन उत्पादन में वृद्धि हुई है| हम स्टील प्लांट के साथ पड़े ऑक्सीजन स्टॉक का भी उपयोग कर रहे हैं|



इस पर दिल्ली हाईकोर्ट ने केंद्र सरकार से कहा कि,''तथ्य की बात यह है कि ऑक्सीजन की कमी है| यह हमें देखना है। हम अपनी आँखें बंद नहीं कर सकते| हम ऑक्सीजन की कमी के कारण लोगों को मरते हुए नहीं देख सकते|  केंद्र से दिल्‍ली हाईकोर्ट ने पूछा,'' क्या मानव जीवन सरकार के लिए उतना महत्वपूर्ण नहीं है? 




दिल्ली हाईकोर्ट ने केंद्र सरकार से कहा कि अगर इंडस्ट्री को ऑक्सीजन की सप्लाई की जा रही है तो उसे तुरंत रोक दिया जाए| दिल्ली सरकार ने कहा कि अभी के हालात बद से बदतर होते जा रहे हैं| अस्पतालों में ऑक्सीजन नहीं है| केंद्र सरकार हवाई जहाज के द्वारा ऑक्सीजन मुहैया कराए| हर एक मिनट बहुत जरूरी है| दिल्ली के कई अस्पतालों में मरीज केवल ऑक्सीजन पर ही हैं|




न्यायालय ने कहा,'''हमारी चिंता सिर्फ दिल्ली के लिए नहीं है, हम जानना चाहते हैं कि केंद्र सरकार पूरे भारत में ऑक्सीजन की आपूर्ति के संबंध में क्या कर रही है| HC ने कहा कि सरकार आखिर वास्‍तविक हालात पर जाग क्‍यों नहीं रही| सरकार जमीनी हकीकत को लेकर इतनी बेखबर क्‍यों है? आप ऑक्‍सीजन की कमी के कारण लोगों को इस तरह मरने नहीं दे सकते| 




दिल्ली हाईकोर्ट ने कहा है क‍ि आईनॉक्‍स जैसे स्थापित स्रोतों से ऑक्सीजन की आपूर्ति मांग को पूरा करने में सक्षम नहीं है| आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए जिम्मेदारी केंद्र पर होती है| केंद्र सरकार को ऑक्सीजन की आपूर्ति करने के लिए परिवहन के तरीकों और साधनों पर विचार करना चाहिए, ताकि आपूर्ति लाइनें प्रभावित न हों चाहे एयर लिफ्टिंग से ही क्यों न आपूर्ति पूरी की जाए|




दिल्‍ली हाईकोर्ट ने केंद्र सरकार को आदेश दिया कि वो स्‍टील प्‍लांट और पेट्रोलियम प्‍लांट में उत्‍पादित होने वाली ऑक्‍सीजन को तुरंत अपने अंतर्गत ले और उसे मेडिकल इस्‍तेमाल के लिए सप्‍लाई करे| हाईकोर्ट ने सरकार से यह भी कहा है कि वह जहां ऑक्‍सीजन का उत्‍पादन हो रहा है और जहां उसका सप्‍लाई होनी है, वहां तक सरकार उसे भेजने के लिए सुरक्षित रास्‍ता मुहैया कराए|




दिल्ली HC ने COVID-19 रोगियों के लिए अस्पतालों को ऑक्सीजन की आपूर्ति करने का निर्देश दिया, जो भी आवश्यक हो| मरीजों के लिए अस्पतालों में ऑक्सीजन की आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए केंद्र सरकार के कंधों पर जिम्मेदारी| यदि आवश्यक हो, तो चिकित्सा के उपयोग के लिए स्टील और पेट्रोलियम सहित उद्योगों से ऑक्सीजन के पूरे उत्पादन को डायवर्ट करें|





tvlnews

TVL News (TheViralLines) के संवाददाता। यह रिपोर्ट स्थानीय स्रोतों और उपलब्ध आधिकारिक जानकारी की पुष्टि के बाद प्रकाशित की गई है। किसी तथ्य में सुधार के लिए संपर्क करें या +91 99996 56869 पर WhatsApp करें।

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यह रिपोर्ट 21 अप्रैल 2021 को TVL News पर प्रकाशित हुई और 10 मई 2025 को अपडेट की गई। नई जानकारी मिलने पर खबर को अपडेट किया जाता है।

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