नई दिल्ली: लोक जनशक्ति पार्टी (LJP) में मचे घमासान से परेशान चिराग पासवान ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से उम्मीद लगाई है। उन्होंने कहा है कि मैंने हनुमान की तरह प्रधानमंत्री जी का हर मुश्किल दौर में साथ दिया, आज जब हनुमान का राजनीतिक वध करने का प्रयास किया जा रहा है, मैं ये विश्वास करता हूं कि ऐसे में राम खामोशी से नहीं देखेंगे।
लोजपा के नेता चिराग पासवान ने कहा , मैंने शुरू से स्पष्ट किया कि मेरा गठबंधन BJP के साथ हुआ और मैं आज तक BJP के साथ खड़ा हूं। BJP के हर नीतिगत फैसले का मैंने समर्थन किया जबकि नीतीश जी ने इनके हर फैसले का विरोध किया। अब ये फैसला BJP को लेना है कि वो आने वाले समय में मेरा साथ देते हैं या नीतीश जी का|
चिराग पासवान ने कहा ,''मैंने हनुमान की तरह प्रधानमंत्री जी का हर मुश्किल दौर में साथ दिया, आज जब हनुमान का राजनीतिक वध करने का प्रयास किया जा रहा है, मैं ये विश्वास करता हूं कि ऐसे में राम खामोशी से नहीं देखेंगे|
उन्होंने कहा,'' हम लोगों का पक्ष इतना मजबूत है कि मुझे इसमें कोई संदेह नहीं है कि पापा ने जो पार्टी अपने खून-पसीने से बनाई थी, उसका नाम और चिन्ह दोनों हमारे पास रहेंगे|
दरअसल,''राम विलास पासवान के निधन के एक साल के अंदर ही उनकी बनाई पार्टी लोक जनशक्ति पार्टी दो गुटों में बंट गई है| एक गुट की कमान उनके बेटे चिराग पासवान के हाथों में है जबकि दूसरे गुट की कमान राम विलास पासवान के छोटे भाई पशुपति कुमार पारस के हाथों में हैं| राम विलास पासवान के निधन के एक साल के अंदर ही उनकी बनाई पार्टी लोक जनशक्ति पार्टी दो गुटों में बंट गई है| एक गुट की कमान उनके बेटे चिराग पासवान के हाथों में है जबकि दूसरे गुट की कमान राम विलास पासवान के छोटे भाई पशुपति कुमार पारस के हाथों में हैं|
दोनों गुट का दावा है कि पार्टी का असली कमान उनके हाथों में है और वही राष्ट्रीय अध्यक्ष हैं| हालांकि मौजूदा समय में चिराग पासवान अपने ख़ेमे के इकलौते सांसद हैं|जबकि चाचा पशुपति कुमार पारस के गुट में पार्टी के पाँच सांसद हैं और इन लोगों के अनुरोध पर लोकसभा स्पीकर ओम बिरला ने पशुपति कुमार पास को संसदीय दल के नेता के तौर पर स्वीकृति दे दी है|
LJP में घमासान तब शुरू हुआ, जब LJP के पांच सांसदों ने पशुपति पारस को संसदीय दल का नेता चुन लिया और उसी रात लोकसभा में भी उन्हें संसदीय दल के नेता के तौर पर मान्यता मिल गई थी। वहीं अगले दिन मंगलवार को पारस गुट ने चिराग पासवान को LJP के अध्यक्ष पद से हटा दिया था। पशुपति पारस चिराग पासवान के चाचा हैं और इस गुट में चिराग पासवान के चचेरे भाई प्रिंस राज भी शामिल हैं।