जयपुर : सचिन पायलट की कांग्रेस अलाकमान के साथ सोमवार को हुई बैठक के बाद अब राजस्थान में लंबे समय से जारी सियासी उठापटक समाप्त होती नजर आ रही है। राज्य में पायलट की ओर से उठाए गए मुद्दों के समाधान के लिए कांग्रेस ने तीन सदस्यीय समिति का गठन किया है। दोनों ने मुख्यमंत्री अशोक और पायलट ने ही समिति गठन करने के फैसले का स्वागत किया है। CM गहलोत ने जहां इस निर्णय का स्वागत किया तो दूसरी ओर पायलट ने भी अपना रुख नर्म करते हुए कहा कि राजनीति में व्यक्तिगत शत्रुता का स्थान नहीं है।
CM अशोक गहलोत इस पूरी लड़ाई में खुलेआम पायलट पर वार करते दिखाई दिए थे| CM गहलोत ने मीडिया के सामने पायलट को 'निकम्मा' 'नकारा' बताया था और उनपर(पायलट) कई आरोप भी लगाए थे| इस पर सचिन पायलट ने कहा कि उनके मन में राजस्थान मुख्यमंत्री के प्रति कोई दुर्भावना नहीं है|निकम्मा' टिप्पणी पर सवाल पूछे जाने पर पायलट ने कहा कि 'मैंने अपने परिवार से कुछ संस्कार सीखे हैं|चाहे मैं किसी का कितना भी विरोध करूं, मैंने कभी ऐसी भाषा का इस्तेमाल नहीं किया है|
मीडिया से बात करते हुए सचिन पायलट ने कहा कि,''मैंने अपने परिवार से कुछ संस्कार हासिल किए हैं। कितना भी मैं किसी का विरोध करुं किसी भी दल का नेता हो मेरा कट्टर दुश्मन भी हो। मैंने कभी ऐसी भाषा का प्रयोग नहीं किया।
उन्होंने कहा, अशोक गहलोत जी उम्र में मुझसे काफी बड़े हैं और व्यक्तिगत रूप से मैंने उनका सम्मान ही किया है| 'अशोक गहलोत जी का मैं निजी रूप से उनका सम्मान करता हूं लेकिन मेरे पास काम-काज को लेकर चिंताएं उठाना मेरा अधिकार है| पायलट ने कहा कि 'मैं अपने मन में किसी प्रकार की दुर्भावना नहीं रखता हूं|