●बेटे की तहरीर पर पुलिस ने लिखा मुकदमा
●त्वरित कार्रवाई करते हुए पुलिस ने दोनों अभियुक्त दबोचे
●18 लाख रुपये के लेनदेन को लेकर चल रहा था विवाद
कानपुर: लेनदेन के विवाद में ठेकेदार को जिंदा फूंकने वाले दोनों अभियुक्तों को पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए दबोच लिया है। कानपुर पुलिस ने ठेकेदार राजेंद्र को जिंदा जलाने वाले बिल्डर शैलेंद्र श्रीवास्तव और उनके सहयोगी राघवेंद्र तिवारी को गिरफ्तार कर लिया है| पुलिस अभियुक्तो से पुछताछ करके अग्रिम कार्रवाई कर रही है।
18 लाख रुपये के लेनदेन को लेकर शटरिंग ठेकेदार और बिल्डर शैलेंद्र के बीच विवाद चल रहा था| उसी विवाद के बढ़ने के बाद बिल्डर ने राजेंद्र को जिंदा जला दिया| ठेकेदार की अस्पताल ले जाते वक्त मौत हो गई| मरने से पहले कांट्रैक्टर ने बताया, ‘बिल्डर ने 18 लाख रुपए की वजह से पहले बेरहमी से पीटा फिर पेट्रोल डालकर जिंदा फूंक दिया।’
घटनाक्रम के मुताबिक थाना चकेरी के एन टू रोड एमईएस कॉलोनी निवासी राजेन्द्र पाल शटरिंग का काम करते थे। उनके बेटे अरविंद ने तहरीर देकर पुलिस को बताया कि उनके पिता राजेन्द्र पाल श्याम नगर निवासी बिल्डर शैलेन्द्र श्रीवास्तव और राघवेंद्र तिवारी की बिल्डिंगों में शटरिंग लगाने का काम करते थे। जिसमे उनका करीब 18 लाख रुपये बकाया था
जो कई बार कहने पर भी शैलेन्द्र श्रीवास्तव नहीं दे रहे थे। बुधवार को जब पिता बिल्डर के घर फिर से गए तो उनके साथ मारपीट करके आग लगा दी। सूचना पर जब अरविंद मौके पर पहुचा तो पिता को गंभीर जली हालत में लेकर उर्सला अस्पताल पहुंचा जहाँ डॉक्टरों ने राजेन्द्र को मृत घोषित कर दिया।
अरविंद की तहरीर पर त्वरित कार्रवाई करते हुए मुकदमा पंजिकृत करके दोनों नामजद अभियुक्तों शैलेन्द्र श्रीवास्तव और राघवेंद्र तिवारी को दबोच लिया है। दोनों से पुछताछ करके पुलिस विधिक कार्रवाई कर रही है।