● मोबाइल नंबर से कॉल के बाद भी ₹191800 की ठगी
● क्राइम ब्रांच की साइबर सेल ने असम से किया गिरफ्तार
●अभियुक्त के पास से बड़ी मात्रा में ठगी करने का सामान बरामद
● ठगी करने वाला शातिर बीएससी कंप्यूटर साइंस का छात्र
● तीन साल से कर रहा है लोगों को साइबर ठगी का शिकार
कानपुर: कम पढ़े लिखे लोग ही नहीं बल्कि एक से एक होनहार और हाईली एजुकेटेड लोग भी साइबर ठगों की चाल में फंस जाते हैं। थाना कल्याणपुर क्षेत्र में एक ऐसी ही घटना सामने आई है। आईआईटी कानपुर से पीएचडी कर रही छात्रा को साइबर ठग ने अपना शिकार बना लिया और करीब ₹दो लाख हड़प लिए | खुद के साथ हुई ठगी की जानकारी छात्रा को तो उसने थाना कल्याणपुर और पुलिस कमिश्नरेट कानपुर नगर की क्राइम ब्रांच को सूचित किया। क्राइम ब्रांच की साइबर सेल ने ठगी करने वाले शातिर को असम से दबोच लिया है।
पकड़े गए शातिर की पहचान शंख व्रता गुहा मजूमदार पुत्र स्वर्गीय व्रता गुहा मजूमदार निवासी वार्ड नंबर 4 मकान नंबर 1 बोरा बाजार पंडू रोड रेस्ट कैंप कालीबारी कामरूप मेट्रो गुवाहाटी असम के रूप में हुई। वह बीएससी कंप्यूटर साइंस का छात्र है, अभियुक्त के पास से बड़ी मात्रा में ठगी का सामान बरामद हुआ है।
यह रहा घटनाक्रम:
मूलरूप से सीरिया देश की रहने वाली छात्रा और आईआईटी में रहकर पीएचडी कर रही छात्रा का मिला जाएद मुरसान ने बताया कि मैंने मेक माई ट्रिप (एमएमटी) एप्लीकेशन का उपयोग करके दिल्ली के लिए दिनांक 22 मई, 2022 हेतु एक होटल बुक किया जिसका नाम OYO Flagship 74150 Garg Inn था।
दिनांक 22 मई, 2022 को जब मैं 22.30 hrs. पर वहां गयी तो मुझे पता चला कि होटल बंद था। तत्काल मैंने उपरोक्त होटल की शिकायत मेक माई ट्रिप (एमएमटी) पर की और बुकिंग को रद्द करने और मेरा बुकिंग का पैसा वापस लेने के लिए मैंने कहा, लेकिन उन्होंने कोई जवाब नहीं दिया।
फिर, मैंने वहीं पर दूसरे होटल में बुकिंग सीधे बुकिंग की जिसका नाम Shivam गेस्ट हाउस था और वहीं रुकी। अगले दिन, दिनांक 23 मई, 2022 को मैंने एमएमटी के खिलाफ राष्ट्रीय उपभोक्ता हेल्पलाइन (एनसीएच) https: //consumerhelpline.gov.in/पर शिकायत दर्ज कराई।
उन्होंने मुझे एक डकेट नंबर दिया और कहा कि एमएमटी जल्द ही मुझसे संपर्क करेगी। तभी मैंने दिनांक 23 मई, 2022 को वही शिकायत एमएमटी के खिलाफ इस वेबसाइट http://www. consumercomplaints.in/new_complaint/ पर भी की और मुझे दिनांक 28 मई, 2022 को पता चला वह एक fake वेबसाइट http://www.consumercomplaints.in/new_complaint / थी।
28 मई, 2022 को अपराह्न 02.00 बजे, मुझे एक Scammer का फोन आया जिसने कहा कि वे एमएमटी फंड विभाग (916001196784) से बात कर रहें हैं। उन्होंने यह कहकर कल शुरू की कि उन्हें खेद है और उनके द्वारा मुझे हुई असुविधा के लिए खेद है। उन्होंने मुझसे कहा कि मेरे पैसे वापस पाने के लिए लिंक को खोलें और वाउचर कोड का उपयोग करें।
उन्होंने मुझे कहा कि Gpay खोलकर उसमें बाउचर कोड amount भरें और नोट वाले भाग में Refund from Make My Trip लिखने के लिए कहा। इसके बाद उन्होंने कहा कि लेन-देन पूरा करने के ब??द, पेमेंट गेटवे खुल जाएगा और काटे गए पैसे और बुकिंग रिफंड आपको वापस प्राप्त हो जाएगा। मैंने पहली बार Google Pay का इस्तेमाल किया था। दैनिक सीमा से अधिक होने के कारण यह विफल हो गया था।
मैंने इसे Google Pay पर तीन बार किया क्योंकि उसने मुझसे ऐसा करने के लिए कहा, लेकिन यह विफल रहा। फिर, Scammer ने मुझसे मोबाइल बैंकिंग फंड ट्रांसफर करने के लिए कहा। मैंने तीन लेन-देन किए और मेरा सारा पैसा चला गया। घबरा गयी और चिंतित हो गयी क्योंकि मेरे खाते में कुल रुपये 145103.17 थे लेकिन खाते में शेष रुपये 2703.17 ही बचे, Scammer ने कहा, चिंता न करें, आपका कोई रुपया नहीं खोएगा। यदि आप एक और लेन-देन करते हैं, तो मैं आपके खाते में पैसे वापस कर दूंगा।।
उसने मुझसे पूछा कि क्या मेरे पास दूसरा खाता है, और मैंने कहा कि मेरे पास एसबीआई खाता है। फिर उसने मुझसे रुपये ट्रांसफर करने को कहा। मैंने अपने एसबीआई खाते से मेरे यूबीआई खाते में 50,000 रु. ट्रांसफर किए और उन्होंने कहा, इस बार आपको पहले की तरह MakeMyTrip हेड अकाउंट में ट्रांसफर करने की आवश्यकता नहीं है। बस इसे ट्रांसफर करें ताकि पेमेंट गेटवे खुलता रहे, और फिर हम आगे ब सकें।
मुझे शक हुआ कि मै फंस गयी हूँ और मेरे पैसे वापस पाने का एकमात्र तरीका वह था जो उसने मुझे करने के लिए कहा था। मुझे उस पर शक नहीं हुआ क्योंकि उसने मुझे कल की शुरुआत में ही मेरे बारे में सब कुछ बता दिया था। मुझे लगा कि वह वास्तव में एमएमटी के लिए काम करता है। एक बार जब मेरे एसबीआई खाते से पैसा मेरे यूबीआई खाते में चला गया, तो मैं डर गयी क्योंकि Scammer ने मुझसे कहा था कि होम पेज पर एक लिंक दिखाई देगा। लेकिन कोई लिंक नहीं दिखाई दिया। मैंने उससे कहा कि वह मेरे साथ अब और कोई धोखाधड़ी नहीं करे और मेरे सारे पैसे मेरे GPay खाते में वापस भेज दीजिये।
उसने कहा कि नहीं, ऐसा नहीं हो सकता है, और आपको अपना सारा पैसा वापस पाने के लिए एक अंतिम वाउचर कोड डालने की आवश्यकता है। मैंने कहा, यह एक लेन- देन है, पैसे के लिए अनुरोध नहीं है अगर मैं आपके कहने पर फंड ट्रांसफर करती हूं। उसने कहा कि चलो एक ट्रांसक्शन और करो क्योंकि अगर ट्रांसक्शन नहीं करती हो तो तुम्हे अपना पैसा वापस नहीं मिलेगा।
scammer ने कहा कि यह हमारे ग्राहकों की सुरक्षा के लिए एमएमटी द्वारा बनाई गई एक नई नीति है। Scammer ने कहा कि मैं इस बात से इंकार नहीं कर रहा हूं कि आपने तीन बार मुझे पैसा ट्रांसफर किया है, इसलिए अगर आप चाहती हैं कि हम आपकी मदद करें, तो कृपया एक बार पैसा और ट्रांसफर करें। जब मैंने नहीं कहा, तो उसने कहा, मैं तुम्हें अपने बस से बात करा रहा हूँ।
फिर Scammer ने अपने सीनियर से मेरी बात कराई और सीनियर ने कहा कि चिंता मत करो क्योंकि यही सिर्फ एक रास्ता है जिससे आपको आपके पैसे वापस मिलेगा। फिर मैंने अपना चौथा लेनदेन किया, लेकिन होम पेज पर कोई लिंक नहीं दिखा। इतने में, मेरा दोस्त मेरे पास आया और पूछा कि मैं क्या कर रही हूं। मैंने उससे कहा कि मैं अपनी बुकिंग रिफंड पाने की कोशिश कर रही हूं और मैंने रुपये 191800 ट्रांसफर किए थे लेकिन लिंक नहीं खुल रहा है क्या तुम मेरी मदद कर सकते हो? Scammer फोन पर था और मुझे अपने दोस्त से बात करते हुए सुन रहा था।
मेरे दोस्त ने मुझसे कहा, कि यह संभव नहीं है, कोई भी कंपनी आपको पैसे भेजने के लिए नहीं कहेगी। मेरे दोस्त ने मुझसे फोन लिया और Scammer पर चिल्लाया। Scammer ने मेरे दोस्त से कहा, उस लड़की को फोन दो। यह तुम्हारे मतलब का नहीं है। फिर मैंने फोन वापस ले लिया, और scammer ने मुझसे कहा, कि चिंता मत करो। आपका पैसा मेरे खाते में दिखाई दे रहा है, और यह पांच मिनट में आपके पास ट्रांसफर हो जाएगा। हमारे गेटवे के साथ एक समस्या है। तब तक scanmer ने मुझसे कहा कि कृपया मुझे अपने अन्य बैंक खाते के बारे में बताएं। मैंने उससे कहा कि मेरे मेरे खाते में केवल रुपये 3303.17 हैं।
उसने मुझसे अपने दोस्त से 1 लाख उधार लेने को कहा। मेरा दोस्त उस पर चिल्लाता रहा, तो उसने कहा, रुको, बधाई हो आपकी धनवापसी अब सक्रिय है और आपके बैंक खाते में 17:00 बजे तक दिखाई देगी| 16:57 बजे, कृपया अपना खाता जांचें। यह आखिरी काल था। तुरंत मेरे दोस्त मुझे हमारे IIT Kanpur पुलिस स्टेशन ले गए, हमने साइबर क्राइम में ऑनलाइन शिकायत दर्ज की। 29 मई, 2022, छात्रा शिकायत दर्ज कराने कल्याणपुर पुलिस स्टेशन गई। इसके बाद क्राइम ब्रांच की साइबर सेल ने कारवाई शुरू की।
बरामदगी: एक लैपटॉप ,एक मोबाइल , 10 एटीएम ; 3 पासबुक ; 10 चेक बुक ; 1 सिम
गिरफ्तारी करने वाली टीम में निरीक्षक नीलम पांडे, निरीक्षक गौतम सिंह, हेड कांस्टेबल राहुल कुमार पांडेय, कांस्टेबल राजीव कुमार, आरक्षी चालक प्रवीण कुमार शामिल रहे।