कानपुर: उत्तर प्रदेशके कानपुर के बर्रा से 22 जून को लैब टेक्नीशियन संजीत यादव (28) का अपहरण फिरौती के लिए उसके दोस्त ने साथियों के साथ मिलकर किया था। 26-27 जून को उसकी हत्या कर लाश पांडु नदी में फेंक दी थी।बृहस्पतिवार रात पुलिस ने मामले का खुलासा करते हुए दोस्त कुलदीप, रामबाबू समेत पांच लोगों को गिरफ्तार कर लिया है|
कानपुर में संजीव यादव अपहरण और हत्या मामले में संजीव यादव के शव की तलाश जारी है। 22 जून को संजीव यादव का अपहरण किया गया था और 27 जून को संजीव की हत्या करने के बाद अपहरणकर्ताओं ने उसके शव को नहर में फेंक दिया था। इस मामले में पुलिस ने 5 लोगों को गिरफ्तार किया है।
लैब टेक्नीशियन के रिश्तेदार का दावा है कि उन्होंने अपहरणकतार्ओं को 30 लाख रुपये की फिरौती दी है| लेकिन आईजी कानपुर रेंज मोहित अग्रवाल का कहना है कि अब तक की जांच के अनुसार हमने पाया कि कोई फिरौती की राशि नहीं दी गई है, फिर भी हम सभी एंगल से मामले की जांच कर रहे हैं|
IG कानपुर मोहित अग्रवाल ने कहा,''22 जून को संजीव यादव का अपहरण किया गया था। कल पुलिस ने मामले में 5 अभियुक्तों को गिरफ्तार किया,इसका मास्टर माइंड ज्ञानेंद्र यादव है। 26 जून की रात को जब संजीव ने भागने की कोशिश की तो इन्होंने उसे मारने का फैसला किया और 27जून की सुबह गला दबाकर उसकी हत्या कर दी|
मोहित अग्रवाल ने कहा,''उसके बाद शव को नहर में फेंक दिया। हत्या के बाद 29 जून को इन लोगों ने संजीव के परिजनों से फिरौती की मांग की, पुलिस ने अपहरणकर्ताओं को गिरफ्तार करने की कोशिश की। लेकिन किसी कारण से ऑपरेशन फेल हो गया,इसमें लापरवाही के लिए बर्रा के SHO को निलंबित किया गया|
IG कानपुर ने बताया,''अभी तक की जांच के अनुसार कोई पैसा नहीं दिया गया है। लेकिन क्योंकि परिवार वाले पैसा देने का आरोप लगा रहे हैं इसलिए जांच होगी। अगर पैसा दिया गया है तो वो इनसे बरामद किया जाएगा: 30 लाख रुपये की फिरौती की रकम देने पर मोहित अग्रवाल, IG कानपुर