कोच्चि: विशेष एनआईए कोर्ट ने सबूतों और केस डायरी के आधार पर केरल में सोने की तस्करी मामले में आरोपी स्वप्ना सुरेश की जमानत याचिका खारिज की। अदालत ने सोमवार को एनआईए द्वारा पेश किए गए सबूतों पर गौर करते हुए स्वप्ना सुरेश की जमानत याचिका खारिज कर दी।
कोर्ट ने कहा, "प्रथम दृष्टया सबूत है कि स्वप्ना सुरेश सोने की तस्करी में शामिल थी। स्वप्ना की जमानत याचिका खारिज करने पर विशेष एनआईए कोर्ट ने कहा," "मामले की डायरी में सबूत है कि राजनयिक सामान में सोने की कई बार तस्करी की गई थी। अभियुक्त जानता था कि यह भारत की आर्थिक सुरक्षा के लिए खतरा था। एनआईए द्वारा लगाए गए आरोप समान रहेंगे।
गौरतलब है कि, पिछले साल नवंबर से राजनयिक चैनल के माध्यम से 100 करोड़ रुपये से अधिक की सोने की तस्करी में महिला की कथित भूमिका को लेकर जांच एजेंसी ने ये सबूत जुटाए थे। एनआईए ने जमानत याचिका का कड़ा विरोध करते हुए कहा कि मामले में गहन जांच की जरूरत है। एनआईए ने कहा कि प्रथम दृष्टया यह सबूत हैं कि आरोपी ने जानबूझकर ऐसा कृत्य किया जो सीधे तौर पर गैरकानूनी गतिविधि (रोकथाम) अधिनियम की धारा 15 का उल्लंघन है।
स्वप्ना सुरेश ने अपनी याचिका में आरोप लगाया है कि उसे बिना किसी आधार के सिर्फ कल्पना के सहारे इस अपराध में फंसाया गया है और और यह मामला राज्य तथा केंद्र सरकारों के बीच राजनीतिक प्रतिद्वंद्विता का है, जिसे मीडिया ने तूल दिया।
इससे पहले, राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) ने केरल सोना तस्करी मामले में छह और लोगों को गिरफ्तार किया है और छह स्थानों पर तलाशी ली। एजेंसी ने केरल की राजधानी तिरुवनंतपुरम स्थित यूएई (संयुक्त अरब अमीरात) के वाणिज्य दूतावास में राजनयिक माध्यमों से सोने की तस्करी के मामले में अभी तक 10 लोगों को गिरफ्तार किया है।
उधर,''केरल सोने की तस्करी मामले में राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) की एक टीम मुख्य आरोपी फाजिल फरीद से पूछताछ करने के लिए दुबई पहुंची है।एनआईए ने मामले में प्राथमिकी दर्ज की है, जिसमें सारथ पीएस, स्वप्न प्रभा सुरेश, फाजिल फरीद और संदीप नायर को आरोपी बनाया है।