नई दिल्ली: चुनाव आयोग ने असम, केरल, तमिलनाडु, पश्चिम बंगाल और पुडुचेरी में होने वाले विधानसभा चुनाव की तारीख़ों का ऐलान कर दिया है| पश्चिम बंगाल में 8 चरणों में विधानसभा चुनाव होगा| पश्चिम बंगाल में 8 चरणों में विधानसभा चुनाव के ऐलान से मुख्यमंत्री ममता बनर्जी नाराज हो गई है| 5 राज्यों के चुनाव का ऐलान के बाद मुख्यमंत्री ने प्रेस कान्फ्रेंस कर चुनाव आयोग के फैसले पर सवाल उठाए|
ममता बनर्जी ने कहा कि,''मैं चुनाव आयोग के फैसले का सम्मान करता हूं, लेकिन जिलों में तोड़-फोड़ क्यों। दक्षिण 24 परगना हमारा गढ़ है, वहां मतदान 3 अलग-अलग चरणों में होगा। क्या यह मोदी और शाह की सुविधा के अनुसार किया गया है..? ”उन्होंने कहा कि राज्य के एक ही जिले में दो-तीन चरणों में चुनाव क्यों कराए जा रहे हैं, यह भाजपा ने जानबूझकर करवाया है। उन्होंने कहा कि दक्षिण 24 परगना मारा गढ़ है इसीलिए वहां तीन राउंड में वोटिंग कराने का निर्णय लिया गया है।
ममता बनर्जी ने कहा कि,''राज्य चुनाव के लिए केंद्र अपनी शक्तियों का दुरुपयोग नहीं कर सकता। अगर वे ऐसा करते हैं, तो यह एक बड़ी गड़बड़ी होगी। लेकिन, भाजपा को बंगाल की जनता जवाब देगी। हम आम लोग हैं, हम अपनी लड़ाई लड़ेंगे और जीतेंगे।। उन्होंने कहा कि चुनाव आयोग ने वही किया जो भाजपा ने कहा। ममता ने सवाल किया कि जब तीन राज्यों में एक चरण में और असम में तीन चरणों में चुनाव कराया जा रहा है तो बंगाल में आठ चरणों में चुनाव कराने का फैसला क्यों लिया गया? अन्य राज्यों की तरह बंगाल में भी एक ही राउंड में वोटिंग क्यों नहीं कराई जा रही है।
ममता बनर्जी ने कहा कि,''मैं चुनाव आयोग से अनुरोध कर रही हूँ बंगाल में धन के दुरुपयोग को रोके। बीजेपी ने एजेंसियों के माध्यम से सभी डिस्ट्रिक्ट को पैसा भेजा है| केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह अपनी ताकत का गलत इस्तेमाल कर रहे हैं। प्रधानमंत्री और गृह मंत्री बंगाल के चुनाव के लिए अपनी शक्ति का दुरुपयोग नहीं कर सकते हैं|
केंद्रीय गृह मंत्री को देश के लिए काम करना चाहिए। वह यहां चुनाव के लिए अपनी शक्तियों का दुरुपयोग नहीं कर सकते। हम पीएम का स्वागत करते हैं लेकिन पीएम मोदी पश्चिम बंगाल चुनावों के लिए अपनी शक्तियों का दुरुपयोग नहीं कर सकते हैं| ममता बनर्जी ने कहा कि,,''मैं चुनाव आयोग से अनुरोध करती ???ूं कि वह पश्चिम बंगाल को अपना राज्य मानें, न कि भाजपा की नजर से देखे.. चुनाव आयोग को पश्चिम बंगाल को ‘भगवा खेमे की आंखों से' नहीं देखना चाहिए|