लखीमपुर खीरी: उत्तराखंड के चमोली में रविवार को ग्लेशियर टूटने से बड़ा हादसा हो गया। रविवार को चमोली में ग्लेशियर टूटने की घटना में कई लोगों की मौत हुई है और लगभग 200 लोग लापता हैं| इस आपदा में अब तक 18 शव बरामद हुए है| उत्तर प्रदेश के लखीमपुर खीरी के 30 लोग उत्तराखंड के चमोली में ग्लेशियर टूटने के बाद से लापता हो गए। लोगों को बचाने के लिए रविवार रात से एक सुरंग (Tunnel) में बड़े स्तर पर बचाव अभियान शुरू किया गया है. इस आपदा से नदियों में बाढ़ आ गई|
लखीमपुर खीरी जिलाधिकारी शेलेंद्र सिंह ने बताया,''' लखीमपुर खीरी के 30 लोग उत्तराखंड के चमोली में ग्लेशियर टूटने के बाद से लापता हो गए। "हम गांव बाबूपुरवा में है। हमें 20 लोगों के नाम की सूची मिल गई है। इनसे संपर्क नहीं हो पा रहा। सूची को उत्तराखंड सरकार के साथ साझा कर रहे हैं।"
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अपने आवास पर चमोली में ग्लेशियर टूटने की घटना पर उच्च स्तरीय बैठक की। UP अपर मुख्य सचिव अवनीश अवस्थी ने कहा,''बैठक में सीएम ने आपदा में हमें हर संभव सहायता देने का निर्देश दिया।राजस्व विभाग का जो कंट्रोल रूम स्थापित है इसका एक टोल फ्री नं.1070 और इसका व्हाट्सएप नं. 9454441036 है। कोई भी परिवार जिनके सदस्य वहां काम कर रहे थे यदि वो लापता हैं तो वे इस नंबर पर सूचना दे सकते हैं|
UP अपर मुख्य सचिव अवनीश अवस्थी ने कहा,''इसके साथ ही CM ने हरिद्वार में एक कंट्रोल रूम बनाने के लिए कहा है। सीएम ने निर्देश दिया कि जो घायल हैं उनके इलाज के लिए जो संभव सहायता हो वो यूपी सरकार की ओर से दिया जाए। यूपी के लोग जो वहां मृतक होंगे उन्हें CM कोष से 2 लाख रुपए देने का निर्देश दिया गया है|
वहीं आज,''उत्तराखंड के मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने जोशीमठ इलाके का दौरा किया। उन्होंने बताया, "बचाव दल तपोवन सुरंग के 130 मीटर अंदर तक जा चुका है। अब और 50 मीटर अंदर तक पहुंचने में 2.5-3 घंटे लग सकते हैं। NTPC को 1,500 करोड़ रुपये से अधिक का नुकसान हुआ है।"
चमोली जिलें के रेनी गांव में जोशीमठ शिवालिक बीआरओ के चीफ इंजीनियर ए.एस. राठौर ने बताया,''कल यहां 90 मीटर का एक पुल था जो बह गया है। जैसे ये आपदा हुई तुरंत BRO एक्शन में आ गया। हम दिन-रात मशीनों द्वारा कोशिश कर रहे हैं ताकि यहां यातायात सुचारू हो सके|
उत्तराखंड: मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने वरिष्ठ अधिकारियों के साथ जोशीमठ में आई आपदा में राहत और बचाव कार्यों की समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिये कि क्षेत्र में खाद्य सामग्री पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध हो।राहत एवं बचाव कार्यों में लगे कार्मिकों को भी सभी आवश्यक सामग्री समय पर उपलब्ध हो। राहत एवं बचाव कार्यों के लिए एसडीआरएफ मद से 20 करोड़ रुपये की धनराशि जारी की गई है|
उत्तराखंड त्रासदी पर केंद्रीय मंत्री आर.के. सिंह ने बताया,'''इस वक्त हमारे लिए सबसे बड़ी चुनौती सुरंग में फंसे करीब 34 लोगों को बचाना हैं। अभी हम सुरंग के अंदर 70 मीटर तक गए हैं और करीब 180 मीटर तक और जाना है। किस तरह से हम सुरंग से मलवा निकाले इसके लिए पदाधिकारियों के साथ बातचीत की गई है|
उत्तराखंड त्रासदी पर RJD नेता मनोज झा ने कहा,''जिन परिवारों ने अपनों को खोया हैं ईश्वर उन्हें शक्ति दे। यह आवश्यक है कि हम अपने विकास के मूल्यों और प्रतिमानों पर विचार करें। प्रकृति का शोषण आप कहां तक कर सकते हैं उसकी एक सीमा होनी चाहिए। इस तरह की चीजें दोबारा न हो उस पर विचार करना चाहिए|