दुग्ध उपार्जन में फिसड्डी कई जिलों के दुग्ध संघ महाप्रबंधकों का वेतन रोक दिया गया है। इस कड़ी में मथुरा, गोण्डा, कानपुर, मेरठ और अलीगढ़ के महाप्रबंधकों का एक माह का वेतन रोके जाने के निर्देश दिए हैं।
यह भी हिदायत दी गई है कि किसी भी योजना में लक्ष्य प्राप्ति या विलम्ब होने पर संबंधित का तत्काल वेतन रोक दिया जायेगा।
दुग्ध विकास मंत्री धर्मपाल सिंह ने यह निर्देश सोमवार को यहां पीसीडीएफ सभागार में दुग्ध विकास एवं पशुधन विकास की एक बैठक में दिए। उन्होंने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से राज्य के सभी दुग्ध महासंघों के महाप्रबंधकों को संबोधित किया।
यहां उन्होंने कहा कि सभी महाप्रबंधक आवश्यक रूपरेखा तैयार करके मार्केटिंग के कार्यों पर विशेष ध्यान दे। बिना उचित मार्केटिंग के लाभ नही होगा जिससे पराग के उत्पादों की बिक्री प्रभावित होगी।
दुग्ध विकास मंत्री ने कहा कि किसानों एवं पशुपालकों के हित में किसी प्रकार की लापरवाही या उदासीनता न बरती जाए। पशुपालकों एवं किसानों को प्रशिक्षित किया जाए और उन्हें दुग्ध उत्पादक की नई तकनीकों व नई जानकारियों से अवगत कराया जाए
ताकि प्रति पशु दुग्ध उत्पादकता में वृद्धि हो सके। देशी नस्ल के गायों के संरक्षण पर विशेष बल दिया।
बैठक में दुग्ध विकास विभाग के प्रमुख सचिव के. रवीन्द्र नायक ने आश्वस्त किया कि किसानों एवं पशुपालकों को दुग्ध मूल्य का भुगतान में कोई विलम्ब नहीं किया जायेगा। उन्होंने अधिकारियों को समितियों की संख्या बढ़ाये जाने के संबंध में तत्परता से कार्य किये जाने के निर्देश दिये।