मुख्य सामग्री पर जाएँ
25 अगस्त 2026

भाजपा सरकार में ऊपर से नीचे तक घोटालों और भ्रष्टाचार का बोलबाला, CM योगी पर अखिलेश यादव का वार

लखनऊ: समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं यूपी पूर्व के मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने कहा है कि उत्तर प्रदेश में अन्नदाता किसान भाजपा सरकार की कुनीतियों के कारण घोर संकट में है। किसान की फसल की खुल…

भाजपा सरकार में ऊपर से नीचे तक घोटालों और भ्रष्टाचार का बोलबाला, CM योगी पर अखिलेश यादव का वार
भाजपा सरकार में ऊपर से नीचे तक घोटालों और भ्रष्टाचार का बोलबाला, CM योगी पर अखिलेश यादव का वार | फ़ोटो: TVL News

लखनऊ: समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं यूपी पूर्व के मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने कहा है कि  उत्तर प्रदेश में अन्नदाता किसान भाजपा सरकार की कुनीतियों के कारण घोर संकट में है। किसान की फसल की खुलेआम लूट हो रही है। मुख्यमंत्री जी के सत्ता में चार वर्ष होने को हैं परन्तु अभी तक उनको यह एहसास नहीं है कि अधिकारी उन्हें गम्भीरता से नहीं ले रहे हैं। किसानों के लिए की गई तमाम घोषणाएं फाइलों में धूल खा रही हैं । सभी किसानों की कर्जमाफी का वायदा पूरा नहीं हुआ। फसल बीमा का लाभ बीमा कम्पनियों के हिस्से में गया है, आय दुगनी होने की सम्भावना दूर-दूर तक नहीं। सस्ते कर्ज और लागत से ड्योढ़े मूल्य की अदायगी का इंतजार करते-करते किसानों की आंखें पथरा गई हैं।




अखिलेश यादव ने कहा है कि  ,''जब कृषि अध्यादेशों को अधिनियम बनाया जा रहा था तभी यह आशंका थी कि इससे किसानों का ज्यादा अहित होगा। किसान को न्यूनतम समर्थन मूल्य से वंचित होना पड़ेगा। राज्य में धान खरीद की शुरूआत के साथ किसानों की तबाही के दिन शुरू हो गए हैं। सरकारी दावों के बावजूद कितने धान खरीद केन्द्र खुले हैं या खरीद कर रहे हैं इसकी तो अलग से जांच होनी चाहिए। जब राजधानी लखनऊ के एक क्षेत्र में ही एडीएम साहब और एकाधिक लेखपाल घंटों धान क्रय केन्द्र की तलाश में घूमते रहे तब कहीं एक केन्द्र ढूंढ पाएं वहां भी खरीद नहीं हो रही थी।




उन्होंने कहा,''एक तो किसान को आनलाइन पंजीकरण में ही मुश्किल होती है, दूसरे वहां भी वसूली का खेल शुरू हो गया है। आनलाइन बुकिंग के नाम पर किसान से 50 रूपये से लेकर 100 रूपए तक वसूले जा रहे हैं। धान क्रय केन्द्रों पर किसान अपनी फसल लिए तीन-चार दिन तक पड़ा रहता है। उसके लिए इन केन्द्रों पर आवश्यक सुविधाओं तक की व्यवस्था नहीं है। कभी तौल के लिए मजदूर न होने का बहाना होता है तो कभी डस्टर की कमी का रोना होता है। इसके आगे धान क्रय केन्द्र पर किसानों को धान के मानक अनुकूल न होने का ज्ञान देकर लौटा दिया जाता है।




अखिलेश यादव ने कहा है कि  ,धान क्रय केन्द्रों पर न्यूनतम समर्थन मूल्य 1888 रूपए प्रति कुंतल अदा करना होता है। यहां केन्द्र प्रभारियों और बिचैलियों की साठगांठ की साजिशें शुरू होती है। क्रय केन्द्रों पर खरीद न होने से परेशान किसान को अपनी फसल 1000 या 1100 रूपए प्रति कुंतल बेचने को मजबूर है। धान खरीद में अनियमितता और लापरवाही के ये मामले कोई इसी वर्ष के नहीं है, यही कहानी साढ़े तीन साल से दुहराई जा रही है। मुख्यमंत्री जी लाख कहें अधिकारी उसे अनुसुना कर देते हैं।




अखिलेश यादव ने कहा है कि,''किसा?? का दर्द भाजपा नेतृत्व और सरकार को इसलिए भी महसूस नहीं होता क्योंकि उसकी नीतियां ही किसान विरोधी और पूंजीघरानों की पोषक हैं। गन्ना किसानों का अभी भी पिछले सत्र का लगभग दस हजार करोड़ रूपए से ज्यादा बकाया है। नया सीजन शुरू हो चुका है। गन्ना की कीमत और चीनी मिलों तथा बिचैलियों से किसानों को राहत कैसे मिलेगी? बाढ़ पीड़ित किसानों को पर्याप्त मुआवजा नहीं मिला है। अन्ना पशुओं द्वारा फसलों के नुकसान का मुआवजा भी आज तक नहीं दिया गया है।




उन्होंने कहा,'मुख्यमंत्री जी अपराधियों को जेल भेजने की बात न जाने कितनी बार दुहरा चुके हैं लेकिन हकीकत में मर्ज बढ़ता गया ज्यों-त्यों दवा की। जब किसान लुट चुका होगा तब भाजपा सरकार लुटेरों को चिह्नित करेगी, यह तो अजीब खेल है। भाजपा सरकार में ऊपर से नीचे तक घोटालों और भ्रष्टाचार का बोलबाला है। किसान भी अच्छी तरह समझने लगे हैं कि उनकी लूट इस अंधेरराज में होगी ही। सचमुच, भाजपा है तो किसानों की दुर्दशा मुमकिन है। 




tvlnews

TVL News (TheViralLines) के संवाददाता। यह रिपोर्ट स्थानीय स्रोतों और उपलब्ध आधिकारिक जानकारी की पुष्टि के बाद प्रकाशित की गई है। किसी तथ्य में सुधार के लिए संपर्क करें या +91 99996 56869 पर WhatsApp करें।

मुफ़्त अलर्ट

ऐसी हर खबर सबसे पहले पाएँ

बस्ती, गोंडा, अयोध्या, गोरखपुर और लखनऊ के अपडेट सीधे आपके WhatsApp पर।

इन्हें भी पढ़ें

टॉप न्यूज़ की सभी खबरें

इस खबर से जुड़े सवाल

यह खबर कब प्रकाशित हुई और आखिरी बार कब अपडेट की गई?

यह रिपोर्ट 22 अक्टूबर 2020 को TVL News पर प्रकाशित हुई और 9 मई 2025 को अपडेट की गई। नई जानकारी मिलने पर खबर को अपडेट किया जाता है।

इस क्षेत्र की और खबरें कहाँ पढ़ें?

इस क्षेत्र की ताज़ा खबरें TVL News के ज़िला सेक्शन में पढ़ी जा सकती हैं। thevirallines.net पर बस्ती, गोंडा, अयोध्या, गोरखपुर और लखनऊ के अलग-अलग पेज हर दिन अपडेट होते हैं।

इस खबर में कोई तथ्य ग़लत लगे तो क्या करें?

TVL News हर सुधार को गंभीरता से लेता है। +91 99996 56869 पर WhatsApp करें या thevirallines@gmail.com पर लिखें — पुष्टि के बाद खबर तुरंत सुधारी जाती है।