लखनऊ: यूपी की योगी आदित्यनाथ सरकार ने आज 2017 के बाद से अपना सातवां समग्र बजट पेश किया| प्रदेश के वित्त मंत्री सुरेश खन्ना ने विधानसभा में यह बजट पेश किया| सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने बजट 2023-24 को दिशाहीन बजट बताया हैं| उन्होंने कहा कि,“दिशाहीन बजट जिसमें न वर्तमान की समस्याओं का सुलझाव है न भविष्य का रास्ता, न रोज़गार है न उसका विचार… ऐसे कैसे बनेगी 1 ट्रिलियन की इकॉनमी?
यूपी बजट 2023 पर नेता प्रतिपक्ष अखिलेश यादव ने कहा कि,“ये बजट दिशाहीन दिखाई देता है। इसमें ना आज की समस्याओं का समाधान और ना ही भविष्य के किसी फैसले को आगे लेकर जाने का कोई रास्ता दिखाई देता है। इस बजट ने किसानों, युवाओं, महिलाओं को निराश किया है| उन्होंने कहा कि,“इस बजट में मुझे नहीं लगता कि किसी भी औद्योगिक नीति के तहत उत्तर प्रदेश में निवेश आ पाएगा। बजट में अगर कोई ऐसे इंतजाम हो तो सरकार बताए|
समाजवादी पार्टी के प्रमुख ने कहा कि,“यूपी का सबसे आधुनिक गौ दुग्ध संयंत्र इस सरकार की लापरवाही से बंद है... एक भी स्टेडियम नहीं बना लेकिन खेल विश्वविद्यालय बनाने की बात करते हैं। लखनऊ, आगरा और कानपुर मेट्रो सब कुछ समाजवादी सरकार ने दिया है| उन्होंने कहा कि,“कोई नौकरी नहीं है। सरकार ने सभी MSMEs को नष्ट कर दिया। उनके लिए किसी राहत पैकेज की घोषणा नहीं की। वे कहते हैं 'Ease of doing Business' लेकिन वास्तव में, यह 'Ease of doing Crime' है.
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इससे पहले, अखिलेश यादव ने बजट 2023 पर कहा कि,“1 ट्रिलियन डॉलर अर्थव्यवस्था का जो सपना इन्होंने दिखाया है तो मुझे उम्मीद है कि मुख्यमंत्री और वित्त मंत्री जी विपक्ष और जनता को बताएंगे कि उन्होंने 1 ट्रिलियन डॉलर अर्थव्यवस्था के लिए क्या-क्या कदम उठाए हैं|
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अखिलेश ने कहा कि, हर बजट ऐतिहासिक बोला जाता है लेकिन सच्चाई ये हैं कि अभी तक जो 6 बजट आए हैं उसमें नहीं लगता कि किसान, युवा या बेरोजगारी के लिए कोई बड़े फैसले लिए हो। अगर बड़े फैसले लिए होते तो आज यूपी की अर्थव्यवस्था न जाने कहां पहुंच गई होती| सपा प्रमुख ने कहा कि,“इस सरकार के पिछले 6 बजटों में किसानों और युवाओं के कल्याण के लिए कोई कदम नहीं उठाया गया और बेरोजगारी भी दूर नहीं हुई|