लखनऊ:कोरोनावायरस को फैलने से रोकने के लिए लगाए गए लॉकडाउन का तीसरे चरण से 4 मई से शुरू हुआ हो गया है|कोरोना वायरस की महामारी के कारण सबसे ज्यादा प्रभावित वे मजदूर हो रहे हैं जिनके पास रोजी-रोटी का कोई साधन नहीं बचा है| लॉकडाउन के कारण इन्हें काम नहीं मिल रहा है और ये आर्थिक संकट का सामना कर रहे हैं| पैसों की कमी से जूझते इनमें से कई लोग पैदल ही घर लौटने को मजबूर हैं|
दूसरे राज्यों में फंसे प्रवासी मज़दूरों को लेकर समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने भाजपा सरकार पर साधा निशाना| उन्होने कहा अमीरों को विदेश से वापस लाने का रिकॉर्ड बनाने की चाह रखने वाले अगर देश में ग़रीबों को भी मुफ़्त में वापस लाने का रिकार्ड बनाएं तो कितना अच्छा हो.
अखिलेश यादव ने फोटो शेयर करते हुए ट्वीट मे लिखा है,मुश्किलों में अपना घर बहुत याद आता है जाने दो हमको वतन...कोई हमें बुलाता है अमीरों को विदेश से वापस लाने का रिकॉर्ड बनाने की चाह रखने वाले अगर देश में ग़रीबों को भी मुफ़्त में वापस लाने का रिकार्ड बनाएं तो कितना अच्छा हो.
देशभर में कोरोना वायरस से संक्रमित मरीजों की संख्या में लगातार बढ़ोतरी हो रही है। देश में जारी लॉकडाउन के बावजूद संक्रमितों का आंकड़ा 52 हजार पार कर गया है| कोरोना वायरस के कारण सबसे ज्यादा प्रभावित महाराष्ट्र राज्य है जहां संक्रमितों की संख्या 16 हजार पार कर चुकी है| अकेले मायानगरी मुंबई में 10 हजार पार कर गया है| मुंबई में कोराना केसों की बढ़ती संख्या के कारण भी कई लोग पैदल ही अपने गांव लौट रहे हैं|
मुंबई-नासिक राजमार्ग पर प्रवासी मज़दूर पैदल ही अपने घर (विभिन्न राज्यों में अपने मूल स्थान)जाने को मज़बूर। एक प्रवासी (प्रीति कुमारी)जो जौनपुर (UP)अपने घर जा रही है उसने बताया,"मेरे पास पैसे नहीं हैं।मैं यहाँ अपने बच्चे को कैसे खिलाऊँगी? इसलिए मैं अपने घर जा रही।"