लखनऊ:उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव में भले ही अभी समय बचा हो, लेकिन सियासी बिसात अभी से बिछाई जाने लगी है| प्रदेश में इन दिनों हर राजनीतिक दल को ब्राह्मणों की चिंता खूब सता रही है| सत्तादल भाजपा से लेकर समाजवादी पार्टी और बसपा तक भगवान परशुराम की मूर्ति लगवाने का वादा कर सूबे के ब्राह्मण वोट को साधने की कवायद में है|
समाजवादी पार्टी और बसपा के बाद अब BJP भी परशुराम की भव्य प्रतिमा स्थापित करेगी। बीजेपी के परशुराम की प्रतिमा स्थापित करने वाले बयान पर BSP प्रमुख मायावती ने कहा,''हम तो सार्वजनिक अवकाश भी घोषित करेंगे|
मंगलवार को बसपा सुप्रीमो मायावती ने प्रेस काॅन्फ्रेंस करके कहा कि मुझे मीडिया के माध्यम से पता चला है कि बीजेपी ने कहा कि अगर जरूरत पड़ी तो उनकी सरकार श्री परशुराम की भव्य प्रतिमा स्थापित करेगी। अगर ऐसा होता है, तो हमारी पार्टी विरोध नहीं करेगी बल्कि उसका स्वागत करेगी। मायावती ने कहा कि,''भाजपा सरकार को ऐसा करने में देर नहीं करनी चाहिए। मुझे लगता है कि उन्हें इसे जल्द पूरा करना चाहिए|
मायावती ने कहा कि,''सरकार को जयंती भी घोषित करना चाहिए, सार्वजनिक अवकाश भी घोषित करना चाहिए क्योंकि यह उनके अनुयायियों की मांग है। यह उनके द्वारा नहीं किया गया तो हमारी पार्टी भविष्य में करेगी, अगर यह सत्ता में आती है| मायावती ने कहा कि, अगर वह 2022 में सत्ता में आएंगी तो परशुराम की इससे भी उंची प्रतिमा लगाएंगी| यही नहीं उन्होंने तो पार्क और अस्पताल के नाम भी परशुराम के नाम पर करने की भी घोषणा कर दी|
पिछले साल साथ में लोकसभा चुनाव लड़ने वाले एसपी और बीएसपी ब्राह्मण वोट साधने के लिए इस बार एक दूसरे को कॉम्पिटिशन देने में उतर आए हैं। पिछले दिनों ब्राह्मण वोट भुनाते हुए समाजवादी पार्टी ने सूबे में परशुराम की मूर्ति लगाने का वादा किया। तो मायावती कैसे पीछे रहने वाली थीं। मौके का फायदा उठाते हुए उन्होंने रविवार को एक प्रेस कॉन्फ्रेंस की और एसपी से बड़ी परशुराम की मूर्ति लगाने का ऐलान कर दिया।
पिछले शनिवार पूर्व सीएम व समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने पार्टी के तीन अहम ब्राह्मण नेता -अभिषेक मिश्र, मनोज पांडे व माता प्रसाद पांडे से मुलाकात की| इस मुलाकात के बाद ही अभिषेक मिश्र की ओर से लखनऊ में 108 फीट की परशुराम की प्रतिमा लगाने की घोषणा की गई| इस घोषणा के कुछ घंटे बाद ही रविवार को बसपा सुप्रीमो मायावती ने प्रेस काॅन्फ्रेंस करके कहा कि अगर वह 2022 में सत्ता में आएंगी तो परशुराम की इससे भी उंची प्रतिमा लगाएंगी| यही नहीं उन्होंने तो पार्क और अस्पताल के नाम भी परशुराम के नाम पर करने की भी घोषणा कर दी|
9 अगस्त को BSP प्रमुख मायावती ने कहा कि कोरोना के मद्देनजर राज्य/केंद्र सरकार की कमियों को ध्यान में रखते हुए यूपी में BSP की सरकार बनने पर ब्राम्हण समाज की आस्था के प्रतीक परशुराम और सभी जातियों, धर्मों में जन्मे महान संतों के नाम पर अस्पताल व सुविधा युक्त ठहरने के स्थानों का निर्माण किया जाएगा| मायावती ने कहा कि,''यदि SP सरकार को परशुराम की प्रतिमा लगानी ही थी तो अपने शासन काल के दौरान ही लगा देते। बसपा किसी भी मामले में सपा की तरह कहती नहीं है कर के भी दिखाती है। बसपा की सरकार बनने पर सपा की तुलना में परशुराम जी की भव्य मूर्ति लगाई जाएगी|
इसके बाद समाजवादी पार्टी के नेता मायावती के खिलाफ मुखर हो गए. पूर्व कैबिनेट मंत्री अभिषेक मिश्रा ने कहा -‘बहन जी चार बार यूपी की सीएम रह चुकी हैं, तब उन्होंने परशुराम जी की मूर्ति क्यों नहीं लगाई| परशुराम जी की जयंती पर छुट्टी की घोषणा सपा सरकार में ही हुई थी जिसे बीजेपी सरकार ने बाद में कैंसिल कर दिया|