लखनऊ: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने फिल्म सिटी के निर्माण के संदर्भ में फिल्म जगत से जुड़े महानुभावों के साथ बैठक की। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा, ' देश के फिल्म जगत से जुड़े डायरेक्टर और फिल्म प्रोड्यूसर, आप सभी का इस फील्ड में लम्बा अनुभव है, आप सभी शॉर्ट नोटिस पर उत्तर प्रदेश आए हैं, इसके लिए मैं अपनी पूरी टीम की तरफ से आप सभी का हृदय से अभिनंदन करता हूं|
उन्होंने कहा,उत्तर प्रदेश आबादी के हिसाब से देश का सबसे बड़ा प्रदेश है। यहां 24 करोड़ की आबादी निवास करती है। बिहार, झारखंड, छत्तीसगढ़, मध्य प्रदेश, राजस्थान, हरियाणा, उत्तराखंड और दिल्ली की सीमाएं इससे मिलती हैं। इसके अलावा नेपाल की सीमा भी प्रदेश से मिलती हैं|उत्तर प्रदेश भारतीय संस्कृति का एक केंद्र बिंदु है। प्राचीन पौराणिक कालखंड से लेकर अर्वाचीन काल तक देश की आजादी की लड़ाई में प्रदेश का योगदान रहा है। यहां भगवान राम से लेकर श्रीकृष्ण तक की जन्मस्थली है। गंगा-यमुना की संगमस्थली प्रयागराज भी यहीं है|
मुख्यमंत्री ने कहा,जिस शकुंतला पुत्र भरत के नाम पर देश का नाम भारत पड़ा, उसी हस्तिनापुर के आस-पास का क्षेत्र है, जहां हमने फिल्मसिटी को प्रस्तावित किया है। यमुना अथॉरिटी की ओर से उसके लिए प्रजेंटेशन भी प्रस्तुत किया गया है|जहां पर यह फिल्मसिटी हम प्रस्तावित कर रहे हैं, यह भारत की पहचान का प्रतीक बनेगा। यह गंगा-यमुना के बीच का भूभाग है। यमुना जी के पैरलल यमुना एक्सप्रेस-वे का निर्माण दिल्ली को आगरा से जोड़ने के लिए किया गया है, उसके बीच यह पूरा क्षेत्र पड़ता है|
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा, '''हम फिल्म सिटी के साथ-साथ एक इलेक्ट्रॉनिक सिटी और फाइनेंशियल सिटी भी प्रस्तावित करने जा रहे हैं। जिससे हर प्रकार की आर्थिक और वित्तीय गतिविधियों का संचालन भी वहां से हो सके। इसको लेकर हम बहुत तीव्र गति से अपने कार्यक्रम को आगे बढ़ा रहे हैं|
उन्होंने कहा,''फिल्में समाज का दर्पण हैं। फिल्मों ने हमारी संस्कृति से विश्व जगत को परिचित कराया है। प्रदेश में फिल्म निर्माण को बढ़ावा देने व स्थानीय प्रतिभाओं को विशेष अवसर उपलब्ध कराने के उद्देश्य से उत्तर प्रदेश सरकार ने राज्य में 'मॉडर्न फिल्म सिटी' व 'इंफोटेनमेंट जोन' की स्थापना का निर्णय लिया है। जिसके विकास में आगामी 50 साल की जरूरतों का ध्यान रखा जाएगा।
उन्होंने कहा,''हम भारतीय दृष्टिकोण, सभ्यता और संस्कृति को पूरे देश में गौरव और मर्यादा के साथ पहुंचा सकें, इस भाव को लेकर इस कार्यक्रम को आगे बढ़ाने की आवश्यकता है। मैं आपको इस बात के लिए विश्वास के साथ कह सकता हूं कि आपको बेहतर कनेक्टिविटी प्राप्त होगी|कनेक्टिविटी के साथ-साथ हमने इंफ्रास्ट्रक्चर के लिए भी बहुत कुछ किया है। मेट्रो की फोर-लेन कनेक्टिविटी तो है ही साथ ही मेट्रो की अन्य जो भी आधुनिक सुविधाएं होंगी उन सबके साथ हम इसको जोड़ने जा रहे हैं|
मुख्यमंत्री ने कहा कि,''2017 तक जहां प्रदेश में दो एयरपोर्ट थे। जिसमें एक पर कभी-कभी फ्लाइट आती थी। वहीं अब यहां 7 एयरपोर्ट फंक्शनल हैं और 25 पर कार्य चल रहा है। हम प्रत्येक कोने को चेक कर रहे हैं। आजमगढ़, चित्रकूट, अयोध्या में एयरपोर्ट बन रहे हैं|कुशीनगर में इंटरनेशनल एयरपोर्ट को अगले डेढ़-दो महीने में फंक्शनल कर देंगे। हम दुनिया को भगवान बुद्ध, महावीर और कबीर दे रहे हैं। कुम्भ आयोजन को UNESCO ने अमूर्त सांस्कृतिक धरोहर के रूप में मान्यता दी थी|
उन्होंने कहा,''जब संस्कृति व रंगकर्म की बात होती है तो भगवान श्रीकृष्ण का ध्यान आता है। फिल्मसिटी का जो प्रस्तावित स्थल है, मथुरा से एकदम सटा हुआ है। यह क्षेत्र भारत की पौराणिक, आध्यात्मिक, वैदिक और अन्य सभी परम्पराओं को हमारे साथ जोड़ने का कार्य करता है|जब रामायण, महाभारत, चाणक्य जैसे अच्छे धारावाहिक बनते हैं, अच्छी फिल्में बनती हैं, तब लोगों को अपनी सभ्यता, अपनी संस्कृति की जानकारी होने लगती है, परिवारों का माहौल बदल गया: मुख्यमंत्री
उन्होंने कहा,'आप सब हमारे लिए धरोहर हैं, जो संस्कृति और भारतीय परम्परा को एक मंच देकर आने वाली पीढ़ी तक पहुंचा रहे हैं। सामान्य व्यक्ति इतिहास के पन्नों को नहीं पलटता। लेकिन सिनेमा के माध्यम से आप हमेशा के लिए उसके मानस में इस बात को रखते हुए उसके साथ जोड़ देते हैं|
मुख्यमंत्री मंगलवार को सिनेमा जगत की बड़ी हस्तियों से मुखातिब थे। अनुपम खेर, परेश रावल, उदित नारायण, नितिन देसाई, कैलाश खेर, अनूप जलोटा, अशोक पंडित, सतीश कौशिक सहित जैसे अनेक दिग्गजों के साथ मुख्यमंत्री ने प्रस्तावित फिल्म सिटी के स्वरूप पर विस्तार से विमर्श किया।