लखनऊ: हाथरस में कथित रूप से गैंगरेप मामला: उत्तर प्रदेश के हाथरस में मृत युवती के साथ कथित दुष्कर्म, मारपीट और मृतक का रातों-रात अंतिम संस्कार कराने के मुद्दे पर सुनवाई की। इस केस की सुनवाई के दौरान पीड़ित परिवार भी मौजूद रहा| पीड़ित परिवार को कड़ी सुरक्षा में लखनऊ तक लाया गया|
हाथरस में बिटिया के साथ हुई हैवानियत के मामले में इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ बेंच में सुनवाई हुई। यहां पीड़ित परिवार, अपर मुख्य सचिव (गृह विभाग) अवनीश के अवस्थी, डीजीपी एचसी अवस्थी और स्थानीय प्रशासन, डीएम और एसपी समेत अन्य अधिकारी भी मौजूद रहे|
हाथरस मामले में इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ खंडपीठ में सोमवार को हुई सुनवाई में पीड़ित परिवार व लापरवाही बरतने के आरोपी अफसरों के बयान दर्ज कर लिए गए। मामले में अगली सुनवाई 2 नवंबर को होगी।
हाथरस मामले में इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ बेंच के समक्ष उत्तर प्रदेश सरकार का प्रतिनिधित्व करने वाले एडवोकेट जनरल वीके शाही ने बाहर निकलने के बाद कहा,'' कोर्ट फैसला देगा। सुनवाई की अगली तारीख 2 नवंबर, 2020 है| यूपी सरकार का प्रतिनिधित्व करने वाले अतिरिक्त महाधिवक्ता वी.के. शाही ने कहा,'''कोर्ट ने पीड़ित परिवार के लोगों से पूछताछ की है। हमारे उच्च अधिकारियों से भी कोर्ट ने पूछताछ की है। मामला अभी विचाराधीन है। मामले में अगली तारीख 2 नवंबर है|
हाथरस पीड़ित परिवार की वकील सीमा कुशवाहा ने कहा,''पीड़ित परिवार ने मांग की है कि सीबीआई की रिपोर्ट को गोपनीय रखा जाए। हमारी दूसरी मांग ??ी कि मामला यूपी से बाहर ट्रांसफर किया जाए और तीसरी मांग यह है कि मामला जब तक पूरी तरह से खत्म नहीं होता तब तक परिवार को सुरक्षा प्रदान किया जाए|
वहीं,मृतक का रातों-रात अंतिम संस्कार कराने के मामले में हाथरस के डीएम प्रवीण कुमार लक्षकार ने 19 साल की पीड़िता का दाह संस्कार रात में करने का निर्णय लेने की पूरी जिम्मेदारी ली।प्रवीण कुमार लक्षकार ने बताया कि उन्होंने निवेदन किया था कि मृतका का दाह संस्कार रात में ही कर दिया जाए, क्योंकि उन्हें खुफिया जानकारी मिली थी कि कुछ लोग अपने स्वार्थ के चलते जातिगत हिंसा भड़काने की कोशिश कर सकते हैं।