लखनऊ: राज्यसभा चुनाव से पहले मायावती को बड़ा झटका देते हुए बसपा के 5 बागी विधायकों ने बुधवार को सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव से मुलाकात की| BSP विधायकों के इस फैसले से यूपी की राजनीति में माहौल गर्म हो गया है| अब बहुजन समाज पार्टी की मुखिया मायावती समाजवादी पार्टी पर हमलावर हो गई है|
बहुजन समाज पार्टी की अध्यक्ष मायावती ने कहा कि,''इस बार लोकसभा चुनाव में NDA को सत्ता में आने से रोकने के लिए हमारी पार्टी ने सपा सरकार में मेरी हत्या करने के षड्यंत्र की घटना को भूलाते हुए देश में संकीर्ण ताकतों को कमजोर करने के लिए सपा के साथ गठबंधन करके लोकसभा चुनाव लड़ा था|
उन्होंने कहा कि,''सपा के मुखिया गठबंधन होने के पहले दिन से ही एससी मिश्रा जी को ये कहते रहे कि अब तो गठबंधन हो गया है तो बहनजी को 2 जून के मामले को भूला कर केस वापस ले लेना चाहिए, चुनाव के दौरान केस वापस लेना पड़ा|
मायावती ने कहा कि,''चुनाव का नतीजा आने के बाद इनका जो रवैया हमारी पार्टी ने देखा है, उससे हमें ये ही लगा कि केस को वापस लेकर बहुत बड़ी गलती करी और इनके साथ गठबंधन नहीं करना चाहिए था|
बता दें कि,''उत्तर प्रदेश में बहुजन समाज पार्टी में बगावत हो गई है। बुधवार को राज्यसभा चुनाव से पहले बहुजन समाज पार्टी की मुखिया मायावती को बड़ा झटका | बसपा के प्रत्यशी रामजी गौतम के 10 प्रस्तावकों में से 5 प्रस्तावकों ने अपना प्रस्ताव वापस ले लिया।इसके बाद 5 विधायकों ने सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव से मुलाकात की।विधायकों के इस फैसले से बसपा प्रत्याशी की उम्मीदवारी पर संकट खड़ा हो गया है।
विधायकों के इस फैसले से बसपा प्रत्याशी की उम्मीदवारी पर संकट खड़ा हो गया है।इन विधायकों में असलम राईन, असलम चौधरी, हरगोविंद भार्गव, हाकिम सिंह बिंद और मुज्तबा सिद्दीकी हैं। वहीं दो अन्य सुषमा पटेल और वंदना सिंह के भी बागी होने की खबर है|
बसपा को एक और बड़ा झटका लगने की संभावना है| सूत्रों के अनुसार,'' बसपा के विधानमण्डल दल के नेता लाल जी वर्मा भी सपा में शामिल हो सकते है| उत्तर प्रदेश पूर्व वित्त मंत्री और अंबेडकर नगर कद्दावर नेता लाल जी वर्मा भी अखिलेश यादव के सम्पर्क में हैं|
बता दें कि रामजी गौतम ने राज्यसभा के उम्मीदवार के रूप में 26 अक्तूबर को नामांकन किया था तब उनके साथ पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव सतीश चंद्र मिश्रा व कई अन्य नेता मौजूद थे। भिनगा के बसपा विधायक मो. असलम राईन ने फोन पर बताया कि चार विधायकों ने लिखकर दिया है कि राम जी गौतम के प्रस्तावक के रूप में उन लोगों ने दस्तखत नहीं किया। उनके फर्जी हस्ताक्षर बनाए गए हैं।राईन ने कहा कि कूटरचित हस्ताक्षर के लिए वह विधिक कार्रवाई करेंगे। फर्जी हस्ताक्षर की शिकायत करने वाले विधायकों में मुज्तबा सिद्दीकी, हाकिम लाल बिंद व असलम चौधरी हैं।