लखनऊ: कांवड़ यात्रा को लेकर यूपी पुलिस ने एक नया फरमान (निर्देश)जारी किया जिसे लेकर हैं लेकर देशव्यापी बहस शुरू हो गई है। इस नए निर्देश में कहा गया है कि हर दुकानदार को अपने नाम का बोर्ड सामने लगाना पड़ेगा। जिससे कोई कावड़िया गलती से मुसलमान की दुकान से सामान न खरीद ले। कांवड़ यात्रा को लेकर मुजफ्फरनगर के एसएसपी ने कांवड़ यात्रा वाले मार्ग पर स्थित ठेले वालों, ढाबों और होटलों पर प्रोपराइटर व संचालकों के नाम लिखने के आदेश दिए हैं।
पुलिस के इस निर्देश पर बसपा सुप्रीमो मायावती ने आपत्ति जताई है। उन्होंने कहा,''यह नया सरकारी आदेश गलत परम्परा है ,जो सौहार्दपूर्ण वातावरण को बिगाड़ सकता है। जनहित में सरकार इसे तुरन्त वापस ले।
मायावती ने अपने सोशल मीडिया एक्स पर लिखा कि,''पश्चिमी यूपी व मुजफ्फरनगर जिला के कांवड़ यात्रा रूट में पड़ने वाले सभी होटल, ढाबा, ठेला आदि के दुकानदारों को मालिक का पूरा नाम प्रमुखता से प्रदर्शित करने का नया सरकारी आदेश यह गलत परम्परा है जो सौहार्दपूर्ण वातावरण को बिगाड़ सकता है। जनहित में सरकार इसे तुरन्त वापस ले।
उन्होंने आगे कहा कि ,''इसी प्रकार, यूपी के संभल जिला प्रशासन द्वारा बेसिक सरकारी स्कूलों में शिक्षक व छात्रों को कक्षा में जूते-चप्पल उतार कर जाने का यह अनुचित आदेश भी काफी चर्चा में है। इस मामले में भी सरकार तुरन्त ध्यान दे।