लखनऊ: लखनऊ के काकोरी इलाके में ATS के ऑपरेशन पर बीएसपी सुप्रीमो मायावती ने सवाल उठाए हैं| उन्होंने कहा कि यूपी विधानसभा आमचुनाव के करीब आने पर ही इस प्रकार की कार्रवाई लोगों के मन में संदेह पैदा करती है|उन्होंने कहा कि ,''अतः सरकार ऐसी कोई कार्रवाई न करे जिससे जनता में बेचैनी और बढ़े।
मायावती ने ट्विटर पर लिखा कि 'यूपी पुलिस का लखनऊ में आतंकी साजिश का भण्डाफोड़ करने व इस मामले में गिरफ्तार दो लोगों के तार अलकायदा से जुड़े होने का दावा अगर सही है तो यह गंभीर मामला है और उचित कार्रवाई होनी चाहिए वरना इसकी आड़ में कोई राजनीति नहीं होनी चाहिए जिसकी आशंका व्यक्त की जा रही है।
उन्होंने कहा कि,'' यूपी विधानसभा आम चुनाव के करीब आने पर ही इस प्रकार की कार्रवाई लोगों के मन में संदेह पैदा करती है। अगर इस कार्रवाई के पीछे सच्चाई है तो पुलिस इतने दिनों तक क्यों बेखबर रही? यह वह सवाल है जो लोग पूछ रहे हैं। अतः सरकार ऐसी कोई कार्रवाई न करे जिससे जनता में बेचैनी और बढ़े।
बता दे कि रविवार को लखनऊ के काकोरी में एटीएस ने 2 संदिग्ध आतंकियो को हिरासत में लिया था। लखनऊ से गिरफ़्तार किए गए दो आतंकवादियों को आज कोर्ट में पेश किया गया । अलकायदा के अंसार गजवत-उल-हिंद से जुड़े दो आतंकियों को कल लखनऊ के काकोरी से गिरफ्तार किया गया था, उन दो आतंकियों को 14 दिन की पुलिस रिमांड पर भेज दिया गया है।
सोमवार को यूपी के एडीजी कानून व्यवस्था प्रशांत कुमार ने बताया कि,''दोनों गिरफ़्तार लोगों को आज न्यायालय में पेश किया गया। उनकी 14 दिन की रिमांड पुलिस ने मांगी थी, जिसे कोर्ट ने स्वीकृत कर दिया है। अब 14 दिन की पुलिस कस्टडी रिमांड में उनसे गहन पूछताछ की जाएगी|
उत्तर प्रदेश के DGP मुकुल गोयल ने कहा कि,''अलकायदा के स्लीपर सेल के बारे में सूचना तंत्र विकसित किया गया था, जिसके बाद कल उनके 2 लोगों को गिरफ़्तार किया गया। उनसे पूछताछ की जाएगी और इनके साथियों के बारे में जानकारी प्राप्त की जाएगी.. ATS ने बड़ी मेहनत से इस साज़िश को उजागर किया|