लखनऊ: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा,''विपक्ष के एजेंडे में किसान, नौजवान, महिला, गांव और गरीब कभी नहीं थे, तुष्टिकरण ही उनका एजेंडा था। विपक्ष, 'मंडियों की समाप्ति' का झूठ फैलाकर किसानों को गुमराह करने का कार्य कर रहा है। यह किसान भाइयों के साथ सीधे-सीधे धोखा है। इसलिए भारतीय जनता पार्टी के प्रत्येक कार्यकर्ता द्वारा किसानों के साथ संवाद बनाकर उनको सच्चाई बताए जाने की आवश्यकता है।
2017 से पहले प्रदेश में किसान के गेहूं, दलहन, तिलहन के लिए सरकारी खरीद की व्यवस्था ठीक नहीं थी जबकि हमारी सरकार ने रिकॉर्ड धान की खरीददारी की और पैसा सीधे किसानों के खाते में पहुंचाया गया| कॉन्ट्रैक्ट फार्मिंग पहले से ही थी, बैद्यनाथ कंपनी पहले से यह काम कर रही है, यह विकल्प है बाध्यता नहीं है, दूसरे गुमराह कर रहे हैं|
मंडी सुविधा किसानों के लिए है अगर कोई किसान अपनी उपज को दूसरे जनपद में बेचना चाहता है तो उसे कोई रोक नहीं सकता| पहले मकई का रेट 1100 रुपए था जिसे 1800 रुपए किया गया, जिसका लाभ किसानों को हुआ| देश के अंदर लगातार लंबे समय तक कांग्रेस की सरकार थी, लेकिन उन्होंने कभी किसान स्वॉयल हेल्थ कार्ड, प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना, प्रधानमंत्री सिंचाई बीमा योजना लागू नहीं की|
विपक्षी पार्टियों के एजेंडे में किसान नहीं बल्कि जातिवाद था, तुष्टीकरण था लेकिन आज ईज ऑफ लिविंग को आसान करने के लिए 40 लाख गरीबों को आवास मुहैया कराया गया|