यूपी पंचायत चुनाव 2020-21: ग्राम प्रधान इलेक्शन में इस बार जानिए कितनी सीट हो सकती है महिलाओं के लिए आरक्षित| यूूपी की मौजूदा ग्राम पंचायत का कार्यकाल 25 दिसबंर को खत्म हो रहा है, लेकिन उससे पहले चुनाव संभव नही है। सरकार फरवरी 2021 से मई के बीच चुनाव कराने की तैयारी में है। अभी वोटर लिस्ट पुनरीक्षण का काम चल रहा है। इसके साथ पंचायत चुनाव लड़ने वालों की निगाहें आरक्षण सूची पर लगी है। हर कोई यह जानने को बेताब है कि आखिर उनके गांव में आरक्षण स्थिति इस बार क्या रह सकती है।
जानें कैसे आरक्षित होगी सीट:
पंचायतों में आरक्षण लागू करने के लिए राजस्व ग्रामों की जनसंख्या का आकलन किया जाएगा। पांच साल पहले चुनाव के समय ग्राम पंचायत की क्या स्थिति थी, वर्तमान में क्या स्थिति है, उसी आधार पर तय होगा कि उस ग्राम पंचायत की सीट किस प्रत्याशी के लिए आरक्षित होगी।
आगरा में एक तिहाई सीट महिलाओं के लिए:
वर्तमान में जिस वर्ग के लिए सीट आरक्षित है, वह आगामी चुनाव में उस वर्ग के लिए आरक्षित नहीं रहेगी। आरक्षण वरीयता क्रम में एसटी की कुल आरक्षित सीटों में से एक तिहाई एसटी महिला के लिए आरक्षित होंगी। बाकी में महिला या पुरुष दोनों रहेंगे।
एससी की 21 प्रतिशत आरक्षित सीटों में एक तिहाई सीटें इस वर्ग की महिला और बाकी बची सीटें इसी वर्ग के महिला या पुरुष दोनों के लिए होंगी। ओबीसी की 27 फीसदी सीटों में तिहाई सीटें इस वर्ग की महिला के लिए आरक्षित की जाएंगी।
बाकी इस वर्ग की महिला या पुरुष दोनों के लिए अनारक्षित रहेंगी। कुल की 50 प्रतिशत सीटें अनारक्षित होंगी, मगर उनमें एक तिहाई सीटें सामान्य जाति की महिला प्रत्याशियों के लिए आरक्षित रहेंगी। पंचायत चुनाव में सीटों पर आरक्षण अवरोही क्रम में लागू होगा।
आगरा जिला पंचायत राज अधिकारी सुजाता प्रकाश ने बताया कि ग्राम पंचायतों की वर्ष 2011 की जनसंख्या के आंकड़े फीड करा रहे हैं। ब्लॉकों को सीधे लखनऊ से जोड़ा गया है। इस बार पंचायत चुनाव का आरक्षण लखनऊ से ही तय होगा। आरक्षण सूची भी ऑनलाइन जारी होगी। कोई भी घर बैठे पंचायत चुनाव के आरक्षण के बारे में पता कर सकेगा।