लखनऊ: बहुजन समाज पार्टी (बसपा) सुप्रीमो और उत्तर प्रदेश की पूर्व मुख्यमंत्री मायावती ने गुरुवार को अतीक अहमद के बेटे असद और उसके सहयोगी गुलाम के एंकाउटर की उच्च स्तरीय जांच की मांग की। बसपा प्रमुख ने कहा, 'आज प्रयागराज के अतीक अहमद के बेटे व एक अन्य व्यक्ति के पुलिस मुठभेड़ में मारे जाने को लेकर कई तरह की चर्चा चल रही है. लोगों को लग रहा है कि विकास दुबे कांड के दोहराए जाने की उनकी आशंका सच हो गई है। मायावती ने कहा, 'इसलिए उच्च स्तरीय जांच जरूरी है, ताकि घटना के पूरे तथ्य और सच्चाई जनता के सामने आ सके.'
पूर्व मुख्यमंत्री मायावती ने ट्वीट किया, "प्रयागराज के अतीक अहमद के बेटे व एक अन्य की आज पुलिस मुठभेड़ में हुई हत्या पर अनेकों प्रकार की चर्चायें गर्म हैं। लोगों को लगता है कि विकास दुबे काण्ड के दोहराए जाने की उनकी आशंका सच साबित हुई है। अतः घटना के पूरे तथ्य व सच्चाई जनता के सामने आ सके इसके लिए उच्च-स्तरीय जाँच जरूरी।
बताते चलें कि, पूर्व सांसद व गैंगस्टर अतीक अहमद का बेटा असद और मकसूदन का बेटा गुलाम झांसी में डीएसपी नवेंदु और डीएसपी विमल के नेतृत्व में यूपीएसटीएफ की टीम के साथ मुठभेड़ में मारा गया। दोनों पर पांच-पांच लाख रुपए का इनाम था| असद और गुलाम के शवों को पोस्टमार्टम के लिए झांसी मेडिकल कॉलेज लाया गया|
स्पेशल DG (लॉ एंड ऑर्डर ) प्रशांत कुमार ने कहा,'' आज 12:30 से 1 बजे के बीच में एक सूचना के आधार पर कुछ लोगों को रोका गया तो दोनों तरफ से गोलियां चलीं। इस मुठभेड़ में 24 फरवरी को उमेश पाल की हत्या करने वाले दो लोग घायल हुए और बाद में इनकी मृ्त्यु हो गई। इनकी पहचान असद अहमद और गुलाम के रूप में हुई। अभियुक्तों के पास से अत्याधुनिक विदेशी हथियार, बुलडॉग आदि बरामद हुए हैं|
मालूम हो कि,जुलाई 2020 में उत्तर प्रदेश पुलिस के अधिकारियों की एक टीम गैंगस्टर विकास दुबे को गिरफ्तार करने गई थी. हालांकि, जैसे ही पुलिस टीम दुबे के गांव पहुंची, हथियारबंद लोगों के एक बड़े समूह ने उन (पुलिस टीम) पर घात लगाकर हमला कर दिया। गोलाबारी में, आठ पुलिस अधिकारी मारे गए, जबकि दुबे भागने में सफल रहा।
घटना के बाद, यूपी पुलिस ने बड़े पैमाने पर अभियान चलाया और दुबे को अंततः मध्य प्रदेश में गिरफ्तार कर लिया गया। हालांकि, उत्तर प्रदेश वापस जाते समय, गैंगस्टर को ले जा रही पुलिस की गाड़ी पलट गई और उसने भागने की कोशिश की (पुलिस के अनुसार) । पुलिस ने दावा किया कि दुबे ने एक पुलिसकर्मी से बंदूक छीन ली और भागने की कोशिश की। मुठभेड़ में, दुबे को पुलिस ने गोली मार दी,जिससे उसकी मौत हो गई।