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23 अगस्त 2026

व्यापारियों का उत्पीड़न व शोषण बढ़ेगा: GST को ED के दायरे में लाने के फैसले को सपा ने बताया 'व्यापारी विरोधी काला कानून', वापस लेने की मांग की

लखनऊ :समाजवादी पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष एवं एमएलसी नरेश उत्तम पटेल ने कहा कि भाजपा सरकार व्यापारियों को प्रताड़ित कर रही है। सरकार ने जीएसटी में ईडी के दायरे में लाकर व्यापारियों को डराने और धमकाने क…

व्यापारियों का उत्पीड़न व शोषण बढ़ेगा: GST को ED के दायरे में लाने के फैसले को सपा ने बताया 'व्यापारी विरोधी काला कानून', वापस लेने की मांग की
व्यापारियों का उत्पीड़न व शोषण बढ़ेगा: GST को ED के दायरे में लाने के फैसले को सपा ने बताया 'व्यापारी विरोधी काला कानून', वापस लेने की मांग की | फ़ोटो: TVL News

लखनऊ :समाजवादी पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष एवं एमएलसी नरेश उत्तम पटेल ने कहा कि भाजपा सरकार व्यापारियों को प्रताड़ित कर रही है। सरकार ने जीएसटी में ईडी के दायरे में लाकर व्यापारियों को डराने और धमकाने का काम किया है। समाजवादी व्यापार सभा के नेतृत्व में व्यापारी सभी जिलों में जिलाधिकारियों के माध्यम से राष्ट्रपति को ज्ञापन दिया है। ईडी से व्यापारियों का उत्पीड़न और शोषण बढ़ेगा। व्यापार सभा इसे गलत मानती है। व्यापारी जीएसटी से वैसे ही परेशान है।  


भाजपा सरकार जीएसटी में तमाम प्रकार के संशोधन हुए लेकिन अभी भी सही फार्मूला नहीं आया। व्यापारी परेशान है। भाजपा सरकार उनकी बात को नज़रअंदाज कर रही है। भाजपा सरकार पूरी तरह व्यापारी विरोधी है। 



 समाजवादी व्यापार सभा के प्रदेश अध्यक्ष प्रदीप जायसवाल ने भाजपा सरकार द्वारा जीएसटी को ईडी के अन्तर्गत लाने के फैसले को व्यापारी विरोधी काला कानून बताते हुए इसे तुरन्त वापस लिए जाने की मांग की है। उन्होंने कहा कि सभी व्यापारी इसके विरोध में एकजुट हैं। व्यापारी समाज भाजपा को लोकसभा चुनाव में सबक सिखाने का काम करेगा और सत्ता से हटा देगा।  



नरेश उत्तम पटेल एवं प्रदीप जायसवाल आज यहां समाजवादी पार्टी कार्यालय, लखनऊ में मीडिया से वार्ता कर रहे थे। उन्होंने कहा भाजपा सरकार के व्यापारी विरोधी चेहरे को उजागर करने के लिए हर जिले की हर बाजार में पोल खोलो अभियान चलाया जाएगा। अभी समाजवादी व्यापार सभा की ओर से 13 जुलाई को इस तुगलकी कानून के विरोध में राष्ट्रपति को सम्बोधित ज्ञापन जिलाधिकारियों को सौंपा गया है। 



 श्री जायसवाल ने कहा कि जीएसटी को ईडी के अन्तर्गत लाने के फैसले से इंस्पेक्टर राज और भ्रष्टाचार बढ़ेगा जिससे हमारे भोले-भाले व्यापारी अपना व्यापार बंद करने को मजबूर हो जाएंगे। यह कानून व्यापारियों की रीढ़ की हड्डी तोड़ने वाला साबित होगा। इसके अलावा अधिकारी उत्पीड़न की नीयत से हमारे व्यापारी की मेहनत से अर्जित धन और सम्पत्ति को टैक्स चोरी से कमाई गई सम्पत्ति कहकर और डराकर धमकाकर व्यापारियों का शोषण एवं दोहन करेंगे।



 प्रदीप जायसवाल ने बताया कि जीएसटी परिषद की बैठक में दिल्ली, पंजाब, पश्चिम बंगाल, तमिलनाडु, हिमांचल प्रदेश, कर्नाटक, छत्तीसगढ़, तेलंगाना और राजस्थान ने इस नए फैसले पर चर्चा की मांग की थी परन्तु वित्त मंत्री जी ने उनकी बात अनसुनी कर कोई चर्चा करने से ही मना कर दिया। देश एवं प्रदेश में जिस राजनीतिक दल की डबल इंजन सरकार है, इस व्यापारी विरोधी फैसले का विरोध सभी राजनीतिक एवं व्यापारिक संगठनों को खुलकर करना चाहिए।   


जायसवाल ने कहा कि दैनिक उपयोग में आने वाली चीजों के आनलाइन मार्केट से हमारा खुदरा दुकानदार बर्बाद हो गया है। बाजार उजड़ गए हैं। उन्होंने इस आनलाइन मार्केट पर अंकुश लगाने की मांग की।  प्रेसवार्ता में समाजवादी व्यापार सभा के प्रमुख महासचिव यासिर सिद्दीकी, वरिष्ठ उपाध्यक्ष-प्रवक्ता अभिमन्यु गुप्ता, वरिष्ठ उपाध्यक्ष अजय सूद तथा प्रदेश उपाध्यक्ष एवं पूर्वांचल प्रभारी विजय जायसवाल मौजूद रहे।




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