लखनऊ: उत्तर प्रदेश विधानसभा सत्र: समाजवादी पार्टी (सपा) के विधायकों ने लखनऊ में राज्य विधानसभा के बाहर और सदन में राज्य सरकार के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया। अखिलेश यादव के नेतृत्व में समाजवादी पार्टी के विधायकों ने विधानसभा में मणिपुर की घटना पर निंदा प्रस्ताव पारित करने की मांग की।
सदन में अखिलेश यादव ने कहा कि "नेता (CM योगी) सदन मणिपुर की घटना की निंदा नहीं कर सकते क्या? देश के प्रधानमंत्री इसी प्रदेश से आते हैं। नेता सदन वोट मांगने दूसरे राज्य जाते हैं लेकिन दूसरे राज्य की चर्चा नहीं चाहते। मणिपुर हिंसा की पूरे विश्व में निंदा की गई।"
विधानसभा के बाह अखिलेश ने कहा कि,""सदन में समाजवादी पार्टी और माननीय सदस्य चाहते थे कि मणिपुर की घटना पर निंदा प्रस्ताव पास हो। उस घटना ने सबको शर्मसार किया। आज भी वहां पर ये चीजें रुकी नहीं है।" उन्होंने कहा कि,''मणिपुर क्यों नहीं जा रहे हैं? आप वोट मांगने के लिए स्टार प्रचार है। अगर आप जनता से वोट मांगने जाते है तो आपकी जिम्मेदारी बनती है कि ऐसी कोई घटना हो तो उसकी निंदा करें। निंदा प्रस्ताव पास होता, इसी की मांग विपक्ष कर रहा था।"
उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने कहा,''यदि विपक्ष के पास कोई मुद्दा है, तो वे हमारे पास आ सकते हैं और सरकार चर्चा करने और बहस करने के लिए तैयार है...यदि विपक्ष लोगों के हित के लिए सकारात्मक चर्चा चाहता है, तो सरकार उनके सभी सवालों का जवाब देने के लिए तैयार है..|
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा,''कल सर्वदलीय बैठक में हमने विपक्ष को स्वस्थ चर्चा के लिए आमंत्रित किया। हम जवाब देने के लिए तैयार हैं। पिछले छह वर्षों में पीएम मोदी के नेतृत्व में राज्य ने विकास की नई ऊंचाइयों को छुआ है... हम स्पीकर और विपक्षी विधायकों से बाढ़, सूखे के मुद्दे पर चर्चा करने की अपील करेंगे..|