महाकुंभ के दौरान विंध्याचल में आने वाले श्रद्धालुओं की संख्या बहुत अधिक बढ़ गई है और ऐसे में जिला प्रशासन ने सुरक्षा के मद्देनजर एक बार फिर तीन दिन के लिए बंद कर दिए हैं।
सारे जोनल एवं सेक्टर मजिस्ट्रेट में लगे अधिकारियों की ड्यूटी 15 फरवरी बढ़ाई गई है। अब तक एक करोड़ से ज्यादा श्रद्धालु विंध्य क्षेत्र की अधिष्ठात्री देवी मां विंध्यवासिनी देवी के दर्शन कर चुके हैं।
विंध्याचल वाराणसी प्रयागराज मार्ग पूरी तरह से जाम चल रहा है। बुधवार को माघी पूर्णिमा पर्व पर अब तक की सबसे ज्यादा भीड़ होने का अनुमान है। विंध्याचल ने एक दिन में इतनी भीड़ नहीं देखी है। यहां लगातार भीड़ बढ़ रही है।
जिला प्रशासन ने भीड़ नियंत्रित करने के लिए काशी विश्वनाथ और अयोध्या मंदिर के तर्ज पर सुरक्षा व्यवस्था की है। विंध्याचल मंडल के कमिश्नर बालकृष्ण त्रिपाठी ने खुद कमान संभाली है और विंध्???ाचल में ही डेरा डाल रखा है।
जिलाधिकारी और पुलिस अधीक्षक एवं अन्य अधिकारियों के साथ बैठक कर व्यवस्था के संबंध में पल-पल की जानकारी ले रहे हैं।
रविवार और सोमवार को 15 लाख से अधिक श्रद्धालु मां के दर्शन को पहुंचे, जिससे भीड़ संभालना कठिन हो गया था। जिला प्रशासन ने सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए हैं।
महाकुंभ के बाद प्रसिद्ध विंध्याचल धाम में लौटकर यहां मां विंध्यवासिनी देवी के दर्शन करने का अनुमान जिला प्रशासन को पहले से था।
लिहाजा प्रशासन ने सुरक्षा की मुकम्मल व्यवस्था कर रखी है। यहां इन दिनों लाखों की संख्या में श्रद्धालु आ रहे हैं। पूरा विंध्याचल दर्शनार्थियों से ठठा-ठस भरा पड़ा है।
घाटों से लेकर विंध्याचल नगर क्षेत्र में पांव रखने की जगह नहीं है। जिला प्रशासन भगदड़ की स्थिति पैदा न हो, इसके लिए फूंक-फूंक कर कदम उठा रहा है। पुलिस ने यातायात में कई परिवर्तन कुंभ शुरू होने के बाद किए हैं।
बड़े वाहनों को विंध्याचल क्षेत्र में आने से रोक दिया गया है। पर यह नाकाफी साबित हो रहा है। लाखों गाड़ियां रोज दौड़ नहीं बल्कि रेंग रही हैं। असल में मिर्जापुर शहर की सड़कें मुगल कालीन गलियां ही हैं।
पूरा इलाका जाम और भीड़ के जद में है। एक सप्ताह से प्रयागराज विंध्याचल वाराणसी मार्ग पर जबरदस्त जाम लगा रहा। यात्री घंटों फंसे रहे।
जाम खुलवाने में आला अधिकारियों को भी मोर्चा संभालना पड़ा। शहर से विंध्याचल जाने वाले मार्ग नटवा से दस किलोमीटर आगे और पीछे जाम था।
जिलाधिकारी प्रियंका निरंजन ने बताया कि बुधवार को माघी पूर्णिमा पर और अधिक भीड़ होने का अनुमान है। यह दस लाख से अधिक भी हो सकती है।
लिहाजा सुरक्षा व्यवस्था नवरात्रि मेले की तरह की गई है। घाटों पर विशेष व्यवस्था की गई है। मेला में मोर्चे पर तैनात अपर जिलाधिकारी शिवप्रताप शुक्ल ने बताया कि अत्यधिक लोग प्रयागराज से यहां आ रहे हैं।