मुंबई:मराठा समुदाय सरकारी नौकरी और शिक्षा में 10% ईडब्ल्यूएस (आर्थिक रूप से कमज़ोर वर्ग) कोटा के तहत लाभ उठा सकता है| महाराष्ट्र सरकार ने दी हरी झंडी| सुप्रीम कोर्ट द्वारा मराठा कोटा खत्म करने के तीन हफ्ते बाद, महाराष्ट्र सरकार ने सोमवार को मराठा समुदाय को सरकारी नौकरियों और शिक्षा में 10% EWS (आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग) कोटा के तहत लाभ उठाने की अनुमति देने का फैसला किया है। लेकिन, मराठों को 10% ईडब्ल्यूएस कोटा के लिए ओपन कैटेगरी में दूसरों के साथ कमपीट करना होगा। पहले मराठा समुदाय को नौकरियों में 12% और शिक्षा में 13% आरक्षण दिया गया था।
महाराष्ट्र के मंत्री नवाब मलिक ने कहा,'जब तक मराठा समुदाय आरक्षण पर कोई स्पष्टता नहीं है, तब तक राज्य सरकार ने मराठा समुदाय का समर्थन करने का फैसला किया जो किसी भी आरक्षण श्रेणी में नहीं आते है, उन्हें ईडब्ल्यूएस आरक्षण कालाभ मिलेगा। 8 लाख रुपये से कम वार्षिक आय वाले समुदाय ईडब्ल्यूएस आरक्षण के लिए पात्र होगें|
गौरतलब है कि सुप्रीम कोर्ट द्वारा मराठा आरक्षण रद किए जाने के निर्णय के बाद से राज्य सरकार मराठा समुदाय के लोगों को राहत देने का प्रयास कर रही है। सरकार का कहन था कि जब राज्य में मराठा आरक्षण लागू था तब मराठा समुदाय ईडब्ल्यूएस आरक्षण का लाभ नहीं उठा सकता था। लेकिन सुप्रीम कोर्ट द्वारा मराठा आरक्षण रद किए जाने के फैसले के बाद, राज्य सरकार ने मराठा समुदाय के लोगों को ईडब्ल्यूएस आरक्षण देने का निर्णय लिया है।
5 मई, 2021 सुप्रीम कोर्ट ने महाराष्ट्र सरकार के मराठा आरक्षण के फैसले को खारिज कर दिया था। इसे लेकर शीर्ष अदालत का कहना था कि मराठा आरक्षण के कारण 50 फीसदी तय सीमा का उल्लंघन होगा। 5 जजों की बेंच ने इस पर निर्णय लेते हुए कहा था कि मराठा समुदाय को आरक्षण के दायरे में लाने के लिए शैक्षणिक और सामाजिक तौर पर इस समुदाय को पिछड़ा घोषित नहीं किया जा सकता।
ईडब्ल्यूएस का अर्थ आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग होता है। इसी वर्ग के लोगों के लिए केंद्र सरकार ने 2019 में शिक्षा और नौकरियों में 10 प्रतिशत आरक्षण दिया था। गौरतलब है कि 8 लाख रुपये से कम वार्षिक आय वाले लोग EWS के तहत शिक्षा और नौकरी में आरक्षण प्राप्त कर सकते हैं।