मुंबई: मुंबई पुलिस साइबर सेल ने 'बुली बाई' ऐप मामले में एक और व्यक्ति को हिरासत में लिया है। मुंबई पुलिस साइबर सेल ने जिस 21 वर्षीय इंजीनियरिंग के छात्र विशाल कुमार को कल हिरासत में लिया था उसे आज गिरफ़्तार कर लिया गया है। मुंबई पुलिस साइबर सेल ने सोमवार को 'बुली बाई' ऐप मामले में बैंगलुरु से 21 वर्षीय विशाल कुमार को गिरफ्तार किया था। बुली बाई' ऐप मामले में गिरफ़्तार 21 वर्षीय विशाल कुमार को आज मुंबई पुलिस बांद्रा कोर्ट के समक्ष पेश करेगी।
NCP नेता नवाब मलिक ने कहा कि ,''बुली बाई ऐप मामले में साइबर सेल पुलिस थाने में FIR दर्ज़ की गई है। मामले में बेंगलुरु से एक आरोपी को गिरफ़्तार किया गया है। निश्चित रूप से मामला गंभीर है और पुलिस गंभीरता से मामले की जांच कर रही है, जो भी लोग इस मामले में शामिल हैं उन पर कार्रवाई की जा रही है|
क्या है बुली बाई मामला
बुली बाई” ऐप पर क़रीब 100 मुस्लिम महिला की तस्वीरें अपलोड की गई थी| जिसमें कुछ पत्रकार भी है और उनके फ़ोटो अपलोड कर उनकी बोली लगाई जा रही थी| 'सुल्ली डील्स'(Sulli Deals) के बाद ''बुली बाई” ऐप के जरिए मुस्लिम महिलाओं को नीलाम करने का मामला सामने आया है।' Bulli Bai' एक ऐसा एप्लिकेशन है जो Github एपीआई पर होस्ट किया जाता है और 'Sulli Deal' ऐप के समान काम करता है। ऐप मुस्लिम महिलाओं को सोशल मीडिया पर लोगों के लिए 'सौदे' के रूप में पेश करता है।
बुली बाई” ऐप पर सैकड़ों मुस्लिम महिलाओं की तस्वीरों का दुरुपयोग किया गया और 1 जनवरी को 'बुली बाई' के नाम से गिटहब का उपयोग करके एक ऐप पर एक अज्ञात समूह द्वारा अपलोड किया गया। ऐप को URL Bullibai.github.io पर होस्ट किया गया था। हालांकि लोगों द्वारा सोशल मीडिया पर ऐप को शेयर करने के बाद अब इसे हटा दिया गया है। ऐप से जुड़े एक ट्विटर अकाउंट को भी सस्पेंड कर दिया गया है।
कैसे हुआ खुलासा?
ये मामला तब सामने आया जब शनिवार को एक महिला पत्रकार ने पोस्ट शेयर कर इसकी जानकारी दी। शनिवार के दिन एक महिला पत्रकार ने 'बुल्ली बाई' ऐप पर 'डील ऑफ द डे' बताकर बेची जा रही अपनी तस्वीर को शेयर किया। पत्रकार ने ट्विटर पर कहा, "यह बहुत दुखद है कि एक मुस्लिम महिला के रूप में आपको अपने नए साल की शुरुआत इस डर और घृणा के साथ करनी पड़ रही है।" इस ऐप पर सैकड़ों मुस्लिम महिलाएं "नीलामी" के लिए सूचीबद्ध की गयी थी, जिनकी तस्वीरों को बिना अनुमति से लिये उनसे छेड़छाड़ कर डाला गया।
दिल्ली और मुंबई पुलिस के साथ कर रही जांच
इससे पहले दिन में, दिल्ली पुलिस ने डोडी एप्लिकेशन (dodgy application) के डेवलपर के बारे में गिटहब प्लेटफॉर्म से विवरण मांगा और ट्विटर से अपने प्लेटफॉर्म पर संबंधित "आक्रामक सामग्री" को ब्लॉक करने और हटाने के लिए कहा। पुलिस ने ट्विटर से ऐप के बारे में सबसे पहले ट्वीट करने वाले अकाउंट हैंडलर के बारे में भी जानकारी मांगी है। रविवार को, आईटी मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कहा कि सरकार दिल्ली और मुंबई में पुलिस के साथ काम कर रही है, जहां इस संबंध में मामले दर्ज किए गए हैं।
सुली डील ( Sulli Deal ) क्या था
4 जुलाई, 2021 को, कई ट्विटर यूजर ने 'Sulli Deals' नाम के एक ऐप के स्क्रीनशॉट साझा किए, जिसे गिटहब पर एक अज्ञात समूह द्वारा बनाया गया था। ऐप में एक टैगलाइन थी जिस पर लिखा था "सुल्ली डील ऑफ द डे" और इसे मुस्लिम महिलाओं की तस्वीरों के साथ लगाया गया है। 'Sulli' महिलाओं के खिलाफ इस्तेमाल किया जाने वाला अपमानजनक शब्द है। ऐप बनाने वाले अपने सोशल मीडिया अकाउंट्स से अवैध रूप से मुस्लिम महिलाओं की तस्वीरें एकत्र करेंगे, उन्हें ट्रोल करेंगे, तस्वीरों का गलत इस्तेमाल करेंगे और लोगों को उनकी "नीलामी" में भाग लेने के लिए प्रोत्साहित करेंगे। 'Sulli Deal' विवाद में दिल्ली और उत्तर प्रदेश पुलिस ने दो एफआईआर दर्ज की थीं। सरकार द्वारा 'Sulli Deal' मामले के संबंध में एक पत्र लिखा गया था।