मुंबई: महाराष्ट्र की राजधानी मुंबई में मौसम का बुरा हाल है| भारी बारिश के साथ तूफानी हवाओं ने लोगों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं| मुंबई और पड़ोसी ठाणे और पालघर जिले में बुधवार को भारी बारिश हुई और रेल पटरियों पर पानी जमा हो जाने से उपनगरीय रेल सेवा प्रभावित हुई|लगातार बारिश के कारण मुंबई में बायकुला रेलवे स्टेशन के बाहर पानी जमा हुआ।
मुंबई में पटरियों पर पानी भर गया है| कई वीडियो सामने आ रहे हैं, जिनके मुताबिक मुंबई के जेजे हॉस्पिटल में भी पानी भर गया है| सोशल मीडिया पर भी कई वीडियो सामने आ रहे हैं, जिनमें दिख रहा है कि लोगों के घरों में बारिश का पानी भर गया है|
भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) के नई दिल्ली स्थित राष्ट्रीय मौसम पूर्वानुमान केंद्र/क्षेत्रीय मौसम विज्ञान केंद्र के अनुसार: आज, 5 अगस्त,को भारतीय मानक समय के अनुसार सुबह 08:30 बजे से 17:30 बजे के दौरान मुंबई में हुई वर्षा (≥ 20 सेमी) अत्याधिक भारी वर्षा पहले ही मुंबई के कई हिस्सों में देखी जा चुकी है: कोलाबा: 22.9 सेमी, सांताक्रूज: 8.8 सेमी।
मुंबई के ऊपर चली सतही हवा: कोलाबा के ऊपर 60-70 किमी प्रति घंटे की हवा रिपोर्ट की गई है। आज भारतीय मानक समय के अनुसार 17:00-17:15 बजे के दौरान वायु की गति बढ़ कर कोलाबा के ऊपर 107 किमी प्रति घंटे तक पहुंच गई थी।
मुंबई एवं निकटवर्ती कोंकण तट के साथ तेज हवा, जिसकी गति 70 किमी प्रति घंटे तक पहुंच सकती है, के 06 अगस्त की सुबह तक जारी रहने का अनुमान है और उसके बाद धीरे-धीरे उसमें कमी आने की उम्मीद है।आज रात मुंबई के ऊपर अत्यधिक भारी वर्षा जारी रहने और कल 06 अगस्त से उसमें कमी आने का अनुमान है।
उधर मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने बुधवार को मुंबई और आसपास के इलाकों में हो रही मूसलाधार बारिश के मद्देनजर लोगों से जरूरी नहीं होने पर घर से बाहर नहीं निकलने की अपील की है| सीएम ने हाला?? का जायजा लिया और बीएमसी से कहा कि पुलिस, रेलवे अधिकारियों, स्वास्थ्य महकमे और एनडीआरएफ के साथ समन्वय करें ताकि यह सनिश्चित किया जा सके कि लोगों को कोई परेशानी नहीं हो|
मुख्यमंत्री कार्यालय की ओर से जारी बयान में कहा गया कि सीएम ठाकरे ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि वे भारी बारिश की वजह से जलजमाव,पेड़ उखड़ने और बिजली आपूर्ति बाधिक होने जैसी स्थितियों की निगरानी करें| बयान के मुताबिक मुंबई महानगर क्षेत्र विकास प्राधिकारण के अधिकारियों से यह सुनिश्चित करने को कहा गया कि मेट्रो रेल निर्माण के कार्यस्थल पर कोई अप्रिय हादसा नहीं हो|