मुंबई: महाविकास आघाड़ी सरकार में पूरे 5 साल तक शिवसेना का ही मुख्यमंत्री रहेगा, उसमें किसी की हिस्सेदारी नहीं होगी। ऐसा दृढ़ विश्वास शिवसेना नेता व सांसद संजय राऊत ने व्यक्त किया है।
रविवार को नासिक में शिवसेना सांसद संजय राऊत ने कहा कि महाविकास आघाड़ी सरकार बनाने की प्रक्रिया में वे भी एक हिस्सा और गवाह थे। सरकार के पूरे 5 साल के कार्यकाल में मुख्यमंत्री का पद शिवसेना के पास ही रहेगा, ऐसा कमिटमेंट शुरुआत से ही किया गया है। ,''राकांपा अध्यक्ष शरद पवार ने भी परसों यही बात सार्वजनिक तौर पर कही है
वर्ष 2024 में फिर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सत्ता आएगी? इसके जवाब में राऊत ने कहा कि पश्चिम बंगाल में पराजय भाजपा की नहीं बल्कि नरेंद्र मोदी और अमित शाह की हुई है, ऐसा मीडिया कह रही है। तमिलनाडु और केरल में भी उनका जादू नहीं चला। लिहाजा 2024 के अंदाज अभी से नहीं लगाए जा सकते। राजनीति चंचल होती है। स्वर्गीय पंडित नेहरू, इंदिरा गांधी, अटल बिहारी वाजपेयी कोई भी इसे अपनी मुट्ठी में नहीं रख पाया। उन्होंने कहा कि राकांपा अध्यक्ष शरद पवार और चुनावी रणनीतिकार प्रशांत किशोर की मुलाकात राजनीतिक प्रबंधन का एक हिस्सा थी।
राऊत ने कहा कि,''लोगों की जान बचे, लोगों का स्वास्थ्य सुरक्षित रहे, इस भावना से पंढरपुर आषाढ़ी यात्रा के संदर्भ में राज्य सरकार ने निर्णय लिए हैं। मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे सरकार और प्रशासन ने बहुत कठिन परिश्रम के बाद कोरोना वायरस की दूसरी लहर को काबू में किया है। विरोधी पार्टियों को यदि तीसरी लहर लाना चाहते हैं तो वे भड़काने का काम करें। विपक्षी दल और कुछ संगठन माहौल बिगाड़ने का काम कर रहे हैं तो वे वारकरियों और राज्य की जनता की जान के साथ खिलवाड़ कर रहे हैं।
संजय राऊत ने कहा कि मराठा आरक्षण को लेकर कोई मोर्चा निकालने का विचार कर रहा है तो यह मोर्चा दिल्ली में निकलना चाहिए। मराठा आरक्षण के संदर्भ में अमेंडमेंट करने, संविधान में निर्णय लेने का अधिकार संसद, प्रधानमंत्री और राष्ट्रपति को है, ऐसा सर्वाेच्च न्यायालय ने कहा है। हम सभी को एकजुट होकर दिल्ली जाना चाहिए। इस अवसर पर कृषि मंत्री दादा भुसे, शिवसेना उपनेता बबनराव घोलप सहित शिवसेना के अन्य पदाधिकारी मौजूद थे।