●"लड़की का हाथ पकड़कर प्यार का इजहार करना छेड़छाड़ नहीं है", बॉम्बे हाई कोर्ट ने कहा.
● रिक्शा चालक पर नाबालिग लड़की ने उसका हाथ पकड़कर छेड़छाड़ करने का आरोप लगाया था.
नागपुर: नाबालिग लड़की से छेड़छाड़ केस में सुनवाई करते हुए बॉम्बे हाईकोर्ट ने कहा कि,'' किसी लड़की का हाथ पकड़कर अपने प्यार का इजहार करना छेड़छाड़ नहीं है। रिक्शा चालक पर एक नाबालिग लड़की ने उसका हाथ पकड़कर छेड़छाड़ करने का आरोप लगाया था| केस में बॉम्बे हाईकोर्ट ने कहा कि,''आरोपी को जमानत पर छोड़ने का निर्देश देते हुए कहा कि लड़की का हाथ पकड़कर प्यार का इजहार करना छेड़छाड़ नहीं है|
यह फैसला बॉम्बे हाईकोर्ट की नागपुर बेंच ने सुनाया है| हाईकोर्ट की नागपुर बेंच ने कहा कि पीड़िता के बयान से साफ है कि आरोपी का पीड़िता का यौन उत्पीड़न करने का इरादा नहीं था। ऐसे में आरोपी जमानत का हकदार है। हालांकि कोर्ट ने आरोपी को जमानत देने के साथ ही चेतावनी भी दी कि वह आगे से ऐसा कोई काम नहीं करेगा वरना उसे दी गई छूट वापस ले ली जाएगी।
दरअसल, पिछले साल 1 नवंबर 2022 को पीड़िता के पिता ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई थी कि ऑटो चालक (धनराज बाबू सिंह राठौड़) ने उसकी 17 वर्षीय बेटी का यौन उत्पीड़न करने का प्रयास किया। पिता ने शिकायत में बताया था कि उनकी बेटी कॉलेज और ट्यूशन जाने के लिए आरोपी के ऑटो से जाती थी। बाद में जब उसने ऑटो से जाना बंद कर दिया तो आरोपी ने उनकी बेटी का पीछा करना शुरू कर दिया। 1 नवंबर को ऑटो चालक ने बेटी का हाथ पकड़कर अपने प्यार का इजहार कर दिया। साथ ही पिता ने आरोप लगाया था कि आरोपी चालक ने बेटी को अपनी बाइक पर बिठाकर घर छोड़ने की भी पेशकश की लेकिन पीड़िता किसी तरह छूटकर अपने घर पहुंची।