टोल नहीं चुकाया तो सीधे असर आपकी गाड़ी पर
अगर आप नेशनल हाईवे पर सफर करते हैं और कभी टोल भुगतान में लापरवाही बरती है, तो अब सतर्क हो जाइए। केंद्र सरकार ने टोल चोरी और बकाया उपयोग शुल्क को लेकर बड़ा और सख्त फैसला लिया है। नए नियमों के तहत अगर आपकी गाड़ी पर टोल बकाया है, तो आप:
❌ गाड़ी बेच नहीं सकेंगे
❌ फिटनेस सर्टिफिकेट रिन्यू नहीं करवा सकेंगे
❌ NOC (नो ऑब्जेक्शन सर्टिफिकेट) नहीं मिलेगी
❌ नेशनल परमिट भी जारी नहीं होगा
यह बदलाव सीधे तौर पर करोड़ों वाहन मालिकों को प्रभावित करेगा।
क्या है नया नियम? (New Toll Tax Rules 2026)
केंद्रीय Ministry of Road Transport and Highways ने केंद्रीय मोटर वाहन नियम, 2026 में संशोधन की अधिसूचना जारी कर दी है। इसके साथ ही यह नियम देशभर में लागू हो गए हैं।
सरकार का साफ कहना है कि:
“जब तक वाहन से जुड़ा पूरा टोल बकाया नहीं चुकाया जाएगा, तब तक उससे जुड़े जरूरी दस्तावेज जारी नहीं होंगे।”
क्यों लाया गया यह सख्त नियम?
सरकार देशभर में बैरियर-फ्री टोल सिस्टम लागू करने की तैयारी कर रही है, जिसे Multi Lane Free Flow (MLFF) कहा जाता है। इस सिस्टम में:
टोल प्लाजा पर कोई बैरियर नहीं होगा
गाड़ी चलते-चलते ऑटोमैटिक टोल कटेगा
FASTag / ANPR कैमरों से शुल्क वसूली होगी
सरकार को आशंका थी कि बैरियर हटने के बाद कुछ वाहन मालिक अकाउंट में बैलेंस न रखकर टोल चोरी कर सकते हैं। इसी को रोकने के लिए यह नियम लाया गया है।
किन कामों पर पड़ेगा सीधा असर?
1️⃣ गाड़ी की बिक्री (Vehicle Sale)
अगर आप अपनी पुरानी कार या कमर्शियल वाहन बेचना चाहते हैं, तो:
Form-28 के जरिए NOC लेनी होती है
अब Form-28 में यह घोषणा भी करनी होगी कि
👉 “मेरी गाड़ी पर किसी टोल प्लाजा का कोई बकाया नहीं है”
अगर बकाया पाया गया:
RTO ट्रांसफर रिजेक्ट कर देगा
गाड़ी किसी और के नाम नहीं हो सकेगी
2️⃣ फिटनेस सर्टिफिकेट (Fitness Certificate)
खासतौर पर कमर्शियल वाहनों के लिए फिटनेस सर्टिफिकेट अनिवार्य होता है। नए नियमों के अनुसार:
टोल बकाया होने पर
❌ फिटनेस रिन्यूअल नहीं होगाबिना फिटनेस
❌ गाड़ी सड़क पर चलाना गैरकानूनी होगा
3️⃣ नेशनल परमिट (National Permit)
जो वाहन एक राज्य से दूसरे राज्य में चलते हैं:
उन्हें नेशनल परमिट चाहिए
टोल बकाया होने पर
❌ नेशनल परमिट जारी नहीं किया जाएगा
Unpaid User Fee पर भी कड़ा प्रावधान
सरकार ने Unpaid User Fee (अवैतनिक उपयोग शुल्क) की परिभाषा को भी सख्त किया है।
यदि:
ETC / FASTag सिस्टम में वाहन की एंट्री दर्ज हुई
लेकिन पूरा टोल वसूल नहीं हो पाया
तो:
वह राशि वाहन मालिक के खाते में बकाया मानी जाएगी
और इसका भुगतान जरूरी होगा
यह प्रावधान National Highways Authority of India के टोल नेटवर्क पर लागू होगा।
FASTag और MLFF सिस्टम से कैसे जुड़े हैं ये नियम?
FASTag और आने वाला MLFF सिस्टम सरकार की डिजिटल टोलिंग रणनीति का हिस्सा हैं।
विशेषज्ञों के मुताबिक:
हर वाहन का टोल रिकॉर्ड सेंट्रल डेटाबेस में होगा
RTO, परिवहन विभाग और NHAI के सिस्टम आपस में जुड़े होंगे
जैसे ही आप:
गाड़ी बेचने
फिटनेस रिन्यू कराने
परमिट लेने
जाएंगे, सिस्टम ऑटोमैटिक टोल बकाया चेक करेगा
वाहन मालिकों को क्या करना चाहिए? (Important Tips)
✔️ FASTag अकाउंट में हमेशा पर्याप्त बैलेंस रखें
✔️ समय-समय पर टोल ट्रांजैक्शन हिस्ट्री चेक करें
✔️ किसी असफल कटौती (Failed Transaction) को नजरअंदाज न करें
✔️ गाड़ी बेचने या फिटनेस से पहले NHAI पोर्टल पर बकाया जांचें
सरकार को क्या फायदा होगा?
सरकार के अनुसार इस नियम से:
टोल चोरी पर लगाम लगेगी
नेशनल हाईवे प्रोजेक्ट्स के लिए
राजस्व में बढ़ोतरी होगीडिजिटल और पारदर्शी टोल सिस्टम को मजबूती मिलेगी
बैरियर-फ्री टोलिंग का रास्ता साफ होगा
कुछ वाहन संगठनों का कहना है:
तकनीकी गड़बड़ियों में वाहन मालिक गलत फंस सकते हैं
FASTag फेल होने पर भी बकाया दिख सकता है
सरकार का जवाब है कि:
शिकायत निवारण सिस्टम को मजबूत किया जाएगा
गलत चार्ज होने पर ऑनलाइन सुधार संभव होगा
Powered by Froala Editor