मुख्य सामग्री पर जाएँ
25 अगस्त 2026

उत्तर प्रदेश:कथित छेड़छाड़ के चलते अमेरिका में पढ़ रही होनहार छात्रा सुदीक्षा की सड़क हादसे में मौत

बुलंदशहर: बुलंदशहर में सड़क हादसे में एक लड़की(सुदीक्षा भाटी) की मौत हो गई| अमेरिका के एक कॉलेज में पढ़ने वाली ग्रेटर नोएडा के दादरी के बादलपुर कोतवाली क्षेत्र के गांव डेरीस्कनर की होनहार छात्रा सुदी…

उत्तर प्रदेश:कथित छेड़छाड़ के चलते अमेरिका में पढ़ रही होनहार छात्रा सुदीक्षा की सड़क हादसे में मौत
उत्तर प्रदेश:कथित छेड़छाड़ के चलते अमेरिका में पढ़ रही होनहार छात्रा सुदीक्षा की सड़क हादसे में मौत | फ़ोटो: TVL News

बुलंदशहर: बुलंदशहर में सड़क हादसे में एक लड़की(सुदीक्षा भाटी) की मौत हो गई| अमेरिका के एक कॉलेज में पढ़ने वाली ग्रेटर नोएडा के दादरी के बादलपुर कोतवाली क्षेत्र के गांव डेरीस्कनर की होनहार छात्रा सुदीक्षा भाटी की कल (सोमवार को) बुलंदशहर के औरंगाबाद में एक सड़क दुर्घटना में जान चली गई। एसपी सिटी अतुल श्रीवास्तव ने बताया, "मामला दर्ज कर लिया गया है, जांच की जा रही है।




परिवार का कहना है कि वो HCL की तरफ से 3.80 करोड़ रुपये की स्कॉलरशिप पर अमेरिका में पढ़ रही थीं।परिजनों के मुताबिक, सुदीक्षा भाटी (19) अपने भाई के साथ बाइक पर जा रही थी और कुछ शोहदों ने बाइक से उनके आगे-पीछे घूम-घूमकर सुदीक्षा से छेड़छाड़ शुरू कर दी।बहन को बचाने के चक्कर में भाई ने बाइक आगे बढ़ाई तो सामने से आती एक बुलेट से टकरा गया, जिसके बाद सुदीक्षा और उसका भाई दोनों नीचे जा गिरे। सुदीक्षा का सिर सीधे सड़क पर जा लगा जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई।




सुदीक्षा भाटी के चाचा सतेंद्र भाटी ने कहा,''रास्ते में एक बुलेट ने हमें कई बार ओवरटेक किया, मैंने मोटरसाइकिल की स्पीड कम की और बुलेट सवार ने आगे जाकर अचानक ब्रेक मारी जिसमें बैलेंस बिगड़ने से हादसा हुआ, जिसमें शुभिक्षा के सिर में चोट लगी|जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई।




बुलंदशहर पुलिस ने फिलहाल छेड़खानी की बात नहीं कही है, लेकिन उनके मुताबिक, मामले की जांच की जा रही है| पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज आगे की कार्रवाई शुरू कर दी है| बुलेट सवार दोनों आरोपी फरार हैं| जांच के लिए एडिशनल डीसीपी भी सुदीक्षा के घर पहुंचे हैं और इस मामले में सुदीक्षा के परिजनों से बातचीत की| वहीं बुलंदशहर के जिलाधिकारी रविंद्र कुमार का कहना है कि सुदीक्षा की स्कूटी नाबालिग भाई चला रहा था| ये सिर्फ एक दुर्घटना है और बाक़ी भ्रान्तियां फैलाई जा रही हैं| घर वालों ने क्यों बयान बदला है इसको लेकर पूछताछ की जा रही है|




जांच के लिए पहुंचे बुलंदशहर के सिकंदराबाद के थानाध्यक्ष जेके सिंह ने कहा हम यहां पर पिता और परिवार का बयान दर्ज करने आये हैं|अधिकारियों का आदेश हुआ जिसके बाद हम बुलंदशहर से दादरी आए हैं| अभी तक आरोपियों की पहचान नही हो पाई है और जांच की जा रही है जिससे जल्द आरोपियों को पकड़ा जाएगा| अभी मैं केवल इतना कह सकता हूं कि मैं फिलहाल परिवार का बयान लेने आया हूं| बाकी और मैं कोई जानकारी नही दे सकता|




घटना के तत्काल बाद सबसे पहुंचने वाले पीआरवी वैन के पुलिसकर्मी का बयान ये है कि दुर्घटना के वक्त गाड़ी भाई ही चला रहा था और उसे मामूली चोटें आई थीं| वो बातचीत कर रहा था और उसने छेड़खानी की कोई बात नहीं बताई. सिर्फ ये कहा कि एक्सीडेंट हुआ है|





उधर, बेटी की मौत के बाद परिवार पूरी तरह से टूट गया है। छात्रा का अंतिम संस्कार कर दिया गया है। सुदीक्षा अमेरिका में बीबीए की पढ़ाई कर रही थी। वहां की सरकार ने छात्रा को 3.80 करोड़ रुपये की स्कॉलरशिप दी थी। सुदीक्षा सोमवार को भाई के साथ बाइक से औरंगाबाद स्थित माधवगढ़ गांव में रिश्तेदारी में गई थी। सुदीक्षा ने बुलंदशहर के विद्या ज्ञान स्कूल से इंटरमीडिएट की पढ़ाई की थी। इंटर में 98 फीसदी अंक हासिल किए थे।



स्कूल में उच्च स्तर की पढ़ाई के लिए फॉर्म भरवाए गए थे। छात्रा का अमेरिका के नामी बोस्टन यूनिवर्सिटी में बीबीए के लिए चयन हो गया था। सुदीक्षा ने अमेरिकी सरकार से स्कॉलरशिप के लिए आवेदन किया था। उन्हें 3.80 करोड़ रुपये की स्कॉलरशिप मिली थी। सामान्य परिवार की छात्रा ने स्कॉलरशिप हासिल कर परिवार, क्षेत्र और समाज का नाम रोशन किया था। वह जुलाई, 2018 में अमेरिका गई थी। ग्रामीणों और जनप्रतिनिधियों ने उनका सम्मान भी किया था।




कोरोना वायरस के कारण सुदीक्षा 14 मार्च को अमेरिका से भारत आ गई थीं। तब से अपने घर पर ही थीं। 16 अगस्त को उन्हें वापस अमेरिका जाना था। सुदीक्षा के पिता की चाय की दुकान थी। फिलहाल परचून की दुकान है। वही परिवार का पालन पोषण कर रहे थे। सुदीक्षा की तीन बहन और दो भाई हैं। वह सबसे बड़ी थी। सभी को उम्मीद थी कि पढ़ाई पूरी करने के बाद वह घर की जिम्मेदारी संभालेंगी। तीन साल की पढ़ाई पूरी हो चुकी थी, लेकिन सुदीक्षा की मौत ने परिवार के सपनों को चकनाचूर कर दिया।



सुदीक्षा एक साधारण परिवार से निकलकर शिक्षा के दम पर अमेरिका तक पहुंच गई थीं। वह गांव और देश की अन्य लड़कियों को भी शिक्षित करना चाहती थीं। यही कारण था कि अमेरिका से आने पर वह गांव की लड़कियों को पढ़ाती थीं। परिजनों से कहती थी कि 20 साल की एक योजना बनाई है। एनजीओ बनाकर गांव और देश की लड़कियों को शिक्षित करने का काम करेंगी। सुुदीक्षा का कहना था कि अगर लड़कियां शिक्षित हो जाएंगी तो देश की कई समस्याओं का समाधान हो जाएगा।






tvlnews

TVL News (TheViralLines) के संवाददाता। यह रिपोर्ट स्थानीय स्रोतों और उपलब्ध आधिकारिक जानकारी की पुष्टि के बाद प्रकाशित की गई है। किसी तथ्य में सुधार के लिए संपर्क करें या +91 99996 56869 पर WhatsApp करें।

मुफ़्त अलर्ट

ऐसी हर खबर सबसे पहले पाएँ

बस्ती, गोंडा, अयोध्या, गोरखपुर और लखनऊ के अपडेट सीधे आपके WhatsApp पर।

इन्हें भी पढ़ें

टॉप न्यूज़ की सभी खबरें

इस खबर से जुड़े सवाल

यह खबर कब प्रकाशित हुई और आखिरी बार कब अपडेट की गई?

यह रिपोर्ट 11 अगस्त 2020 को TVL News पर प्रकाशित हुई और 9 मई 2025 को अपडेट की गई। नई जानकारी मिलने पर खबर को अपडेट किया जाता है।

इस क्षेत्र की और खबरें कहाँ पढ़ें?

इस क्षेत्र की ताज़ा खबरें TVL News के ज़िला सेक्शन में पढ़ी जा सकती हैं। thevirallines.net पर बस्ती, गोंडा, अयोध्या, गोरखपुर और लखनऊ के अलग-अलग पेज हर दिन अपडेट होते हैं।

इस खबर में कोई तथ्य ग़लत लगे तो क्या करें?

TVL News हर सुधार को गंभीरता से लेता है। +91 99996 56869 पर WhatsApp करें या thevirallines@gmail.com पर लिखें — पुष्टि के बाद खबर तुरंत सुधारी जाती है।