नोएडा: समाजवादी पार्टी के अखिलेश यादव ने नोएडा में स्वर्गीय राजपाल यादव की मूर्ति का अनावरण किया। इस दौरान उन्होंने कहा कि,“जाति जनगणना का विषय आज का नहीं है, ये पहले 1931 में हुई थी| लोकसभा में जब कभी इस पर चर्चा हुई है| देश के अलग-अलग दलों ने इस विषय को उठाया है और कहा कि जाति जनगणना होनी चाहिए। बिना जाति जनगणना के हम जनता को सुविधा नहीं दे पाएंगे|
अखिलेश यादव ने कहा कि,“अगर बीजेपी इस बा??? को कहती है कि सबका साथ,सबका विकास और सबका विश्वास तो कम-कम हर जाति में ये विश्वास पैदा हो कि उनको भी योजना से जोड़ा गया है। बीजेपी की जिम्मेदारी है कि वो इसे करे, अगर वो नहीं करते तो जब कभी सपा को मौका मिलेगा तब जाति जनगणना होगी|
उन्होंने कहा कि,“आपको याद होगा लोकसभा में उस समय नेताजी, शरद यादव जी, लालू प्रसाद यादव जी एवं देश के और दक्षिण भारत के सभी नेता कांग्रेस पार्टी के पास गए थे कि जातीय जनगणना हो। उन्होंने कहा कि,“बहुत से जागरूक लोग समाज के आगे आए हैं जिन्होंने कहा बिना जातीय जनगणना के जो हम जनता को सुविधा देना चाहते है, पॉलिसी बनाना चाहते हैं या यो जो योजनाएं जारी करना चाहते हैं उनसे मदद नहीं मिल पाएगी।
अखिलेश यादव ने कहा कि,“बीजेपी बहुत होशियार पार्टी है, अपनी पार्टी के उन नेताओं को आगे कर रही है जिनको कुछ नहीं दिया। जातीय जनगणना के मुद्दे पर मुख्यमंत्री और देश के प्रधानमंत्री क्या कहते हैं यह सबसे बड़ा सवाल है।