नई दिल्ली: कांग्रेस नेता पवन खेड़ा ने गुरुवार को कहा कि उन्हें असम पुलिस ने अवैध तरीके से गिरफ्तार किया है और उन्हें न्याय व्यवस्था पर पूरा भरोसा है। पीएम नरेंद्र गौतमदास मोदी टिप्पणी मामले में अंतरिम जमानत पर रिहा होने के बाद खेड़ा, जिन्हें रायपुर जाने वाली इंडिगो की उड़ान से उतारा गया था, ने कहा कि वह कांग्रेस के 85वें पूर्ण सत्र राष्ट्रीय अधिवेशन में भाग लेने के लिए शीघ्र ही छत्तीसगढ़ की राजधानी के लिए रवाना होंगे।
कांग्रेस के मीडिया विभाग के प्रमुख पवन खेड़ा ने कहा कि,“बिना FIR कॉपी, नोटिस दिए गैर कानूनी तरीके से मुझे गिरफ्तार किया गया। न्याय प्रणाली पर मेरी आस्था है जिसकी वजह से आज मेरी स्वतंत्रता की रक्षा हुई।
उन्होंने कहा कि,“ इस देश की रक्षा के लिए हमारा संघर्ष, संवैधानिक मुल्यों को बचाने का संघर्ष- मेरे नेता राहुल गांधी जिस निडरता से कर रहे हैं,उसमें मैं एड़ी-चोटी का ज़ोर लगाउंगा|
सुप्रीम कोर्ट ने गुरुवार को कांग्रेस प्रवक्ता पवन खेड़ा को अंतरिम राहत दी, जिन्हें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के बारे में उनकी टिप्पणी पर असम पुलिस ने आज सुबह दिल्ली हवाई अड्डे से गिरफ्तार किया था। सुप्रीम कोर्ट ने दिल्ली की एक अदालत को पवन खेड़ा को अंतरिम जमानत पर रिहा करने का आदेश दिया। जिसके बाद अदालत ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ उनकी कथित टिप्पणी से जुड़े एक मामले में खेड़ा को अंतरिम जमानत दे दी।
मुख्य मेट्रोपोलिटन मजिस्ट्रेट अर्चना बेनीवाल ने खेड़ा को ₹30,000 के मुचलके और इतनी ही राशि के मुचलके पर अंतरिम जमानत दी। खेड़ा की रिहाई के लिए सुप्रीम कोर्ट के आदेश की प्रति प्राप्त करने के बाद मजिस्ट्रेट ने शाम करीब 6.10 बजे आदेश पारित किया।
इससे पहले आज कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने गिरफ्तारी को लेकर सरकार पर निशाना साधा और दावा किया कि यह एक पैटर्न का हिस्सा है। उन्होंने कहा, "संसद में मुद्दा उठाने पर विपक्षी सदस्यों को नोटिस दिया जाता है और पूर्ण सत्र से पहले छत्तीसगढ़ में हमारे नेताओं पर प्रवर्तन निदेशालय के छापे मारे जाते हैं।"
खड़गे ने कहा, " आज हमारे मीडिया विभाग के चेयरमैन (पवन खेड़ा) को जहाज़ से ज़बरदस्ती उतारकर गिरफ़्तार किया गया। मोदी सरकार ने भारत के लोकतंत्र को 'हिटलर-शाही' बना दिया है। हम इस तानाशाही की कड़ी निंदा करते हैं।"
कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने ट्वीट किया, "विपक्ष संसद में मुद्दे उठाए तो नोटिस दिया जाता है। महाधिवेशन के पहले छतीसगढ़ के हमारे नेताओं पर ED का रेड कराया जाता है। आज मीडिया चेयरमेन को जहाज़ से ज़बरदस्ती उतारकर गिरफ़्तार किया गया। भारत के लोकतंत्र को मोदी सरकार ने हिटलरशाही बना दिया। हम इस तानाशाही की घोर निंदा करते हैं।''
क्या है मामला
बता दें कि, हाल ही में, गौतम अडानी मुद्दे पर सरकार पर हमला करते हुए एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में पवन खेड़ा ने नरेंद्र दामोदरदास मोदी को नरेंद्र गौतमदास मोदी बोल दिया था। इस टिप्पणी को लेकर असम पुलिस और यूपी पुलिस ने उनके खिलाफ शिकायत दर्ज की है|
मुंबई में अडानी के मुद्दे पर पत्रकारों से बात कर रहे कांग्रेस नेता ने कहा था,” जब अटल बिहारी वाजपेयी जेपीसी का गठन कर सकते थे तो नरेंद्र ‘गौतम दास’ मोदी को क्या प्रॉब्लम है।” इसके बाद वह ''कुछ सेकंड'' रुके और अपने आसपास बैठे लोगों से पूछने लगे,”नरेंद्र ‘गौतम दास’ है या नरेंद्र ‘दामोदर दास’ है?” इसके बाद पवन खेड़ा ने सॉरी बोला और कहा,''मैं भ्रमित हो गया कि यह दामोदर दास है या गौतम दास…। तंज कसते हुए उन्होंने कहा कि, नाम नरेंद्र दामोदर दास है, लेकिन काम गौतम दास का है।