पटना: JDU के राष्ट्रीय अध्यक्ष राजीव रंजन (ललन) सिंह ने शुक्रवार को कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 2014 में अति पिछड़ा वर्ग से होने का दावा करते हुए देश भर में घूमे थे, जबकि गुजरात में कोई ईबीसी श्रेणी नहीं है। ये (मोदी) पिछड़ा वर्ग में भी नहीं थे। सिंह ने दावा किया कि मोदी ने अपनी जाति को ओबीसी सूची में जोड़ा जब वह गुजरात के मुख्यमंत्री थे।
पटना में JDU पार्टी कार्यालय में बैठक को संबोधित करते हुए जदयू प्रमुख राजीव रंजन (ललन) सिंह ने कहा कि,''2014 में PM मोदी कह रहे थे वे अति पिछड़ा हैं। गुजरात में अति पिछड़ा नहीं पिछड़ा वर्ग है और ये पिछड़ा वर्ग में भी नहीं थे। मुख्यमंत्री बनने के बाद इन्होंने अपने समाज को पिछड़ा वर्ग में शामिल कर लिया। ये तो डुप्लीकेट हैं|
ललन सिंह ने कहा कि, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी बहरूपिया हैं। बहरूपिया जैसे 12 दिन में 12 रूप दिखाता है, मोदी भी ठीक वैसे ही हैं। मगर पिछड़े समाज के लोगों के बीच आकर इनका चेहरा बेनकाब हो गया है। वे घूम-घूमकर खुद को पिछड़ा वर्ग का बताते हैं, जबकि वे वास्तविक में पिछड़ा हैं ही नहीं। मोदी गुजरात के मुख्यमंत्री बनने के बाद अपनी जाति को पिछड़ा वर्ग में शामिल कर लिया। ये तो डुप्लीकेट हैं|
वहीं ललन सिंह के बयान पर भाजपा ने हमला बोला| भाजपा नेता रविशंकर प्रसाद ने ललन सिंह से माफी मांगने की मांग की है| उन्होंने कहा कि, PM मोदी के बारे में ऐसी भाषा का प्रयोग करना शर्मनाक है,नीतीश कुमार जी से मैं पूछूंगा कि आपके राष्ट्रीय अध्यक्ष की यही शालीनता है? आज तक आजाद भारत के इतिहास में किसी ने PM के बारे में इस तरह की बात नहीं की। ये देश के गरीबों और पिछड़ों का अपमान है|
BJP सांसद रविशंकर प्रसाद ने कहा कि,''आज मुझे ललन बाबू से एक ही सवाल पूछना है कि हमारे पीएम पर उनकी इतनी आपत्ति है तो 2019 लोकसभा चुनाव किसके बलबूते पर जीते थे? नीतीश बाबू के बलबूते पर जीते थे या नरेंद्र मोदी जी के नाम पर जीते थे?|
जदयू प्रमुख ललन सिंह ने माफी मांगने से इनकार कर दिया है। राजीव रंजन(ललन) सिंह ने कहा कि,''माफी किसलिए? मैंने कौन सा गलत शब्द इस्तेमाल किया? 'बहुरूपी', 'ढोंगी' असंसदीय भाषा किस शब्दकोश में हैं? आप किसी ऐसे व्यक्ति को क्या कहेंगे जो अलग-अलग रूप लेता है और गलत तथ्य प्रस्तुत करके लोगों को गुमराह करने की कोशिश करता है। मैंने असंसदीय भाषा का प्रयोग नहीं किया है\
ललन सिंह ने कहा कि,BJP में रविशंकर प्रसाद, संजय जायसवाल, सुशील मोदी की हिम्मत है ये कहने का कि जो भाजपा आज है वो अटल बिहारी वाजपेयी, आडवाणी, मुरली मनोहर जोशी का बनाया हुआ है? ये कह नहीं सकते हैं जिस दिन कहेंगे उस दिन इन्हें बाहर का रास्ता दिखाया जाएगा|