प्रतापगढ़: उत्तर प्रदेश के प्रतापगढ़ ज़िले में टीवी पत्रकार सुलभ श्रीवास्तव संदिग्ध हाल में मृत पड़े मिले| पत्रकार की रविवार रात एक ईंट भट्ठे के किनारे संदिग्ध हालात में मौत हो गई| पुलिस इस मौत को दुर्घटना बता रही है जबकि परिजनों को आशंका है कि उनकी हत्या हुई है| दरअसल,''एक दिन पहले ही सुलभ ने हत्या की आशंका जताते हुए सुरक्षा की मांग की थी|
पत्रकार सुलभ श्रीवास्तव की मौत के मामले में सोमवार को हत्या का मामला दर्ज किया गया है| अज्ञात लोगों के खिलाफ हत्या की धाराओं में एफआईआर दर्ज की गई है| हत्या समेत कई अन्य धाराओं में भी एफआईआर दर्ज की गई है| प्रयागराज जोन के एडीजी प्रेम प्रकाश ने हत्या की धाराओं में एफआईआर दर्ज होने की जानकारी दी है|
गौरतलब है कि घटना से एक दिन पहले ही यानी 12 जून को सुलभ श्रीवास्तव ने इलाहाबाद ज़ोन के अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक और प्रतापगढ़ के पुलिस अधीक्षक को पत्र लिखकर अपनी हत्या की आशंका जताई थी| पत्र में उन्होंने लिखा था कि शराब माफ़िया से उनकी जान को ख़तरा है क्योंकि उन्होंने एक ख़बर लिखी थी जिसे लेकर उन्हें धमकियाँ मिल रही थीं और दो दिन से उनका पीछा किया जा रहा था|
रविवार की रात नगर कोतवाली क्षेत्र के सुखपाल नगर के पास सुलभ की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। सुलभ की पत्नी रेणुका श्रीवास्तव का आरोप है कि उनके पति की हत्या की गई है। उन्होंने एडीजी प्रयागराज प्रेम प्रकाश से से घटना की सीबीआइ जांच कराने की मांग की।
प्रतापगढ़ पुलिस ने कहा कि,'' अवकाश से वापसी के बाद पुलिस अधीक्षक ने आज रिपोर्टर सुलभ श्रीवास्तव की हुई दुर्घटना से सम्बन्धित दुर्घटना/घटनास्थल का निरीक्षण किया गया तथा घटना के सभी पहलुओं पर गहराई से छानबीन/जांच करने हेतु सम्बन्धित को आवश्यक निर्देश दिये गये|
प्रतापगढ़ के पुलिस अधीक्षक आकाश तोमर ने बताया कि प्रथमदृष्ट्या यह दुर्घटना ही लग रही है, लेकिन हम इसकी जाँच करा रहे हैं| एसपी आकाश तोमर का कहना था, "घटना के वक़्त कुछ प्रत्यक्षदर्शी भी मौजूद थे| उनका कहना है कि यह दुर्घटना ही है और जानकारी पोस्टमॉर्टम की रिपोर्ट आने के बाद ही मिल पाएगी| एसपी आकाश तोमर ने कहा कि,"मैं कई दिन से छुट्टी पर था| आज ही मैंने ज्वॉइन किया है| उनके पत्र पर क्या कार्रवाई हुई, इसकी जानकारी लेने की कोशिश कर रहा हूँ|
कांग्रेस पार्टी ने इस मुद्दे को लेकर यूपी में कानून व्यवस्था की स्थिति पर सवाल उठाया है और योगी आदित्यनाथ सरकार पर निशाना साधा है|कांग्रेस की महासचिव और उत्तर प्रदेश की प्रभारी प्रियंका गांधी ने ट्वीट कर मामले में यूपी की योगी सरकार को घेरा है|
कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी ने भी पत्रकार सुलभ श्रीवास्तव की मौत को लेकर योगी सरकार पर हमला किया है| प्रियंका गांधी ने सवाल किया है कि 'क्या जंगलराज को पालने-पोसने वाली यूपी सरकार के पास पत्रकार सुलभ श्रीवास्तव जी के परिजनों के आंसुओं का कोई जवाब है?'
प्रियंका गांधी ने कहा कि,'' शराब माफिया अलीगढ़ से प्रतापगढ़ तक:पूरे प्रदेश में मौत का तांडव करें। उप्र सरकार चुप। पत्रकार सच्चाई उजागर करे, प्रशासन को खतरे के प्रति आगाह करे। सरकार सोई है। क्या जंगलराज को पालने-पोषने वाली उप्र सरकार के पास पत्रकार सुलभ श्रीवास्तव जी के परिजनों के आंसुओं का कोई जवाब है?
आम आदमी पार्टी के सांसद संजय सिंह ने इसे हत्या क़रार दिया है| उन्होंने ट्वीट कर कहा, "शराब माफ़ियाओं के ख़िलाफ़ ख़बर चलाने के कारण यूपी में एक पत्रकार की हत्या हो जाती है जबकि एक दिन पहले सुलभ जी ने एडीजी को पत्र लिखकर हत्या की आशंका जताई थी, लेकिन सब सोते रहे|