रायपुर: राष्ट्रीय पंचायत दिवस के मौके पर नई दिल्ली में 24 अप्रैल को आयोजित कार्यक्रम में छत्तीसगढ़ को 12 पुरस्कार दिए जाएंगे। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी वर्चुअल कार्यक्रम में प्रदेश को ये पुरस्कार प्रदान करेंगे। केन्द्रीय पंचायतीराज एवं ग्रामीण विकास मंत्री नरेन्द्र तोमर भी कार्यक्रम में मौजूद रहेंगे। यह लगातार दूसरा वर्ष है जब प्रदेश की पंचायतीराज संस्थाओं को उनके उत्कृष्ट कार्यों के लिए राष्ट्रीय स्तर के 12 पुरस्कारों से नवाजा जाएगा।
वर्ष 2020 में भी प्रदेश को ई-पंचायत पुरस्कार और 11 पंचायतीराज संस्थाओं को विभिन्न श्रेणियों में पुरस्कृत किया गया था। उससे पहले 2019 में भी प्रदेश की पंचायतों को 11 राष्ट्रीय पुरस्कार प्राप्त हुए थे। पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री टी.एस. सिंहदेव वरिष्ठ विभागीय अधिकारियों के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंस से पुरस्कार वितरण कार्यक्रम में जुडेंगे।
प्रदेश की पंचायतों में आईसीटी (Information & Communication Technology) के इस्तेमाल में बेहतर प्रदर्शन के लिए भारत सरकार द्वारा छत्तीसगढ़ का चयन ई-पंचायत पुरस्कार के लिए किया गया है। तीन अलग-अलग वर्गों में दिए जाने वाले इस पुरस्कार में छत्तीसगढ़ को प्रथम वर्ग (Category-I) में असम के साथ संयुक्त रूप से दूसरा स्थान प्राप्त हुआ है।
वहीं केन्द्रीय पंचायती राज मंत्रालय द्वारा कोंडागांव जिला पंचायत, गरियाबंद और तिल्दा जनपद पंचायत तथा सरगुजा जिले के अंबिकापुर विकासखंड के सरगवां और लुंड्रा विकासखंड के रिरी, बालोद जिले के गुंडरदेही विकासखंड के माहुद (अ), कबीरधाम जिले के सहसपुर लोहारा विकासखंड के महराटोला एवं रायपुर जिले के आरंग विकासखंड के बैहार ग्राम पंचायत का चयन दीनदयाल उपाध्याय पंचायत सशक्तिकरण पुरस्कार के लिए किया गया है।
राष्ट्रीय पंचायत पुरस्कार-2021 के अंतर्गत बीजापुर जिले के भोपालपटनम विकासखंड के दूरस्थ वनांचल गोटईगुड़ा ग्राम पंचायत को नानाजी देशमुख राष्ट्रीय गौरव ग्राम सभा पुरस्कार, रायपुर जिले के अभनपुर विकासखंड के नवागांव (ल) को बाल हितैषी ग्राम पंचायत पुरस्कार और आरंग विकासखंड के बैहार को ग्राम पंचायत विकास योजना पुरस्कार दिया जाएगा।
पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री टी.एस. सिंहदेव ने 24 अप्रैल को राष्ट्रीय पंचायतीराज दिवस पर प्रदेश की त्रिस्तरीय पंचायतीराज संस्थाओं के निर्वाचित जनप्रतिनिधियों को बधाई एवं शुभकामनाएं दी हैं। उन्होंने अपने बधाई संदेश में कहा है कि ग्राम पंचायतों, जनपद पंचायतों एवं जिला पंचायतों के प्???तिनिधि शासन की विकास योजनाओं और कल्याणकारी कार्यक्रमों को जन-जन तक पहुंचाने की महत्वपूर्ण कड़ी हैं। स्थानीय स्वशासन की सक्रिय इकाई के रूप में वे ग्रामीण व्यवस्थाओं के संचालन और विकास कार्यों को अमलीजामा पहनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय पंचायतीराज दिवस के मौके पर मैं प्रदेश भर के पंचायतीराज प्रतिनिधियों के सुरक्षित और सेहतमंद जीवन की कामना करता हूं। वे स्वयं सुरक्षित रहें और दूसरे लोगों को सुरक्षित रखने के लिए काम करें।
सिंहदेव ने कहा कि प्रदेश में पंचायत प्रतिनिधियों की जागरूकता से वैश्विक महामारी कोरोना के संक्रमण काल में भी गांवों की अर्थव्यवस्था गतिशील रही। कठिन समय में मनरेगा के माध्यम से लोगों को लगातार रोजगार उपलब्ध कराने के साथ ही देश भर के विभिन्न शहरों से बड़ी संख्या में प्रदेश लौटे प्रवासी श्रमिकों को क्वारेंटाइन करने और उनके लिए तमाम व्यवस्थाएं बनाने में पंचायत प्रतिनिधियों का सीधा और सक्रिय योगदान रहा है। प्रदेश में कोरोना की दूसरी लहर के दौरान भी वे इसे नियंत्रित करने पुरजोर तरीके से लगे हुए हैं। गांवों में कोरोना जांच, कॉन्टैक्ट ट्रेसिंग, संक्रमितों को उपचार मुहैया कराने, टीकाकरण और कोविड अनुकूल व्यवहार के प्रति लोगों को जागरूक करने पंचायत प्रतिनिधि लगातार काम कर रहे हैं। प्रदेश के विकास और ग्रामीणों के कल्याण में पंचायतीराज संस्थाएं शासन और जनता के बीच की महत्वपूर्ण कड़ी है।