रायपुर : छत्तीसगढ़ में ढाई-ढाई साल के मुख्यमंत्री के नाम पर उभरा सियासी तनाव कम होता नहीं दिख रहा है। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल शनिवार दोपहर ही रायपुर लौटे हैं। समर्थकों ने पूरे तामझाम के साथ उनका स्वागत किया। मुख्यमंत्री ने विक्ट्री साइन बनाकर संकेत दिया कि इस विवाद में उनकी कुर्सी पर कोई खतरा नहीं है। वहीं, देर शाम स्वास्थ्य मंत्री टीएस सिंहदेव भी दिल्ली से रायपुर लौटकर आए। इसके बाद उन्होंने कहा कि पूरी बात हाईकमान के संज्ञान में है। जल्दी ही इसपर कोई निर्णय आएगा।
रायपु एयरपोर्ट पर स्वास्थ्य मंत्री टीएस सिंहदेव ने कहा,'' मैं दिल्ली में रुका हुआ था। पूरे मन से हाईकमान से चर्चा करके उनकी राय और मंशा जानी। पूरी बात हाईकमान से हो गई है। अंतिम निर्णय हाईकमान के पास सुरक्षित है| कुछ बातें रहती हैं जिनमें उलझने रहती हैं, उनमें समय लगता है। हाईकमान जो निर्णय लेगा वह हमें स्वीकार्य है|
''भूपेश बघेल जिंदाबाद से गूंजा एयरपोर्ट परिसर''
इससे पहले मुख्यमंत्री भूपेश बघेल आज ही दोपहर को रायपुर पहुचें हैं। एयरपोर्ट से बाहर निकलते ही पूरा परिसर जिंदाबाद के नारों के साथ गूंज उठा। मुख्यमंत्री ने भी गाड़ी के दरवाजे पर खड़े हो हाथ हिलाकर समर्थकों का अभिवादन किया। मुख्यमंत्री बघेल के लौटने को लेकर कार्यकर्ताओं में उत्साह है। स्वामी विवेकानंद एयरपोर्ट से लेकर रायपुर की तमाम सड़कों पर उनका स्वागत हुआ।
मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कार्यकर्ताओं का उत्साह देखते हुए कहा कि यह हमारी प्रसन्नता है और कार्यकर्ताओं की भावना है। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ की जनता का प्यार कम नहीं हुआ है, यह लगातार बढ़ता जा रहा है। राहुल गांधी से दिल्ली में हुई बातों को लेकर उन्होंने कहा कि सिर्फ यह मुलाकात थी। इसमें राजनीति, लोग और विकास योजनाओं पर चर्चा हुई है।
सीएम ने कहा, कार्यकर्ताओं की भावनाओं के साथ दिए गए निमंत्रण पर राहुल गांधी अगले सप्ताह छत्तीसगढ़ आएंगे। वह यहां पर दो दिन रुकेंगे। इस दौरान उत्तर छत्तीसगढ़ भी जाएंगे। महिलाओं, ग्रामीणों, किसानों और आदिवासियों के लिए जो काम किया गया, उसे देखेंगे। लोगों से बातें करेंगे। इसके बाद छत्तीसगढ़ के इस मॉडल को पूरे हिंदुस्तान के सामने लेकर जाएंगे।
मुख्यमंत्री के साथ दिल्ली से विशेष विमान में मंत्री और 46 विधायक भी पहुंचे हैं। उनके बाहर निकलते ही समर्थकों ने नारे लगाए कि दिल्ली से आई है आवाज, भूपेश बघेल जिंदाबाद। यह ऐसा ही उत्साह है, जैसा उनके पहली बार मुख्यमंत्री चुने जाने के बाद था। इसके साथ ही एक बार फिर शक्ति प्रदर्शन की तैयारी कर ली गई थी। इसके लिए सैकड़ो बाइक सवार मौजूद हवाई अड्डे के बाहर मौजूद थे। जो काफिले के साथ अलग-अलग जगह से शामिल होते गए।
इसके साथ ही शहर में कई जगहों पर समर्थक और कार्यकर्ता घंटों से अपने नेता के इंतजार में थे। CM के पहुंचने से पहले ही एयरपोर्ट पर भूपेश बघेल जिंदाबाद के साथ छत्तीसगढ़ अड़ा हुआ है, भूपेश बघेल खड़ा हुआ और भूपेश है, तो भरोसा है के नारे लग रहे थे। वीआईपी रोड पर फुंडहर में मुख्यमंत्री के काफिले पर फूल बरसाए गए, राम मंदिर के सामने समर्थकों ने आतीशबाजी की, तेलीबांधा थाने के पास और अन्य जगहों पर स्वागत किया गया।
राहुल गांधी के साथ 4 घंटे चली बैठक के बाद खत्म हुआ सस्पेंस
छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल बने रहेंगे या उनकी जगह कोई और CM बनेगा, इसे लेकर सस्पेंस शुक्रवार को खत्म हो गया। राहुल गांधी के साथ चली 4 घंटे मैराथन बैठक के बाद पीएल पुनिया ने स्पष्ट कर दिया कि बैठक में नेतृत्व परिवर्तन को लेकर कोई बात नहीं हुई। इसके बाद दोनों नेता AICC के कार्यालय पहुंचे और वहां छत्तीसगढ़ से आए विधायकों और कांग्रेस नेताओं को मीटिंग की जानकारी दी गई। बघेल के यहां पहुंचने के बाद नारे लगे और फिर विधायक होटल वापस लौट गए।