रायपुर: छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में हो रहा कांग्रेस का 85वां पूर्ण सत्र राष्ट्रीय अधिवेशन का आज (26 फ़रवरी, 2023) आखिरी दिन है|मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कहा,''हम सभी की ये इच्छा है कि राहुल गांधी (2024 में) नेतृत्व करें और प्रधानमंत्री बने... | भूपेश बघेल ने कहा,''ये जो अधिवेशन(कांग्रेस का 85वां पूर्ण सत्र) है वो निश्चित रूप से 2023 के विधानसभा चुनाव और 2024 के लोकसभा चुनाव की तैयारी के संदर्भ में है|
मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कहा,''बैलेट पेपर पर चुनाव कराने की हमारी मांग है लेकिन वे (केंद्र) इसे नहीं मानेंगे। बैलेट पेपर में क्या है, वो दिखता है मगर EVM में कुछ नहीं दिखता। लोगों को अब EVM पर भरोसा नहीं रहा|
वरिष्ठ कांग्रेस नेता प्रताप सिंह बाजवा ने कल शनिवार (25 फ़रवरी, 2023) को प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा था कि,''कांग्रेस के इस बहुत ही महत्वपूर्ण प्लेनरी सेशन (राष्ट्रीय अधिवेशन) में एक बहुत ही महत्वपूर्ण मुद्दा जो सारे हिन्दुस्तान के लोगों के लिए बहुत बड़ा महत्व रखता है, उस पर हम आपसे चर्चा और अपनी पार्टी का स्टैंड क्लीयर करना चाहते हैं। सबसे पहले तो मैं आपको ये बताना चाहता हूं और आज आपको बहुत अच्छी तरह इसका इल्म है... हजारों सालों से पंजाब जो है, इस महान देश का जैसे कहते हैं कि कोहिनूर रहा है, ताज में कोहिनूर ......और पंजाब में लगातार आपने देखा देश की आजादी के बाद पंजाबियों को बेइंतहा मुश्किलों का सामना करना पड़ा है वो 1947 में हो, चीन की वॉर का बॉर्डर थोड़ा सा अलग था, मगर उसके बाद डायरेक्ट कंफ़ेट्रेशन 1965, 1971 और फिर स्पेशली जो 70 और 80 के दौर में पंजाब में जैसे हालात बने, उन हालात को कैसे secessionist और fundamentalist forces के खिलाफ अगर किसी ने लड़ाई लड़ी तो भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस ने लड़ी और आपकी जानकारी के लिए मैं ये भी बता देना चाहता हूं तकरीबन 2500 लीडर हमारे सरपंच से लेकर मुख्यमंत्री तक ने पंजाब और देश की यूनिटी और इंटिग्रिटी के लिए ... अलगाववादी ताक़तों को बाहर रखने लिए अपनी महान कुर्बानियां दी हैं।
पंजाब रिकवरी की तरफ कई सालों से चल रहा है, लेकिन अब चंद हफ्तों से या चंद महीनों से हमने देखा है और क्योंकि आप तो नेशनल प्रेस हो, आपको अच्छी तरह जानकारी है कि पंजाब में बहुत लंबे अरसे से कुछ इंटरनेशनल फोर्सेज़ भी एजेंसीज़ भी और नेशनल एजेंसीज़ भी कई दफा काम करती हैं।
आज जिस मुद्दे पर डायरेक्टली मैं आना चाहता हूं, वो है जो 2 दिन पहले बहुत ही दुर्भाग्यपूर्ण मैं समझता हूं हालात बने... हमारे बॉर्डर का एक शहर है अजनाला जो हिस्सा है अमृतसर बॉर्डर डिस्ट्रिक्ट का, ये इंटरनेशनल बॉर्डर से क्रो फ़्लाइट से तकरीबन 10 से 15 किलोमीटर पर है और आप बहुत अच्छी तरह जानकारी रखते हैं कि जो बॉर्डर सिक्योरिटी फोर्स है... पिछले सालों में इन्होंने कानून में तब्दीली की, पहले इनका कंट्रोल तकरीबन 10 किलोमीटर तक था, अब इन्होंने तकरीबन 50 किलोमीटर इंटरनेशनल बॉर्डर से... ज़ीरो लाइन से 50 किलोमीटर थ्रूआउट पंजाब .... पठानकोट से गुरदासपुर, गुरदासपुर से अमृतसर, अमृतसर से तरनतारन, तरनतारन से फिरोजपुर और फाजिल्का... इंटरनेशनल बॉर्डर पर कहीं भी लॉ एंड ऑर्डर की कुछ सिचुएशन बनती है। क्योंकि पंजाब पुलिस स्टेट की पुलिस है।
पंजाब में अमन और शांति बहाल रखना सबसे पहला दायित्व जो है, गवर्नमेंट ऑफ पंजाब का है, पंजाब पुलिस की ड्यूटी है। ये जो 2 दिन पहले आपने ऐसी चीज देखी... क्योंकि हम तो 80 और 90 के दशक में बहुत एक्टिव थे... जितने स्टेज पर बैठे हुए हैं, मेजॉरिटी लोग वो हैं जिनकी फैमिलीज़ ने उस दफा अपना खून न्योछावर किया देश की यूनिटी और इंटिग्रटी के लिए, हमने वो ढेर सारा दौर देखा और कैसे वापस भंगड़ा और गिद्दा फिर शुरू हुआ पंजाब में और कैसे रिकवरी शुरू हुई, मगर दुर्भाग्यवश जो ये हालात बन रहे हैं ये क्लियर कट मुझे ऐसी नजर आ रही है कि जैसे ये पहले काम शुरू हुआ था, अब डायरेक्टली उन्हीं लाइन्स पर ये काम शुरू हो रहा है।
कुछ लोग जो फंडामेंटलिस्ट कह सकते हैं, गरम धारा से जो ताल्लुक रखते हैं, उन लोगों ... 2 दिन पहले किडनैपिंग के एक केस में अमृत पाल सिंह, उनके साथियों पर केस रजिस्टर किया गया, अमृतसर पुलिस के पास शिकायत आई कि कोई हमारा किडनैप कर लिया है और अमृत पाल सिंह के एक सपोर्टर, जिसका नाम लवप्रीत सिंह तूफान है, उसकी पुलिस ने तहकीकात की और उसके बाद उसको अरेस्ट किया। 3-4 दिन पहले अमृतपाल सिंह ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस करके चेतावनी दी गवर्नमेंट ऑफ पंजाब को कि मैं कल इस वक्त अपने आदमी को छुड़ाने आ रहा हूं, 24 घंटे के बाद हजारों साथियों के साथ जो लैस थे पूरे, जिनके पास वैपन्स भी थे, कृपाणें भी थीं, हर किस्म का हथियार था, लाठियां भी थीं और आकर फुल- फ़्लैज्ड अटैक जो है अजनाला के पुलिस स्टेशन पर कर दिया।
पहली बार हुआ है 75 साल के इतिहास में, हमने बहुत बुरा दौर भी देखा है, उस दौर में भी कभी ऐसा नहीं हुआ कि कुछ फोर्सेज़ जो हैं पुलिस स्टेशन पर कब्जा करें, उस पर कब्जा किया, कई घंटे वहां रहे और पंजाब पुलिस की एडमिनिस्ट्रेशन से अपनी शर्त बनवाई, जो इनका साथी लवप्रीत सिंह तूफान है..... वो जेल में था, अगर थाने में होता तो वो साथ ही ले जाते और पुलिस ने उनको फिर ये जुबान दी कि अब कृपा करके पुलिस स्टेशन से अपना कब्जा हटा दें, हम आपके आदमी को इनोसेंट घोषित कर देते हैं, अगले दिन इनोसेंट घोषित किया और मजिस्ट्रेट से जेल से उसको रिहाई कर दी गई।
....मैं जो कहना चाहता हूं ...यह केंद्र और राज्य सरकार दोनों की नाकामी है... सेंटर का इसलिए क्योंकि बीएसएफ बॉर्डर पर है, एनआईए लगातार पंजाब में कई जगह पर छापे मार रही है और अमृत पाल सिंह ने चंद दिन पहले... आप हैरान होंगे कि होम मिनिस्टर ऑफ इंडिया को भी इस बात पर वॉर्न किया और वॉर्निंग के बावजूद भी गवर्नमेंट ऑफ इंडिया ने इस पर रिएक्ट नहीं किया और गवर्नमेंट ऑफ पंजाब की जहां तक मैं बात बताना चाहता हूं, आज के दिन तक मुख्यमंत्री भगवंत मान ने स्टेटमेंट तक नहीं दी, डीजीपी की कल की स्टेटमेंट है कि सीसीटीवी कैमराज़ जो हैं, हम उससे पता करेंगे कौन-कौन से आदमियों ने कब्जा किया और उन पर एक्शन लिया जाएगा। अमृत पाल सिंह ने आगे से स्टेटमेंट दी है कि अगर हमारे नए लोगों पर आप केस रजिस्टर करोगे तो हम फिर से आएंगे और ऐसे ही छुड़ाकर ले जाएंगे।
सबसे पहले आज हम भगवंत मान को पूछना चाहते हैं... भगवंत मान जी, आपने बदलाव की बात की, पंजाब के लोगों की जिंदगी, उनका माल सुरक्षित कौन करेगा? एक तरफ तो आप इंवेस्टमेंट सम्मिट कर रहे हो, उसी दिन पंजाब के चंद किलोमीटर दूर बॉर्डर पर डिसइंवेस्टमेंट का सम्मिट चल रहा है, अगर ऐसे हालात होंगे तो इंवेस्टमेंट कहां से आएगा, ये कम्प्लीट फ़ेल्यर है और अब पंजाब के लोगों को इस बात का यकीन दिलाना चाहते हैं भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस पहले भी आपके साथ खड़ी रही, आज भी आपके साथ खड़ी होगी और जो फोर्सेज़ पंजाब को कमजोर करना चाहती हैं या हिन्दुस्तान को कमजोर करना चाहती हैं, हम उनका कड़ा मुकाबला करने के लिए 24 घंटे तैयार हैं। एक बात मुझे आखिर में करनी है, उसके बाद बाकी के हमारे साथी बोलेंगे।
एक बहुत बड़ी रहत मर्यादा का सवाल मैं उठा रहा हूं कि गुरु ग्रंथ साहब का स्वरूप जो ये लोग साथ लेकर गए, ये पहली दफा हिस्ट्री में हुआ है कि गुरु ग्रंथ साहब का स्वरूप साथ लेकर गए हैं और मैं अकाल तख्त के जत्थेदार ज्ञानी हरप्रीत सिंह जी को और सिख गुरुद्वारा प्रबंधन समिति के अध्यक्ष से ये बात पूछना चाहता हूं कि सिख मर्यादा की जहां वाइलेशंस होती है, उस पर आप अपना स्टैंड क्लीयर कीजिए । It is most important जहां भी कहीं वाइलेशंस है, वहां आपको स्टैंड क्लीयर करना पड़ेगा, कुछ जगह पर ये भी बात कही गई है और मैं आपको क्लीयर करना चाहता हूं...War (युद्ध) वक्त में भी हमेशा गुरु ग्रंथ साहब का प्रकाश वहां किया जाता है जो पीस जोन होता है, बैटल ज़ोन में कभी नहीं किया जाता। तो ये जो बात हुई है, इसको सारी नेशनलिस्ट फोर्सेज़ को इकट्ठा होना पड़ेगा, सारी नेशनलिस्ट फोर्सेज़ और सारी पॉलिटिकल जमातों को.... भगवंत मान जी अगर ये समझ लें कि मैं आंखे बंद कर लूंगा और जवाब कोई और देगा, ये न पंजाबियों को मंजूर है, न हमें मंजूर है तो इतना ही कहता हुआ मैं अपने साथी....
अमरिंदर सिंह राजा वडिंग ने कहा कि,'''महत्वपूर्ण अधिवेशन है, आप गंभीरता समझ सकते हैं कि शनिवार (25 फ़रवरी, 2023 को) आपके साथ इस मुद्दे पर प्रेस कॉन्फ्रेंस में हम सब पंजाब के लोग आए तो जैसा कि प्रताप जी ने कहा, मैं उनकी बात को आगे बढ़ाते हुए 2-4 चीजें आपके सामने रखना चाहता हूं कि क्या हो रहा है पंजाब में। हाल ही में ये जो अमृत पाल सिंह हैं... एक मेरे पास चिट्ठी है, जो मैंने डीजीपी पंजाब को लिखी थी 8 अक्टूबर को ... This is the letter और ये मेरे ट्विटर अकाउंट पर भी चिट्ठी है अमरिंदर सिंह राजा वडिंग के नाम से.... तो मैंने ये कंसर्न शो किया था अमृत पाल सिंह की एक्टिविटीज़ के ऊपर.... आपके बीच में इसकी कॉपी रख देंगे हम लोग, मैंने कंसर्न शो किया था कि कृपया आप अमृत पाल की एक्टिविटीज़ ऊपर नज़र रखें, हमें कोई आपत्ति नहीं है अगर अमृत पाल सिंह धर्म का प्रचार करें, सिखी का प्रचार करें, लोगों को इतिहास के बारे में बताएं और ज्यादा से ज्यादा लोग मुख्यधारा में आएं, हमें चाहिए कि कोई सिखी का प्रचार करने वाला व्यक्ति हो, लेकिन जिस प्रकार का घटनाक्रम अमृत पाल जी द्वारा .... और कुछ ऐसी बातें कि हमें आजादी चाहिए, हम आजादी लेकर रहेंगे और हमें एक अपना अलग से नेशन चाहिए, हम उन चीजों का विरोध करते हैं और आपका फर्ज बनता है being DGP Punjab कि आप उस पर नज़र बनाएं रखें ताकि ऐसी कोई चीज़ न हो पंजाब के लिए आने वाले दिनों में..... वो पुराने दिन, जो 40 साल पहले का दौर, जिसमें पंजाब ने बहुत कुछ खोया है..... आज भी जिस प्रकार से बाजवा साहब ने कहा कि कोहिनूर का हीरा.... आज भी हम 40 साल बाद भी उस काले दौर की वजह से पिछड़े हुए हैं, ये मेरा मानना है और ये पंजाब के लोगों का मानना है और रोजाना ऐसे घटनाक्रम और ऐसी बातें आती रहीं और कहीं न कहीं मुझे लगा कि शायद देश के होम मिनिस्टर का भी पीछे एक बयान आया था, देश के गृह मंत्री गुजरात का जब चुनाव हो रहा था, उन्होंने कहा था कि मैं चिंतित हूं कि पंजाब के अंदर लॉ एंड ऑर्डर की स्थिति ठीक नहीं है।
मैं आज उनसे पूछना चाहता हूं कि अगर आप चिंतित थे तो इस प्रकार के घटनाक्रम पंजाब के अंदर क्यों हो रहे हैं? और अगर आपको पता था कि पंजाब का लॉ एंड ऑर्डर बिगड़ता जा रहा है तो आप लोगों ने उसके लिए क्या कदम उठाए। मैं आपको कहना चाहता हूं ये बहुत खतरना लड़ाई चल रही है राजनीति में आने के लिए और सत्ता में पहुंचने के लिए पंजाब के अंदर, पंजाब के लोगों को बांटा जा रहा है, कहां से अमृत पाल आया और अमृत पाल है ? किस प्रकार से नया आया एक लड़का.... दुबई में रहने वाला जो दुबई से वापस आया और अचानक उसके इतने फॉलोअर्स हो गए और वो खालिस्तान की बात करने लगे और उनके ऊपर कोई रोक-टोक नहीं है और पंजाब सरकार ने ये भी कहा था जब सिंगर मूसेवाला का कत्ल हुआ था कि कोई सरेआम हथियार लेकर नहीं घूम सकता, अगर कोई व्यक्ति लाइसेंसी हथियार लेकर भी सरेआम घूमेगा, उसके ऊपर कार्रवाई की जाएगी, इसके बावजूद भी अमृत पाल के साथियों को बहुत सारे लाइसेंस मुहैया कराए गए और आज भी वो खुलेआम उनका प्रदर्शन करते हैं... लेकिन ये चल क्या रहा है, मैं इसके पीछे की आपको कहानी बताना चाहता हूं। ये लेटर ... अचानक व्यक्ति का आना, अचानक व्यक्ति का ये कहना कि हमें आजादी चाहिए... चल रहा है कि किसी न किसी तरीके से पंजाब के अंदर हम काबिज़ हो जाएं।
आपने सुना होगा कि गवर्नर साहब की लड़ाई और मुख्यमंत्री साहब की लड़ाई भी चल रही है। गवर्नर साहब बॉर्डर का दौरा कर रहे हैं, गवर्नर साहब ये पूछ रहे हैं कि भाई ये बताओ कि आपने प्रिंसिपल्स सिंगापुर कैसे भेजे लेकिन गवर्नर ये नहीं पूछ रहे कि लॉ एंड ऑर्डर की स्थिति खराब और जो अजनाला का घटनाक्रम है, ये क्यों हुआ है? और जो राज्य सरकार है, वो इनकंपीटेंट है 100 परसेंट our Chief Minister... आज के दौर में मुझको लगता है कि सरकार जो है, वो सोई हुई है और कहीं न कहीं केन्द्र सरकार के दवाब में उनसे मिली हुई है, इसीलिए इस पूरे घटनाक्रम को अंजाम दिया गया ।
अब अजनाला में पुलिस कहती है कि आज हमने उस व्यक्ति को छोड़ दिया, अगर एफआईआर गलत किया था तो आपने एफआईआर गलत किया क्यों? मैं सवाल पूछना चाहता हूं पंजाब सरकार से अगर आपने तूफान सिंह को छोड़ा, डिस्चार्ज कराया तो एफआईआर दर्ज क्यों की और जिसने किया, उसको दोषी क्यों नहीं ठहराया कि गलत एफआईआर किया है और अगर तूफान सिंह ने गलती की थी, एफआईआर किया और आपने दबाव में छोड़ दिया तो ये उससे भी बड़ा गुनाह है।
बाजवा साहब जो कह रहे थे, आतंकवाद का दौर देखा.... मैं छोटा सा था, 1984-85 का दौर, लोग डरते थे, 5 बजे के बाद दुकानें बंद हो जाती थीं, 5 बजे के बाद बसों का चलना बंद हो जाता था, जो व्यक्ति घर में नहीं आता था तो उसकी मां पूछने लगती थी कि आज मेरा बेटा घर आएगा कि नहीं आएगा, रोजाना की सुर्खियां लगती थीं अखबारों में कि बस से उतारकर लोगों के गले काट दिए गए, मार दिए गए... तो ये वो डर का माहौल जो पंजाब के अंदर आज भी...बल्कि लोग कभी उस दौर की बात सोचते हैं तो घबराते हैं... मेरे कहने का मतलब ये है कि ये चल क्या कर रहा है? कभी उस दौर में भी हमारे पुलिस स्टेशन पर किसी ने कब्जा नहीं किया और कब्जा करने के बाद जिस प्रकार से सरकार और पुलिस ने सरेंडर किया तो मैं उसकी बहुत निंदा करता हूं कड़े शब्दों में और आज तक मुख्यमंत्री का कोई इस पर बयान भी नहीं आया।
असल में वास्तव में हो क्या रहा है कि केन्द्र सरकार चाहती है कि किसी न किसी तरीके से... हालांकि बॉर्डर सिक्योरिटी फोर्स का 50 किलोमीटर का एरिया भी बढ़ा दिया है. ... आप एनआईए की रेड तो करते हैं, आप सीबीआई की रेड तो करते हैं, अगर आपको पता है, अगर देश के गृह मंत्री को पता है कि लॉ एंड ऑर्डर की स्थिति खराब तो फिर आप क्यों नहीं कार्रवाई करते, आप क्यों नहीं ऐसा कुछ करते जिससे पंजाब के लोगों को राहत मिले। असल में क्या है, ये स राजनीति हो रही है पंजाब के लोगों के साथ क्या हो रहा है कि किसी न किसी तरीके से पंजाब के हालात खराब होंगे तो फिर हम कोई न कोई ऐसी बात करेंगे, जिससे हमारा राज आएगा, अगर हमारा राज आएगा तो फिर हम अपना सिक्का पंजाब के अंदर कायम करेंगे और आने वाले दिनों में पंजाब के अंदर सरकार बनाने की फिर हम कोशिश करेंगे, ये लालसा केन्द्र सरकार के मन में हैं। पंजाब सरकार तो फेल हो चुकी है तो हम आपके माध्यम से पंजाब के लोगों को कहना चाहते हैं जो कांग्रेस पार्टी है, उसकी कुर्बानियों का इतिहास रहा है।
1992 में मुझे याद है, मैं छोटा सा था... जयराम जी, कोई चुनाव लड़ने के लिए तैयार नहीं था, आतंकवादियों ने ये कह दिया था कि अगर कोई चुनाव लड़ेगा, उसका गला काट दिया जाएगा, अगर कोई वोट डालने जाएगा, उसको मार दिया जाएगा... सारी पार्टियों ने बॉयकॉट किया चाहे वो अकाली दल था, चाहे कोई और दल था, लेकिन कांग्रेस पार्टी के लोग चुनाव लड़े मगर 1000-1000 वोट से, 700-700 वोट से वो एमएलए बने, सरकार बनी और शहादत दी हमारे मुख्यमंत्रियों ने, हमारे विधायकों ने .... जैसा कि बाजवा साहब ने कहा है 2500 लोगों ने शहादत दी और फिर हमने दोबारा पंजाब के अंदर शांति बहाल की और आज भी हम दावे से कह सकते हैं कि हम मर जाएंगे, हम मिट जाएंगे, हमें कुछ भी झेलना पड़ा अगर तो झेलेंगे, लेकिन पंजाब के लोगों को, पंजाब के निवासियों को, चाहे वो किसी भी धर्म के लोग हैं उनको आंच हम नहीं आने देंगे|
सुखजिंदर सिंह रंधावा ने कहा कि,'''मैं एक सीधी बात कहूंगा कि जो पंजाब में हुआ है वो बिल्कुल इंटेलीजेंस फेल्योर है और रेडिकल मॉब, जो जा रहा था, उसको रोकने के लिए पंजाब गवर्नमेंट और बीएसएफ तीनों का अजनाला में जो इंसिडेंट हुआ है उसमें तीनों का फेल्योर है और जो होम मिनिस्टर हैं, गवर्नमेंट ऑफ इंडिया में उनकी रिस्पॉन्सब्लिटी बनती है कि उनके बयान के बावजूद वहां पंजाब वो कैसे चल रहा है? एक बाहर से आकर, दुबई से आकर कैसे पंजाब में रेडिकल मूवमेंट चला रहा हैं? कैसे वो फ्रीली घूम रहा है? और जो सबसे बड़ी बात है कि आप देखते हैं कि इंटेलीजेंस... वो एक दिन पहले कहता है कि मैं आऊंगा और वहां से आदमी छुड़वाकर लेकर जाऊंगा और वैसा ही उसने किया। आज तक पंजाब में तीन बार इंसिडेंट हु हैं - पहला इंसिडेंट सिद्धू मूसेवाला, उसके ऊपर कोई मुख्यमंत्री की स्टेटमेंट नहीं, उसके बाद आरपीजी अटैक हुआ इंटेलीजेंस ऑफिस पर वहां डीजीपी ने प्रेस कॉन्फ्रेंस की, सीएम की कोई स्टेटमेंट नहीं और जो कल हुआ है उसके ऊपर भी डीजीपी की स्टेटमेंट है, मुख्यमंत्री की उस पर भी स्टेटमेंट नहीं है।
मैं सीधा एक प्रश्न पूछना चाहता हूँ... जैसे राजा वडिंग जी ने कहा कि अकाल तख्त के जत्थेदार ... बिल्कुल जत्थेदार साहब से पूछना भी चाहते हैं पर जिम्मेदारी बनती है, शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी की कि वो आज तक चुप क्यों है?
अगर वो आदमी गुरु ग्रंथ साहब को लेकर, उसकी ढाल बनाकर वो पुलिस स्टेशन में जा रहा है, सिख कौम को उसके खिलाफ खड़ा होना चाहिए कि बिल्कुल ऐसा काम नहीं हो सकता कि कोई गुरु ग्रंथ साहब को लेकर कोई गलत आदमी को छुड़ाने के लिए जाएगा, ये बिल्कुल हम बर्दाश्त नहीं करेंगे, ये टोटली गवर्नमेंट ऑफ इंडिया का जो सिक्योरिटी थ्रेट है, पंजाब हिन्दुस्तान का सिर है, अगर वो गिर जाएगा तो जो बॉडी है, वो उसके किसी काम की नहीं रहेगी, हमें पंजाब को सबसे पहले प्राथमिकता देनी चाहिए और जो नेशनल सिक्योरिटी थ्रेट इसकी वजह से आया है, इसको तुरंत कांग्रेस और दूसरी पार्टी जो हैं, जो हमारे साथ हैं हम इसकी निंदा करते हैं और चाहते हैं कि जो भगवंत मान और बीजेपी दोनों मिलकर पंजाब का पीस है उसको खत्म करना चाहते हैं, वो हम कभी नहीं होने देंगे|
श्री विजय इंदर सिंगला ने कहा कि मेरे सभी साथियों ने इस घटना के बारे में और जो पंजाब की स्थिति है या जो पंजाब में पहले जो हालात रहे, उसके बारे में आपके सामने बात रखी है और मैं ये समझता हूं कि आप सब लोग भी पंजाब को, पंजाब के लोगों को, पंजाब की मेहमाननवाजी को, पंजाब के अंदर जो माहौल है उसको आप अच्छे से समझते हैं और जब ये बात पंजाब में आज से 40 वर्ष पहले हुई, तो पंजाब का शहरी दुकानदार, छोटा व्यापारी, एमएसएमई, बड़ा कारोबार करने वाला जो इंसान, जो साथी था, उसके मन के अंदर डर और भय की भावना पैदा हुई और इसी कारण से बहुत सारे लोग पंजाब को छोड़कर अपना कारोबार बाहर के प्रदेशों में करना शुरू किया।
ये गंभीर स्थिति जो व्यापारी वर्ग के लोग प्रदेश की सरकार के लिए, देश की सरकार के लिए आर्थिक मजबूती पैदा करते हैं, अर्थव्यवस्था के अंदर अपना हिस्सा डालते हैं जब वो लोग पंजाब से बाहर चले जाएंगे या अपना कारोबार पंजाब से बंद कर देंगे, उनके मन के अंदर डर की भावना बैठ जाएगी, तो शायद पंजाब दोबारा प्रगति की ओर नहीं बढ़ पाएगा। तो मैं ये जरूर समझता हूं कि इन सब बातों को देखते हुए, पंजाब के अंदर एक अच्छा माहौल रहे, ज्यादा से ज्यादा इंडस्ट्री आए।
इंवेस्टमेंट सम्मिट की बात पंजाब में हो रही थी, अगर इस प्रकार की घटनाएं पंजाब की सड़कों पर खुलेआम होंगी, तो शायद मुझे नहीं लगता कि कोई भी कारोबार करने वाला व्यापारी, जो बाहर के प्रदेशों में कारोबार करता है, वो हमारे प्रदेश के अंदर आकर, पंजाब के अंदर आकर अपनी इंवेस्टमेंट करने की सोच रखेगा, क्योंकि उसको हर वक्त इस बात का डर रहेगा कि उसकी जो इंवेस्टमेंट है, वो सुरक्षित है या नहीं और उसके साथ जहां पर पंजाब का आर्थिक नुकसान होगा, इस देश के अंदर जो टैक्स के रूप में पैसा इकट्ठा होता है, उसका नुकसान होगा, वो एक गंभीर बात होगी, और जैसे 40 वर्ष पहले पंजाब के लोगों ने भुगता था, आज पंजाब के लोगों के मन के अंदर, शरीर के अंदर इतनी ताकत नहीं कि वो लोग दोबारा ऐसी बात को अपने ज़ेहन में रख सकें।
तो मैं प्रदेश की सरकार को और देश की सरकार को ये कहना चाहता हूं कि ये पंजाब एक अलग किस्म का प्रदेश है, जिसके साथ बॉर्डर जुड़ा है, जिसके साथ पूरे देश की आस्था और भावना जुड़ी है, प्यार और सत्कार जुड़ा है। उसकी इस मर्यादा को बरकरार रखने के लिए, कायम रखने के लिए जो ऐसे लॉ एंड ऑर्डर के इशूज हो रहे हैं, उसके ऊपर सख्त से सख्त रोक लगनी चाहिए ताकि पंजाब के जो लोग हैं, जिस प्रकार से कांग्रेस पार्टी के लोगों ने एक वक्त में अपनी कुर्बानी देकर बहुत सारे पंजाब के लोगों खून के दौर के अंदर अपनी जान को कुर्बान करके दोबारा पंजाब के अंदर अन और शांति को बहाल किया था, उसी प्रकार से आज हम सब लोगों को मिलकर इस बात के ऊपर पहरा देना चाहिए और मैं इस बात पर विश्वास से कहता हूं कि न कभी कांग्रेस पार्टी ने पहले आंच आने दी है, न आने वाले वक्त में कांग्रेस पार्टी पंजाब के अमन शांति के ऊपर आंच आने देगी|