जिलाधिकारी धर्मेंद्र प्रताप सिंह की अध्यक्षता में जिला स्वास्थ समिति (शासी निकाय), टीबी अभियान, नियमित टीकाकरण आदि कार्यक्रमों, संचालित योजनाओं की अद्यतन स्थिति एवं प्रगति की समीक्षा बैठक कलेक्ट्रेट सभागार में आयोजित की हुई। बैठक में जिलाधिकारी ने आयुष्मान आरोग्य मंदिर, सीएचओ की पोर्टल पर उपस्थिति, डीवी डीएमएस पोर्टल पर दवाइयों की इंडीकेटिंग, नियमित ओपीडी, एनसीडी स्क्रीनिंग, दवाइयों की उपलब्धता तथा टेली कंसल्टेशन, टीकाकरण आभा आईडी आरसीएच पोर्टल व ई-कवच पोर्टल की प्रगति सहित मरीजों के हित में स्वास्थ्य संबंधित सेवाओं/सुविधाओं के विषय में विस्तार से चर्चा की। जिलाधिकारी ने एएमस पोर्टल पर 81 प्रतिशत उपस्थिति होने पर कड़ी नाराज़गी व्यक्त करते हुए जनवरी, फरवरी में सबसे अधिक अनुपस्थित रहने वाले सीएचओ का स्पष्टीकरण तलब कर कार्यवाही करने के निर्देश दिए। पीएम एसबीएचआईएम अंतर्गत निर्माण कार्य का अनुश्रवण और नियमित कार्यों का वास्तविक 10 स्वास्थ्य उप केंद्रों के सापेक्ष 10 का निर्माण कार्य पूर्ण एवं हस्तानांतरित, ब्लॉक प्रोग्राम हेल्थ हेल्थ यूनिट में 10 के सापेक्ष 03 पूर्ण, 06 निर्माणाधीन, तथा एक के लिए भूमि उपलब्ध न होने पर जिलाधिकारी ने निर्देश दिए कि सभी पूर्ण कर क्रियाशील किये जाएं। उन्होंने निर्देश दिए कि चिकित्सालयों में मानक के अनुसार दवाइयों की उपलब्धता पूर्ण होना चाहिए।
सभी निजी चिकित्सालयों में सूचना पट अवश्य लगा हो यह सुनिश्चित किया जाए और आवश्यक सूचनाएं अंकित हो। पीएमजेएवाई योजना अंतर्गत 70 वर्ष से अधिक आयु वर्ग के आयुष्मान गोल्डन कार्ड अधिक से अधिक बनाए जाए। जिलाधिकारी ने जलालाबाद में सीजेरियन डिलीवरी बढ़ाने के निर्देश। उन्होंने ई-कवच के माध्यम से चिन्हित सभी गर्भवती महिलाओं का अधिक से अधिक सरकारी संस्थागत प्रसव कराने के निर्देश दिए। ई-रूपी बाउचर योजना का पूर्ण सदुपयोग हेतु रिडेंप्शन में कमी से अधिक लोगों के वाउचर रिडीम नहीं हुए है जिस हेतु जिलाधिकारी ने टीम लगाकर दूरभाष से वार्ता कर कारण पता करने के निर्देश दिए। जिलाधिकारी ने कहा कि सभी में अग्नि एवं विद्युत सुरक्षा होनी चाहिए जिन सीएचसी को एनओसी प्राप्त नहीं है उन्हें मार्च तक एनओसी प्राप्त करने के निर्देश दिए। एमबीबीएस के 10 रिक्तियों के नियुक्ति के लिए जल्द कार्यवाही करने के निर्देश दिए।
जिलाधिकारी ने सम्बंधित विभागीय अधिकारियों को निर्देश दिए कि स्वास्थ्य कार्यक्रमों के क्रियान्वयन में लापरवाही न बरती जाए, बच्चों एवं गर्भवती महिलाओं का टीकाकरण, बच्चों में कुपोषण के स्थिति की जांच आदि की विभागीय स्तर पर नियमित समीक्षा होती रहे। उन्होंने जननी सुरक्षा योजना के ग्रामीण स्तर पर कार्यरत स्वास्थ्य कार्यकत्रियों जैसे-आशा एवं ए0एन0एम0 की कार्य प्रणाली, संस्थागत प्रसव आदि से सम्बंधित चिकित्साधिकारियों को निर्देशित किया कि स्वास्थ्य विभाग द्वारा संचालित जितनी भी सेवाओं/योजनाओं की अच्छे से मॉनिटरिंग की जाए। जिलाधिकारी ने शासन की मंशा के अनुरूप उपस्थित सभी चिकित्सकों को निर्देशित किया कि सरकारी चिकित्सक के रूप में तैनाती के बावजूद यदि किसी चिकित्सक के द्वारा प्राइवेट प्रैक्टिस अथवा निजी चिकित्सालयों से सम्बद्वता पायी जायेगी तो सम्बंधित के विरूद्व कार्यवाही करने की संस्तुति कर दी जायेगी।