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24 अगस्त 2026

युवाओं में बढ़ रहे काफी तेजी से दिल के दौरे, हार्ट अटैक से हर साल हो रही 28 हजार लोगों की मौत

सिद्धार्थनगर: जो युवा होते हैं वह कभी बीमार नहीं पड़ते। क्योंकि वह भागदौड़ करते रहते हैं, एक्सरसाइज कर रहे होते हैं। पर ऐसा नहीं है। युवाओं को भी बहुत सी बीमारियां होने के चांस रहते हैं और ज्यादातर उ…

युवाओं में बढ़ रहे काफी तेजी से दिल के दौरे, हार्ट अटैक से हर साल हो रही 28 हजार लोगों की मौत
युवाओं में बढ़ रहे काफी तेजी से दिल के दौरे, हार्ट अटैक से हर साल हो रही 28 हजार लोगों की मौत | फ़ोटो: TVL News

सिद्धार्थनगर: जो युवा होते हैं वह कभी बीमार नहीं पड़ते। क्योंकि वह भागदौड़ करते रहते हैं, एक्सरसाइज कर रहे होते हैं। पर ऐसा नहीं है। युवाओं को भी बहुत सी बीमारियां होने के चांस रहते हैं और ज्यादातर उनकी लापरवाही के चलते वह बीमार होते हैं। सिद्धार्थनगर के विश्व विख्यात होम्योपैथी चिकित्सक डॉक्टर भास्कर शर्मा ने कहां कि आंकड़ों पर नजर डालें तो पिछले एक दशक में केवल भारत में 2.40 लाख से ज्‍यादा लोगों की मौत हो चुकी हैl


आंकड़ों के मुताबिक, वर्ष 2014 से 2017 के बीच 82,289 लोगों की मौत हार्ट अटैक से हुई है,यानी हर वर्ष औसतन 20 हजार मौतें हार्ट अटैक से हुईंl 2018 से 2021 के बीच हार्ट अटैक से 1,10,898 लोगों की मौत हुई हैl  2019, 2020 और 2021 में तो हार्ट अटैक से 28 हजार से ज्‍यादा मौतें हुई हैंl 2021 के आंकड़ों पर नजर डालें तो हार्ट अटैक से सबसे ज्‍यादा मौतें 45 से 59 वर्ष की उम्र में हुई हैंl इस आयुवर्ग के 11,190 लोगों की मौतें हार्ट अटैक से हुई हैंl 



हार्ट अटैक से जुड़े ये आंकड़े भी चौंकाते हैं कि ज्‍यादातर पुरुष ही हार्ट अटैक के शिकार होते हैं l 2021 में हार्ट अटैक से 24,510 पुरुषों की मौत हुई हैं, जबकि 3,936 महिलाओं की मौत हुई हैंl इस समय युवाओं में दिल के दौरे पड़ने के मामले काफी तेजी से बढ़ रहे हैं  l 



डॉक्टर भास्कर शर्मा ने कहा कि डब्ल्यूएचओ के अनुसार, भारत में 40-69 साल के आयु वर्ग में होने वाली मौतों में से 45% मामले दिल की बीमारियों के होते हैंllडॉक्टर भास्कर शर्मा ने कहा कि, यूरोपीय लोगों की तुलना में भारतीयों को दिल की बीमारियाँ जीवन में कम से कम एक दशक पहले प्रभावित करती हैंl वास्तव में, दिल की बीमारियों की वजह से भारत में संभावित कामकाजी वर्षों का सबसे ज्यादा नुकसान हो रहा है. कामकाजी वर्षों के नुकसान से जुड़े आंकड़ें बताते हैं कि साल 2000 में यह आंकड़ा 9.2 मिलियन साल का था जिसके 2030 तक दोगुना होकर 17.9 मिलियन साल होने की उम्मीद हैl


lडॉक्टर भास्कर शर्मा ने कहा कि युवा शिकार इसलिए हो रहे है कि एक तो भारतीयों में हृदय रोग होने की आनुवांशिक प्रवृति  अधिक होती है। दूसरी चीज कि हमारे देश में युवाओं की लाइफस्टाइल में हो रहे बदलाव से टाइप-2 डायबिटीज, मोटापा, हाई ब्लड प्रेशर और खराब कोलेस्ट्रॉल जैसी बीमारियां बेहद तेजी से बढ़ रही हैं. ये बीमारियाँ हार्ट अटैक के खतरे को और बढ़ाती हैंl 



डॉक्टर भास्कर शर्मा ने यह भी कहा कि अटैक होने से कई दिन पहले से ही आपके शरीर में सीने में भारीपन महसूस होना,सीने में दर्द होना,गले, जबड़े, पेट या कमर के ऊपरी हिस्से में दर्द होना, सीने में खिंचाव या जलन महसूस होना,किसी एक बांह या दोनों बांहों में दर्द होना,सांस फूलना आदि शुरुआती लक्षण देखने को मिलते हैं l डॉक्टर भास्कर शर्मा ने कहा कि युवाओं को बेहतर होगा कि साल में या दो साल में कम से कम एक बार कार्डियक स्क्रीनिंग से जुड़े टेस्ट जैसे कि ईसीजी, इकोकार्डियोग्राम, स्ट्रेस टेस्ट, कार्डियक सीटी या ट्राईग्लिसराइड  और ब्लड शुगर टेस्ट, होमोसिस्टीन आदि टेस्ट ज़रूर करवाएंl


डॉक्टर भास्कर शर्मा ने कहा कि दिल का दौरा पड़ने से बचाव के लिए धूम्रपान छोड़ने,कोलेस्ट्रॉल के स्तर की जांच और नियंत्रण रखें,रक्तचाप के स्तर को नियंत्रित करें,व्यायाम करें और शारीरिक रूप से फिट रहें,अतिरिक्त वजन कम करें,उचित नींद लें,तनाव का प्रबंधन करो,ब्लड शुगर लेवल को नियंत्रित रखेंl



रिपोर्ट- सत्येन्द्र उपाध्याय


tvlnews

TVL News (TheViralLines) के संवाददाता। यह रिपोर्ट स्थानीय स्रोतों और उपलब्ध आधिकारिक जानकारी की पुष्टि के बाद प्रकाशित की गई है। किसी तथ्य में सुधार के लिए संपर्क करें या +91 99996 56869 पर WhatsApp करें।

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यह रिपोर्ट 23 दिसंबर 2022 को TVL News पर प्रकाशित हुई और 10 मई 2025 को अपडेट की गई। नई जानकारी मिलने पर खबर को अपडेट किया जाता है।

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