टोक्यो: टोक्यो पैरालंपिक में सोमवार का दिन भारत के लिए बेहद शानदार रहा। भारतीय निशानेबाज अवनि लेखरा ने निशानेबाजी में गोल्ड जीताकर दिन की अच्छी शुरुआत की। अवनि लेखरा के गोल्ड मेडल के बाद अब पुरुषों की डिस्कस थ्रो की F56 स्पर्धा में योगेश कठुनिया ने सिल्वर मेडल जीत इतिहास रच दिया है| टोक्यो पैरालंपिक में योगेश कठुनिया ने डिस्कस थ्रो में सिल्वर मेडल जीता| कठुनिया ने 44.43 मीटर की दूरी तक चक्का फेंककर भारत को टोक्यो पैरालंपिक का उसका चौथा मेडल दिलाया|
जापान के टोक्यो में डिस्कस थ्रो में सिल्वर मेडल जीतने वाले खिलाड़ी योगेश कठुनिया ने कहा,''मैंने सिल्वर मेडल जीता है, मुझे बहुत अच्छा लग रहा। मैं अपनी माँ और PCI(पैरालंपिक कमेटी ऑफ इंडिया) को धन्यवाद करना चाहता हूं|
योगेश कठुनिया हरियाणा के बहादुरगढ़ के रहने वाले हैं और इस जीत के बाद उनके घर पर जश्न का माहौल है| इस से पहले भारत के एथलीटों ने कल दो सिल्वर मेडल अपने नाम किए थे| भारत के एक अन्य पैरा एथलीट विनोद कुमार ने भी कल डिस्क्स थ्रो के F52 कैटेगरी में ब्रॉन्ज मेडल जीता था, लेकिन उनका रिजल्ट अभी होल्ड पर रखा गया है|
हरियाणा: टोक्यो पैरालंपिक में डिस्कस थ्रो में सिल्वर मेडल जीतने वाले खिलाड़ी योगेश कठुनिया के घर बहादुरगढ़ में जश्न मनाया गया।
बहादुरगढ़ (हरियाणा) टोक्यो पैरालंपिक में डिस्कस थ्रो में सिल्वर मेडल जीतने वाले खिलाड़ी योगेश कठुनिया की मां मीना देवी ने कहा,''सिल्वर मेडल ही मेरे लिए गोल्ड मेडल है। देश के लिए गोल्ड मेडल लाना बड़ी बात है। तीन साल तक वह व्हीलचेयर में रहा। मेहनत के लिए वह कभी पीछे नहीं हटता है|