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26 अगस्त 2026

लोकतंत्र को कुचलने में लगी है भाजपा , नए-नए कानून थोपकर विपक्ष की आवाज को दबाने की हो रही साजिशें : अखिलेश यादव

लखनऊ: समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने कहा है कि भारत के इतिहास में आज ही के दिन 25 जून 1975 को देशभर में आपातकाल लगाने की घोषणा हुई थी| आज उत्तर प्रदेश में व…

लोकतंत्र को कुचलने में लगी है भाजपा , नए-नए कानून थोपकर विपक्ष की आवाज को दबाने की हो रही साजिशें : अखिलेश यादव
लोकतंत्र को कुचलने में लगी है भाजपा , नए-नए कानून थोपकर विपक्ष की आवाज को दबाने की हो रही साजिशें : अखिलेश यादव | फ़ोटो: TVL News

लखनऊ: समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने कहा है कि भारत के इतिहास में आज ही के दिन  25 जून 1975 को देशभर में आपातकाल लगाने की घोषणा हुई थी| आज उत्तर प्रदेश में वैसी ही कुछ आपातकाल परिस्थितियों का संकेत मिल रहा है। जबसे भाजपा की डबल इंजन सरकार बनी है वह लोकतंत्र को कुचलने में लगी है। किसान, नौजवान, दलित, वंचित सभी तो बदहाली में जी रहे हैं। नए-नए कानून थोपकर विपक्ष की आवाज को दबाने की साजिशें हो रही हैं। भाजपा लोकतंत्र को कुचलने में लगी है।




अखिलेश यादव ने कहा है कि,''आज फिर वैसी ही स्थितियां पैदा होती दिख रही हैं। भाजपा सरकार के कार्यकाल में संवैधानिक संस्थाओं की विश्वसनीयता पर आंच आई है। समाज में भय और अराजकता का वातावरण है।1942 में स्वतंत्रता आंदोलन के संघर्ष से निकले विचार को समाजवादियों ने आगे बढ़ाया। समाजवादी विचारधारा से प्रशिक्षित नौजवानों ने आपातकाल के दौर का डटकर सामना किया। जिसके कारण भारत में लोकतंत्र बचा रह सका।  



अखिलेश यादव ने कहा है कि,''आपातकाल में उत्तर प्रदेश में लोकतंत्र को बचाने के संघर्ष में जिनकी भागीदारी थी उनको सम्मानित करने का काम समाजवादी सरकार ने ही किया है। अखिलेश यादव ने अपने मुख्यमंत्रित्वकाल में लोकतंत्र रक्षक सेनानियों को प्रतिमाह 15 हजार रुपए की पेंशन स्वीकृत कर उनके सम्मानपूर्ण जीवन निर्वहन की व्यवस्था की। राजकीय वाहनों से यात्रा, अपने साथ एक सहयोगी रखने, निःशुल्क चिकित्सा के साथ मरणोपरांत राजकीय सम्मान के साथ अंत्येष्टि का भी प्रावधान किया गया और यह सब लोकतंत्र रक्षण अधिनियम बनाकर सुनिश्चित किया है। 



अखिलेश यादव ने कहा है कि,''समाजवादी पार्टी अपने जन्म से ही लोकतंत्र, समाजवाद और नागरिक अधिकारों की सुरक्षा के लिए प्रतिबद्ध है। अन्याय के विरुद्ध वह सतत संघर्षरत रही है। भाजपा के अन्याय के सामने समाजवादी झुकने वाले नहीं है। जनता ने भाजपा की दंभी चुनौती स्वीकार की है। स्वतंत्रता आंदोलन की विरासत को बचाने के लिए जहां समाजवादी आज भी सक्रिय हैं वहीं भाजपाई राष्ट्रीय संघर्ष के मूल्यों का तिरस्कार करने पर उतारू हैं। देश में अघोषित आपातकाल के कारण संवैधानिक संस्थाओं की विश्वसनीयता कमजोर हो रही है। जागरूक जनता संविधान को बचाने के लिए प्रतिबद्ध है। 2022 में उत्तर प्रदेश का आम जनमानस भाजपा की विदाई के लिए संकल्पित है। जनता की जागरूकता से ही संविधान की रक्षा होगी।







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TVL News (TheViralLines) के संवाददाता। यह रिपोर्ट स्थानीय स्रोतों और उपलब्ध आधिकारिक जानकारी की पुष्टि के बाद प्रकाशित की गई है। किसी तथ्य में सुधार के लिए संपर्क करें या +91 99996 56869 पर WhatsApp करें।

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