लखनऊ: इलाहाबाद हाई कोर्ट ने यूपी पंचायत चुनाव में ड्यूटी के दौरान कोरोना संक्रमण की वजह से हुई मौतों के मामले में राज्य सरकार की तरफ से घोषित मुआवजे को नाकाफी बताया है| कोर्ट ने राज्य चुनाव आयोग और यूपी सरकार से मृतक कर्मचारियों के परिजनों को एक-एक करोड़ रुपये का मुआवजा देने पर पुनर्विचार करने का निर्देश दिया है|
इलाहाबाद हाई कोर्ट के यूपी पंचायत चुनाव के दौरान कोरोना संक्रमण की वजह से जान गंवाने वाले कर्मचारियों के परिजनों को एक-एक करोड़ रुपये का मुआवजा देने के निर्देश पर समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने भाजपा सरकार पर निशाना साधते हुए ने कहा,''भाजपा सरकार की गलती का ख़ामियाज़ा सरकारी कर्मचारी व जनता अपनी जान देकर क्यों भुगते।
पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने ट्वीट किया,'' उप्र की भाजपा सरकार इलाहाबाद हाई कोर्ट के निर्देशानुरूप, पंचायत चुनाव ड्यूटी में जिन शिक्षकों, अधिकारियों व कर्मचारियों की मृत्यु कोरोना से हुई है, उनके परिजनों को तत्काल 1 करोड़ का मुआवज़ा दे। भाजपा सरकार की गलती का ख़ामियाज़ा सरकारीकर्मी व जनता अपनी जान देकर क्यों भुगते।
इससे पहले अखिलेश यादव ने कहा है कि, प्रदेश की भाजपा सरकार अपनी नाकामी के लिए विपक्ष को ज़िम्मेदार ठहराना बंद करके ऑक्सीजन, बेड, दवाई का इंतज़ाम करे। अगर सपा के समय बनी स्वास्थ्य व अन्य संरचनाओं का सदुपयोग सरकार करे तो प्रदेशवासियों की जान बचाई जा सकती है। अहंकारी भाजपा राजनीतिक दोषारोपण की जगह जनहित में काम करे।
अखिलेश यादव ने कहा कि,''भाजपा सरकार शीघ्र सभी को फ़्री वैक्सीन देने का ऐलान करे व हवाई बातें छोड़कर बताए कि वैक्सीन लगाने की सरकार के पास क्या ठोस योजना है व किस तारीख़ तक ये काम पूरा होगा। अस्पताल को एक खास रंग के ग़ुब्बारों से सजाकर उसका भाजपाईकरण व वैक्सीनेशन को प्रचार का माध्यम बनाना तुरंत बंद हो।