उत्तर प्रदेश में मत्स्य पालकों को उनकी बेटियों के विवाह के लिए 51 हजार रुपये की आर्थिक सहायता दी जाएगी।
इसके तहत 35,000 रुपये कन्या के खाते में भेजे जाएंगे, और विवाह के अन्य खर्च जैसे कपड़े, जेवर, और बर्तन के लिए 16,000 रुपये दिए जाएंगे।
यह सहायता दो लाख रुपये से कम आय वाले दो मत्स्य पालकों को दी जाएगी, जो कम से कम एक वर्ष से मत्स्य पालन से जीविका चला रहे हैं।
प्रमुख सचिव के. रविंद्र नायर ने इस योजना के दिशा-निर्देशों की स्वीकृति राज्यपाल से प्राप्त होने की जानकारी दी है।
गरीब बेटियों के सामूहिक विवाह के लिए एक बार फिर ऑनलाइन आवेदन मांगे गए हैं। मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना के तहत इस वर्ष कुल 1222 का लक्ष्य है।
इसमें पिछले साल 445 बेटियों को योजना का लाभ मिल चुका है। बाकी के 777 के लिए आवदेन मांगे गए हैं।
जिला समाज कल्याण अधिकारी नागेन्द्र कुमार मौर्य ने बताया कि अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति, अन्य पिछड़ा वर्ग, अल्पसंख्यक वर्ग एवं सामान्य वर्ग के गरीब बेटियों की शादी के लिए मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह के तहत एक वित्त वर्ष 1222 का लक्ष्य मिला है।
इनमें से पिछले साल दिसंबर तक 445 बेटियों को लाभ मिल चुका है। बाकी के 777 के लिए ऑनलाइन आवेदन भरे जाने की प्रक्रिया एक बार फिर शुरू गई है। गरीब बेटियों के अभिभावक विभाग की वेबसाइट पर ऑनलाइन आवेदन कर सकते है।
विवाह से एक सप्ताह पहले करना होगा आवेदन
योजना का लाभ लेने के लिए एक सप्ताह पहले आवेदन करना होगा। आवेदक के परिवार की वार्षिक आय दो लाख रुपये से कम होनी चाहिए।
विवाह के लिए कन्या की आयु 18 वर्ष व वर की आयु 21 वर्ष से कम नहीं होनी चाहिए। निराश्रित महिला व कानूनी रूप से तलाकशुदा महिला भी आवेदन के लिए पात्र होगी।
आरक्षित वर्ग को जाति प्रमाण पत्र सहित जन्म प्रमाण पत्र, मतदाता प्रमाण पत्र व मनरेगा जॉब कार्ड होना अनिवार्य है। दिव्यांगजन आवेदकों को प्राथमिकता दी जायेगी।
ये मिलेगा लाभ
इस योजना के प्रति जोड़ा 51 हजार रुपये की आर्थिक मदद दी जाएगी। इसमें 35 हजार रुपये कन्या के बैंक खाते में, 10 हजार रुपये विवाह के दौरान उपहार सामग्री और छह हजार रुपये कार्यक्रम के आयोजन पर खर्च किया जाएगा।