भरतपुर के डीग तहसील में एक अनोखी प्रेम कहानी ने सबका ध्यान खींचा है।
प्यार में सब कुछ जायज होने की मिसाल पेश करते हुए एक महिला ने अपने प्यार को पाने के लिए जेंडर चेंज करवा लिया।
सरकारी स्कूल की शारीरिक शिक्षिका मीरा ने अपने ही स्कूल की छात्रा कल्पना से प्यार किया।
यह प्यार इतना गहरा था कि मीरा ने जेंडर चेंज करवाकर खुद को लड़का बना लिया और दो दिन पहले अपनी छात्रा कल्पना से शादी कर ली।
मीरा, जो अब आरव बन चुकी हैं, ने बताया कि वे सरकारी स्कूल में शारीरिक शिक्षक हैं। कल्पना, जो स्कूल की एक होनहार खिलाड़ी थीं,
से उनके प्रेम की शुरुआत खेल-कूद के दौरान हुई। मीरा को हमेशा यह महसूस होता था
कि वे लड़की के रूप में जन्मीं, लेकिन अंदर से खुद को लड़का मानती थीं।
इस आत्म-संवेदनशीलता के चलते उन्होंने जेंडर चेंज का फैसला किया और अपने प्यार को हासिल करने के लिए यह साहसी कदम उठाया।
कल्पना ने अपनी शादी को लेकर खुशी जताते हुए कहा कि मीरा, जो अब आरव बन चुकी हैं,
उनकी स्कूल की शारीरिक शिक्षिका थीं। दोनों के बीच गहरा प्यार था और इस प्रेम को निभाने के लिए उन्होंने शादी करने का फैसला लिया।
खास बात यह है कि इस शादी में दोनों परिवारों की रजामंदी शामिल थी, जिससे शादी पूरे रीति-रिवाजों और गाजे-बाजों के साथ संपन्न हुई।
शादी में स्थानीय रस्मों को निभाया गया, और यह समारोह दोनों परिवारों के लिए बेहद खुशी का पल साबित हुआ।
भरतपुर के डीग तहसील में हुई इस शादी ने यह साबित किया कि प्यार सामाजिक सीमाओं और परंपराओं से परे होता है।
आरव और कल्पना की यह प्रेम कहानी साहस, स्वीकृति और समाज में बदलाव की अनोखी मिसाल है।