लखनऊ : रिटायर्ड आईएएस अधिकारी सूर्य प्रताप सिंह के खिलाफ उन्नाव में फआईआर दर्ज की गई है| उन्नाव सदर कोतवाली पुलिस ने रिटायर्ड आईएएस अधिकारी सूर्य प्रताप के एक ट्वीट का संज्ञान लिया है| सदर कोतवाली में रिटायर्ड आईएएस अधिकारी पर महामारी एक्ट, आपदा प्रबंधन एक्ट व आईटी एक्ट में मुकदमा दर्ज किया गया है|
एफआईआर दर्ज होने के बाद सूर्य प्रताप सिंह ने कई ट्वीट किए हैं| एक ट्वीट में लिखा है कि,''नमस्कार! मैं उत्तरप्रदेश का सबसे बड़ा अपराधी सूर्यप्रताप सिंह बोल रहा हूँ। मेरा अपराध है की मैंने जनता के लिए बेड, आक्सीजन और दवाइयों की माँग की.. मेरा अपराध है की मैंने जनता के शवों का सम्मान से अंतिम संस्कार करने की माँग की.. दो मिनट मेरी बात जरूर सुनें सरकार।
सूर्य प्रताप सिंह ने कहा,''जल्द ही मुझे हिस्ट्रीशीटर घोषित कर मुझपर 50 हज़ार का इनाम रख दिया जाए। वैसे ट्वीट करने से अगर ‘छवि की हत्या’ हो रही हो तो 302 के तहत मुझपर हत्या का मुक़दमा भी चलाया जा सकता है। संविधान की कठोरतम धाराएँ लगाइए, क्रूरता में किसी प्रकार की कमी ना रह जाए।
सूर्य प्रताप सिंह ने कहा ,''माँ गंगा में तैरते 2000 शवों पर सरकार का जवाब - FIR| माँ गंगा भी तुम्हें माफ नहीं करेंगी याद रखना।
सूर्य प्रताप सिंह ने कहा,''आज उन्नाव में मेरे ऊपर गंभीर धाराओं में एक और मुक़दमा दर्ज कर दिया गया है। उन्नाव पुलिस का कहना है की ‘तैरती लाशों’ पर मेरे द्वारा किया गया ट्वीट भ्रामक है। योगी जी ने दो दिन में लगातार दो ‘मुक़दमे’ तोहफ़े में दिए हैं। ये ‘यूपी मॉडल’ की पोल खोलने का इनाम है।
धारा 153, 465, 505, 21, 54 और IT Act 67 के तहत मेरे ऊपर उन्नाव पुलिस ने मुक़दमा लिख दिया है। क्या उन्नाव में कोई लाशें नहीं तैर रही? क्या मुझपर मुक़दमा कर देने से सच बदल जाएगा?