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20 सितंबर 2026

Kanwar Yatra 2021: उत्तराखंड के बाद यूपी सरकार ने भी रद्द की कांवड़ यात्रा

लखनऊ: उत्तर प्रदेश में कोविड-19 के मद्देनजर कांवड़ यात्रा रद्द कर दी गई है| उत्तर प्रदेश सरकार ने कहा,''कोरोना संक्रमण को देखते हुए उत्तर प्रदेश सरकार ने कांवड़ यात्रा को रद्द करने का फ़ैसला किया है|…

Kanwar Yatra 2021: उत्तराखंड के बाद यूपी सरकार ने भी रद्द की कांवड़ यात्रा
Kanwar Yatra 2021: उत्तराखंड के बाद यूपी सरकार ने भी रद्द की कांवड़ यात्रा | फ़ोटो: TVL News

लखनऊ:  उत्तर प्रदेश में कोविड-19 के मद्देनजर कांवड़ यात्रा रद्द कर दी गई है| उत्तर प्रदेश सरकार ने कहा,''कोरोना संक्रमण को देखते हुए उत्तर प्रदेश सरकार ने कांवड़ यात्रा को रद्द करने का फ़ैसला किया है| बता दें कि,''उत्तराखंड सरकार ने पहले ही कोविड महामारी के चलते इस साल होने वाली कांवड़ यात्रा को रद्द कर दिया था| ''उत्तराखंड सरकार ने कहा था ,''कोरोना महामारी, प्रदेश में डेल्टा प्लस वेरियंट की पुष्टि होने और तीसरी लहर की आशंका के मद्देनजर कांवड़ यात्रा को स्थगित करने का निर्णय लिया है।



शनिवार को अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष महंत नरेंद्र गिरि ने कहा,''तीसरी लहर आने की संभावना को देखते हुए कांवड़ यात्रा स्थगित करना ही ठीक है। शिव भक्तों से मेरा निवेदन है कि आप अपने गांव के शिवालयों में गंगाजल का अभिषेक करें या फिर अपने घरों में शिवलिंग की स्थापना करके गंगाजल का अभिषेक करें|




आज यानी शनिवार को उत्तराखंड सरकार की ओर से कांवड़ यात्रा स्थगित करने के बाद हरिद्वार पुलिस ने कांवड़ियों को राज्य में प्रवेश करने से रोकने के लिए राज्य की सीमाओं पर पुलिस की क्विक रिएक्शन टीम (क्यूआरटी) तैनात की जाएगी। साथ ही हरिद्वार में कांवड़ बाजार पर भी रोक लगा दी गई है।वहीँ उत्तराखंड के मुख्यमंत्री के अपर मुख्य सचिव ने कहा,''कांवड़ मेले के दौरान अगर राज्यों से गंगाजल लाने की मांग होगी तो हम पूरा सहयोग करेंगे। पानी के टैंकरों के माध्यम से हरिद्वार से गंगाजल ले जाने की अनुमति मिलेगी|





गौरतलब है कि,''16 जुलाई, 2021 को सुप्रीम कोर्ट ने उत्तर प्रदेश सरकार से कांवड़ यात्रा को अनुमति देने के अपने फैसले पर पुनर्विचार करने को कहा था। सुप्रीम कोर्ट ने उत्तर प्रदेश सरकार से सोमवार (19 जुलाई, 2021 को) को अपने फैसले से कोर्ट को अवगत कराने को कहा, नहीं तो कोर्ट आदेश जारी कर देगा।



उत्तर प्रदेश सरकार ने SC को बताया था कि उसने उपयुक्त COVID-19 प्रतिबंधों के साथ "प्रतीकात्मक" कांवर यात्रा आयोजित करने का निर्णय लिया है| हालांकि सुप्रीम कोर्ट इससे सहमत नहीं दिखा। सुप्रीम कोर्ट ने कोविड के कारण राज्य में 'प्रतीकात्मक' कांवर यात्रा भी नहीं आयोजित करने पर उत्तर प्रदेश सरकार से 19 जुलाई तक जवाब मांगा|SC का कहना था कि जीवन का अधिकार सर्वोपरि है|



जस्टिस रोहिंगटन एफ नारिमन की पीठ ने कहा था कि महामारी देश के सभी नागरिकों को प्रभावित करती है, शारीरिक यात्रा की अनुमति नहीं दी जा सकती। प्रथम दृष्टया हमारा विचार है कि यह प्रत्येक नागरिक से संबंधित मामला है और धार्मिक सहित अन्य सभी भावनाएं नागरिकों के जीवन के अधिकार के अधीन हैं। सुप्रीम कोर्ट ने यूपी सरकार को सोमवार तक अपना विचार रखने का समय दिया है।



केंद्र ने सुप्रीम कोर्ट से कहा था कि टैंकर चिन्हित/निर्धारित स्थानों पर उपलब्ध हों ताकि आस-पास के भक्त 'गंगा जल' को इकट्ठा कर सकें और अपने नजदीकी शिव मंदिरों में 'अभिषेक' कर सकें। इस दौरान राज्य सरकारों को सुनिश्चित करना चाहिए कि कोरोना नियमों का पालन किया जाए।




tvlnews

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यह रिपोर्ट 17 जुलाई 2021 को TVL News पर प्रकाशित हुई और 20 सितंबर 2026 को अपडेट की गई। नई जानकारी मिलने पर खबर को अपडेट किया जाता है।

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