लखनऊ: उत्तर प्रदेश के आगरा में एक निजी अस्पताल में 'ऑक्सीजन मॉक ड्रिल' के दौरान कई मरीजों की मौत होने का आरोप लगा था| कोरोना की दूसरी लहर के दौरान इस अस्पताल के मालिक का एक ऑडियो भी वायरल हुआ था, जिसमें वो कथित रूप से कहते हैं कि 27 अप्रैल को उन्होंने पांच मिनट के लिए ऑक्सीजन सप्लाई बंद कर दी थी| इससे 22 लोगों की मौत होने का दावा किया गया था| हालांकि, यूपी सरकार ने अपनी जांच में अस्पताल को क्लीन चिट दे दी है|
आगरा के श्रीपारस अस्पताल को क्लीन चिट मिलने के मामले में कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी ने शनिवार को यूपी सरकार पर निशाना साधा है| कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी ने अस्पताल को मिले क्लीन चिट पर सवाल खड़े किए हैं| उन्होंने कहा है कि मरीजों के परिजनों की गुहार को अनसुना कर सरकार ने न्याय की उम्मीद को तोड़ दिया।
कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी ने ट्वीट किया,''विडंबना देखिए खबरों के अनुसार- आगरा में अस्पताल ने मरीजों की ऑक्सीजन बंद करके "मॉकड्रिल" की और भाजपा सरकार ने क्लीन चिट देकर इंक्वायरी की "मॉकड्रिल" कर दी।
उन्होंने कहा कि,''सरकार और अस्पताल: दोनों का रास्ता साफ। प्रियंका गांधी ने कहा,'मरीजों के परिजनों की गुहार को अनसुना कर सरकार ने न्याय की उम्मीद को तोड़ दिया। कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी एक खबर को शेयर किया है, जिसमें श्रीपारस अस्पताल को मिली क्लीन चिट को लेकर जांच कमेटी पर सवाल उठने की बात लिखी गई है|
समाजवादी पार्टी ने भी आगरा के श्रीपारस अस्पताल को मिले क्लीन चिट पर सवाल खड़े किए हैं| अस्पताल को क्लीन चिट मिलने पर समाजवादी पार्टी ने अपने आधिकारिक ट्विटर हैंडल से ट्वीट किया,'',आरोपियों के बयानों के आधार पर। मृतकों के परिजनों से बिना बात किए। वीडियो की वैधता की जांच करे बगैर। अस्पताल प्रशासन के बयान पर, रिपोर्ट बना 16 मरीजों की मौत की पुष्टि करते हुए आगरा के पारस अस्पताल को क्लीन चिट देना जालिम हुक्मरानों का एक और "कत्लेआम" है। जनता नहीं करेगी माफ|
बता दें कि यूपी सरकार ने जांच के बाद श्रीपारस अस्पताल को क्लीन चिट दे दी है| सरकार ने आगरा के श्री पारस अस्पताल में 16 मरीजों की मौत के बाद जांच के आदेश दिए थे| जांच रिपोर्ट में कहा गया है 'मॉक ड्रिल की वजह से मरीजों की मौत नहीं हुई थी| कमेटी ने कहा कि 16 में से 14 मरीजों को कोमोर्बिडिटी थी| बाकी दो मरीजों में HRCT सीवियर्टी स्कोर (फेफड़ों में संक्रमण) और इंफ्लेमेटरी इंडिकेटर ज्यादा थे|