लखनऊ: सीएम योगी आदित्यनाथ ने कहा ,''कोरोना जैसी वैश्विक महामारी के विरुद्ध लड़ाई जारी है। ऐसे में जे.ई., ए.ई.एस. तथा अन्य संचारी व विषाणु जनित रोगों के दृष्टिगत किसी भी प्रकार की लापरवाही न बरती जाए| इंसेफेलाइटिस, मलेरिया, डेंगू, चिकनगुनिया, कालाजार, डायरिया आदि संचारी रोगों से जुडे़ मामलों की आशंका को देखते हुए प्रत्येक जनपद में अन्तर्विभागीय समन्वय से युद्धस्तर पर अभियान को आगे बढ़ाया जाए|' विशेष संचारी रोग नियंत्रण अभियान’ प्रदेश में 01 से 31 जुलाई, 2021 तक संचालित किया जाएगा।
मुख्यमंत्री ने जे.ई., ए.ई.एस. से प्रभावित सभी जनपदों के अधिकारियों को निर्देशित किया है कि आगामी 01 जुलाई से पहले संचारी रोग नियंत्रण के सम्बन्ध में जिला स्तर पर बैठक कर सभी आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित करें। सभी जनपदों में PICU व NICU वाॅर्ड में बेड्स की पर्याप्त व्यवस्था की जाए। साप्ताहिक बन्दी के दौरान स्वच्छता, सैनिटाइजेशन व फाॅगिंग का कार्य यथावत संचालित किया जाए। तालाबों में एंटी लार्वा का छिड़काव व कूड़े का निस्तारण ठीक ढंग से किया जाए|
मुख्यमंत्री ने कहा है कि UP Govt द्वारा एक प्रतिस्पर्धा शुरू की जाएगी कि जिस जनपद में कोरोना का एक भी सक्रिय मामला लगातार एक सप्ताह तक नहीं मिलता है, उस जनपद को स्वास्थ्य विभाग द्वारा पुरस्कृत किया जाएगा। निगरानी समितियां डोर-टू-डोर सर्वे करें और यदि कोई बच्चा बुखार आदि से ग्रसित है, तो उसे मेडिसिन किट उपलब्ध कराएं, साथ ही महिलाओं व कुपोषित बच्चों को पुष्टाहार उपलब्ध कराया जाए। पोषण अभियान के सफल संचालन हेतु NGO की भी सहायता ली जाए|
मुख्यमंत्री ने कहा है कि,''बेहतर ड्रेनेज व्यवस्था तथा शुद्ध पेयजल के दृष्टिगत प्रदेश में व्यापक स्तर पर कार्य किए जाने हैं, इसलिए आवश्यक है कि प्लम्बर, इलेक्ट्रीशियन, राजमिस्त्री आदि को आई.टी.आई. के माध्यम से प्रशिक्षित करने का कार्य किया जाए| प्रधानमंत्री जी ने 'स्वच्छ भारत मिशन' का जो मंत्र दिया है, वह संचारी रोगों के नियंत्रण में अत्यन्त महत्वपूर्ण है। 'स्वच्छ भारत मिशन' के तहत प्रदेश में बड़ी संख्या में शौचालयों का निर्माण कराया गया है|
उन्होंने कहा,''UP Govt द्वारा स्वच्छता, सैनिटाइजेशन, फाॅगिंग व शुद्ध पेयजल के लिए कार्य किया जा रहा है। ग्रामीण स्तर पर संचारी रोगों के नियंत्रण हेतु तालाबों की साफ-सफाई भी सुनिश्चित की जाए| कोरोना की सम्भावित तीसरी लहर की आशंका के चलते UP Govt ने चार चरणों की रणनीति तैयार की है। प्रदेश में स्वच्छता, सैनिटाइजेशन, फाॅगिंग व शुद्ध पेयजल आपूर्ति से जुड़े कार्य युद्धस्तर पर चलाए जा रहे हैं|
उन्होंने कहा,''इंसेफेलाइटिस ट्रीटमेंट हेल्थ सेंटर, PHC, CHC, जिला अस्पताल व मेडिकल काॅलेज या जहां पर भी उपचार की व्यवस्था होती है, उसकी तैयारी का निरीक्षण अवश्य किया जाए| जिस प्रकार कोविड कार्य हेतु ‘108’ एम्बुलेन्स सेवा की 75% एम्बुलेन्स डेडिकेटेड थीं, उसी प्रकार ‘102’ एम्बुलेन्स सेवा को बच्चों और महिलाओं के उपयोग में लाया जाए| संचारी रोगों के नियंत्रण हेतु व्यापक जागरूकता कार्यक्रम संचालित किए जाएं। पोस्टर, हैंडबिल, इलेक्ट्राॅनिक एवं प्रिंट मीडिया के माध्यम से भी विशेष जागरूकता अभियान चलाया जाएं|